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Kullu News: देवी-देवताओं को राखी बांध मनाया उत्सव

Fri, 28 Aug 2026 11:38 PM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Fri, 28 Aug 2026 11:38 PM IST
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ABVP celebrated Raksha Bandhan with police personnel.
कुल्लू। रक्षाबंधन का त्योहार भाई-बहन के आपसी स्नेह और अटूट रिश्ते का प्रतीक है, लेकिन जिला कुल्लू के देव समाज में इस पर्व की अपनी विशेष आस्था और परंपरा है। यहां रक्षासूत्र केवल भाई की कलाई पर ही नहीं, बल्कि देवी-देवताओं को भी बांधा जाता है। रक्षाबंधन के दिन लोगों ने सुबह सबसे पहले अपने आराध्य देवी-देवताओं की पूजा-अर्चना की और वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ उन्हें रेशम की डोरी बांधी। इसके बाद घरों में रक्षाबंधन की रस्में निभाई गईं।
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जिले के देव समाज में रक्षाबंधन की यह परंपरा सदियों पुरानी मानी जाती है। देव नियमों और रीति-रिवाजों के अनुसार पुरोहित अपने-अपने देवी-देवताओं को रक्षासूत्र बांधते हैं। कई लोग घर के पूजा स्थल पर स्थापित देवी-देवताओं को भी राखी बांधते हैं। इसके बाद भाई-बहन एक-दूसरे की कलाई पर राखी बांधकर पर्व मनाते हैं।
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कुल्लू में एक अनूठी परंपरा यह भी है कि कुल पुरोहित घर-घर जाकर अपने यजमानों को राखी बांधते हैं। देव समाज में इसे आस्था और परंपरा से जुड़ी महत्वपूर्ण रस्म माना जाता है। बुजुर्ग वीर सिंह, दौलत राम, नोख राम और आलम चंद ने बताया कि रक्षाबंधन का पर्व पौराणिक मान्यताओं से जुड़ा है। मान्यता है कि गुरु बृहस्पति ने युद्ध में विजय के लिए देवराज इंद्र को अभिमंत्रित रक्षासूत्र भेजा था। उन्होंने कहा कि कुल्लू में देवी-देवताओं को राखी बांधने की परंपरा सदियों से चली आ रही है। संवाद
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