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पेयजल को लेकर हाहाकार, टैंकरों से हो रही पेयजल आपूर्ति
Updated Thu, 14 Jun 2018 06:48 PM IST
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पेयजल संकट गहराया, टैंकरों
से हो रही है पेयजल आपूर्ति
सूखाग्रस्त क्षेत्र में गांवों को दो शिफ्टों में दिया जा रहा पानी
कई बावड़ियों के सूखने से ग्रामीणों की मुश्किलें और बढ़ीं
अमर उजाला ब्यूरो
कुल्लू। सूखे से ग्रामीण क्षेत्रों में पानी को लेकर हाहाकार मचा हुआ है। लोगों को पीने के लिए पानी उपलब्ध नहीं हो पा रहा है। ऐसे में आईपीएच विभाग टैंकरों से पेयजल आपूर्ति कर रहा है। सुबह और शाम को दो शिफ्टों में टैंकरों से सूखाग्रस्त क्षेत्रों में पेयजल आपूर्ति की जा रही है। जिससे पीने के पानी को लेकर लोगों को थोड़ी राहत मिली है। प्राकृतिक जलस्रोत सूख जाने से ग्रामीणों की मुश्किलें और बढ़ गई हैं।
बताया जा रहा है कि खराहल क्षेत्र में ही आधा दर्जन पेयजल स्रोत जवाब दे गए हैं। वहीं सैंज, मणिकर्ण और बंजार में यही हाल है। खराहल में आईपीएच विभाग ने सूखे से निपटने के लिए गांवों को पानी देने के लिए रोटेशन पॉलिसी शुरू की है। वहीं भुंतर तहसील के अंतर्गत आने वाले गांव गड़सा, शौंढाधार, भड़ेउली, पचेउ, फागू, जल्लुग्रां और अप्पर चौंग आदि गांवों में टैंकर से पानी मुहैया किया जा रहा है। घाटीवासी दौलत राम ठाकुर, परस राम, त्रिलोक चंद, नानक, सोनू, संजय कुमार और तेजेंद्र कपूर ने कहा कि सूखे के कारण गांवों में पानी के लिए हाहाकार मचा हुआ है। पेयजल स्कीमों में जलस्तर घट जाने से कई गांवों को पानी उपलब्ध नहीं हो रहा है। लोगों को मीलों दूर से पानी ढोकर अपनी प्यास बुझानी पड़ रही है। आईपीएच विभाग के द्वारा पानी के टैंकरों की संख्या बढ़ाई जानी चाहिए। जिससे लोगों को परेशानियों का सामना न करना पड़े।
इधर आईपीएच विभाग के सहायक अभियंता अशोक भूपल ने कहा कि जिन क्षेत्रों में पेयजल की अधिक दिक्कत है। वहां टैंकर से पानी उपलब्ध करवाया जा रहा है। जो दो शिफ्टों में दिया जा रहा है। उन्होंने लोगों से अपील करते हुए कहा कि पानी के मोल को समझें, इसे व्यर्थ न गवाएं।
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से हो रही है पेयजल आपूर्ति
सूखाग्रस्त क्षेत्र में गांवों को दो शिफ्टों में दिया जा रहा पानी
कई बावड़ियों के सूखने से ग्रामीणों की मुश्किलें और बढ़ीं
अमर उजाला ब्यूरो
कुल्लू। सूखे से ग्रामीण क्षेत्रों में पानी को लेकर हाहाकार मचा हुआ है। लोगों को पीने के लिए पानी उपलब्ध नहीं हो पा रहा है। ऐसे में आईपीएच विभाग टैंकरों से पेयजल आपूर्ति कर रहा है। सुबह और शाम को दो शिफ्टों में टैंकरों से सूखाग्रस्त क्षेत्रों में पेयजल आपूर्ति की जा रही है। जिससे पीने के पानी को लेकर लोगों को थोड़ी राहत मिली है। प्राकृतिक जलस्रोत सूख जाने से ग्रामीणों की मुश्किलें और बढ़ गई हैं।
बताया जा रहा है कि खराहल क्षेत्र में ही आधा दर्जन पेयजल स्रोत जवाब दे गए हैं। वहीं सैंज, मणिकर्ण और बंजार में यही हाल है। खराहल में आईपीएच विभाग ने सूखे से निपटने के लिए गांवों को पानी देने के लिए रोटेशन पॉलिसी शुरू की है। वहीं भुंतर तहसील के अंतर्गत आने वाले गांव गड़सा, शौंढाधार, भड़ेउली, पचेउ, फागू, जल्लुग्रां और अप्पर चौंग आदि गांवों में टैंकर से पानी मुहैया किया जा रहा है। घाटीवासी दौलत राम ठाकुर, परस राम, त्रिलोक चंद, नानक, सोनू, संजय कुमार और तेजेंद्र कपूर ने कहा कि सूखे के कारण गांवों में पानी के लिए हाहाकार मचा हुआ है। पेयजल स्कीमों में जलस्तर घट जाने से कई गांवों को पानी उपलब्ध नहीं हो रहा है। लोगों को मीलों दूर से पानी ढोकर अपनी प्यास बुझानी पड़ रही है। आईपीएच विभाग के द्वारा पानी के टैंकरों की संख्या बढ़ाई जानी चाहिए। जिससे लोगों को परेशानियों का सामना न करना पड़े।
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इधर आईपीएच विभाग के सहायक अभियंता अशोक भूपल ने कहा कि जिन क्षेत्रों में पेयजल की अधिक दिक्कत है। वहां टैंकर से पानी उपलब्ध करवाया जा रहा है। जो दो शिफ्टों में दिया जा रहा है। उन्होंने लोगों से अपील करते हुए कहा कि पानी के मोल को समझें, इसे व्यर्थ न गवाएं।
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