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बाढ़ की डेढ़ घंटा पहले मिलेगी सटीक जानकारी

Fri, 20 May 2022 09:51 PM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Fri, 20 May 2022 09:51 PM IST
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Accurate information will be available one and a half hour before the flood
संवाद न्यूज एजेंसी
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न्यूली (कुल्लू)। जिला कुल्लू की दुर्गम पंचायत गाड़ापारली की सैंज नदी पर बाढ़ चेतावनी यंत्र स्थापित किया जाएगा। यह यंत्र बाढ़ आने से डेढ़ घंटे पूर्व सटीक जानकारी देगा, जिससे जानमाल का नुकसान होने से रोका जा सकेगा। इसके लिए हिमाचल प्रदेश पावर कारपोरेशन 100 मेगावाट सैंज की टीम ने सर्वे किया है।
छह सदस्यीय टीम निहारणी से 20 किलोमीटर पैदल चलकर शाक्टी पहुंची और नदी के किनारों का निरीक्षण किया। हालांकि इस सर्वे की रिपोर्ट को निदेशालय शिमला भेजा जाएगा। दुर्गम क्षेत्र सैंज में बाढ़ चेतावनी यंत्र (फ्लड वार्निंग सिस्टम) स्थापित होने से सैंज घाटी में बाढ़ से होने वाले नुकसान को कम किया जा सकेगा। यह सिस्टम मौसम की प्रभावी जानकारी प्रदान करेगा।
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एचपीपीसीएल 100 मेगावाट सैंज के वरिष्ठ प्रबंधक अनुपम पाल की अगुवाई में छह सदस्यीय टीम ने विगत वीरवार देर शाम तक शाक्टी और इसके आसपास के क्षेत्रों में सर्वे किया। अब रिपोर्ट तैयार की जा रही है। स्वीकृति मिलने के बाद कारपोरेशन सिस्टम लगाने की औपचारिकताओं को पूरा करेगा। एचपीपीसीएल के उपप्रबंधक डीके शर्मा ने कहा कि सैंज नदी में बाढ़ चेतावनी यंत्र लगाया जाएगा, जिससे बाढ़ जैसी स्थिति की पूर्व में ही सूचना मिल सकेगी। उधर, इस संबंध में वरिष्ठ प्रबंधक अनुपम पाल ने कहा कि सैंज घाटी अति दुर्गम पंचायत के शाक्टी गांव के साथ बहती नदी में ऊंचाई पर बाढ़ चेतावनी यंत्र लगाने की योजना है। ऊपरी क्षेत्र में बाढ़ जैसी स्थिति में चेतावनी यंत्र में लगे सेंसर अलार्म बजाएंगे, जिससे बाढ़ आदि की जानकारी मिल पाएगी।
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सैटेलाइट के माध्यम से मिलेगी जानकारी
एचपीपीसीएल सैंज नदी पर फ्लड वार्निंग सिस्टम स्थापित करेगा। इसका मुख्य उद्देश्य 100 मेगावाट के बांध और आसपास के क्षेत्रों की जनता व संपत्ति को सुरक्षित रखना है। बाढ़ की पूर्व सूचना न होने से बांध व क्षेत्र को भारी नुकसान हो सकता है, लेकिन इस नुकसान को कम करने के लिए एचपीपीसीएल बांध से दस किलोमीटर ऊपर शाक्टी गांव में बाढ़ चेतावनी यंत्र स्थापित करेगा, जो सैटेलाइट के माध्यम से डेढ़ घंटे पहले सटीक जानकारी देगा।
नोट: शाक्टी नदी की जगह सैंज नदी करें।
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