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बारिश-ओलावृष्टि से गुठलीदार फलों को नुकसान
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अमर उजाला ब्यूरो
कुल्लू/खराहल। जिला कुल्लू में मूसलाधार बारिश ने तबाही मचा दी है। इससे सड़कों को काफी नुकसान पहुंचा है। बागवानी और कृषि को भी भारी बारिश और ओलावृष्टि से क्षति हुई है। ऐसे में किसान और बागवान चिंतित हो गए हैं।
गुठलीदार फलों को 35 फीसदी का नुकसान बताया जा रहा है। जिला के कई क्षेत्रों में वीरवार को एकाएक ओलावृष्टि हो गई। ओलावृष्टि करीब तीन सेंटीमीटर तक होने से फसलों और फलों को नुकसान आका गया है। बागवानों का कहना है कि मैरीपोजा, सनटारोजा, रेडब्यूट, बादाम, खुमानी और आड़ू के फूलों को ओले से नुकसान हो गया है। इन फलों में फूल खिलने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। प्रगतिशील बागवाग ज्ञान ठाकुर ने बताया कि बगीचों में गुठलीदार फलों के फूल ओलावृष्टि के कारण काफी झड़ चुके हैं। ऐसे में बागवान की उम्दा फसल की उम्मीद पर पानी फिर गया है। घाटी के बागवान सुनू राम ठाकुर, चमन ठाकुर, अमित, बुद्धि प्रकाश, मुनीष सुरेश, प्रेम चंद आदि ने कहा कि क्षेत्र में ओलावृष्टि के कारण 35 फीसदी तक नुकसान हुआ है। उन्होंने कहा कि इलाके में भारी मात्रा में ओले गिर गए थे। ऐसे में गुठलीदार फलों के फूल झड़ चुके हैं। इससे फलों की सेटिंग पर नकारात्मक असर पड़ सकता है। रबी फसलों में मटर, प्याज, लहसुन और गोभी को भी कई जगहों पर ओले से नुकसान हो गया है। सदर फल एवं सब्जी उत्पादक संगठन के अध्यक्ष लाल चंद ठाकुर बताते है कि ओलावृष्टि के कारण गुठलीदार फलों को नुकसान हुआ है। ऐसे में आगामी फसल को नुकसान होने की संभावना बढ़ गई। उन्होंने सरकार से नुकसान का मुआवजा देने की मांग की है।
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कुल्लू/खराहल। जिला कुल्लू में मूसलाधार बारिश ने तबाही मचा दी है। इससे सड़कों को काफी नुकसान पहुंचा है। बागवानी और कृषि को भी भारी बारिश और ओलावृष्टि से क्षति हुई है। ऐसे में किसान और बागवान चिंतित हो गए हैं।
गुठलीदार फलों को 35 फीसदी का नुकसान बताया जा रहा है। जिला के कई क्षेत्रों में वीरवार को एकाएक ओलावृष्टि हो गई। ओलावृष्टि करीब तीन सेंटीमीटर तक होने से फसलों और फलों को नुकसान आका गया है। बागवानों का कहना है कि मैरीपोजा, सनटारोजा, रेडब्यूट, बादाम, खुमानी और आड़ू के फूलों को ओले से नुकसान हो गया है। इन फलों में फूल खिलने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। प्रगतिशील बागवाग ज्ञान ठाकुर ने बताया कि बगीचों में गुठलीदार फलों के फूल ओलावृष्टि के कारण काफी झड़ चुके हैं। ऐसे में बागवान की उम्दा फसल की उम्मीद पर पानी फिर गया है। घाटी के बागवान सुनू राम ठाकुर, चमन ठाकुर, अमित, बुद्धि प्रकाश, मुनीष सुरेश, प्रेम चंद आदि ने कहा कि क्षेत्र में ओलावृष्टि के कारण 35 फीसदी तक नुकसान हुआ है। उन्होंने कहा कि इलाके में भारी मात्रा में ओले गिर गए थे। ऐसे में गुठलीदार फलों के फूल झड़ चुके हैं। इससे फलों की सेटिंग पर नकारात्मक असर पड़ सकता है। रबी फसलों में मटर, प्याज, लहसुन और गोभी को भी कई जगहों पर ओले से नुकसान हो गया है। सदर फल एवं सब्जी उत्पादक संगठन के अध्यक्ष लाल चंद ठाकुर बताते है कि ओलावृष्टि के कारण गुठलीदार फलों को नुकसान हुआ है। ऐसे में आगामी फसल को नुकसान होने की संभावना बढ़ गई। उन्होंने सरकार से नुकसान का मुआवजा देने की मांग की है।
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