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रोहतांग, कुंजुम व जलोड़ी दर्रा में गिरे बर्फ के ताजा फाहे
Updated Tue, 06 Feb 2018 07:36 PM IST
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हल्की बर्फबारी से घाटी में शीतलहर
निचले क्षेत्रों में बूंदाबांदी, नहीं मिली सूखे से निजात
मौसम की बेरुखी से बागवान-किसान परेशान
अमर उजाला ब्यूरो
कुल्लू/मनाली/कोकसर। कुल्लू और जनजातीय जिला लाहौल-स्पीति में ताजा बर्फ के फाहे गिरे। बावजूद इसके घाटी के किसान-बागवानों को सूखे से कोई राहत नहीं मिली है। मंगलवार सुबह से कुल्लू के साथ लाहौल में मौसम साफ रहा और दिनभर धूप खिली रही, लेकिन सोमवार रात को रोहतांग दर्रा, कुंजुम दर्रा और बारालाचा की पहाड़ियां बर्फ के फाहों से सफेद हो गई है।
लाहौल घाटी के सिस्सू निवासी ओम प्रकाश ने बताया कि कोकसर और सिस्सू पंचायत में सोमवार की रात हल्की बर्फबारी हुई है। जिससे घाटी के तापमान में गिरावट दर्ज की गई। हालांकि ऊझी घाटी के निचले क्षेत्रों में मात्र बूंदाबांदी होने की सूचना है लेकिन इसे कृषि व बागवानी कोई भी लाभ नहीं हुआ है। रबी की फसल जौ, गेहूं और लहसुन पीली पड़ गई है। वहीं सेब के बगीचों में कई कैंकर, वूली एफिड तथा सूली कीट ने हमला बोल दिया है। इसके अलावा बगीचों में तौलिया बनाने के साथ गड्ढे बनाने तथा गौबर व खाद डालने का कार्य भी पूरी तरह से प्रभावित चल रहा है। मौसम की बेरूखी से किसान-बागवानों की चिंता दिन प्रति दिन बढ़ती जा रही है।
इस संबंध में घाटी के बागवान कमल ठाकुर, जगदीश ठाकुर, रोहित साहसी, हेम लाल, चमन लाल, देवी सिंह, अमर सिंह तथा झाबे राम का कहना है कि सोमवार की रात को मौसम ने भले ही करवट ली लेकिन पहाड़ों में बर्फ के फाहे गिरे हैं। उधर, आरएम कुल्लू मंगल चंद मनेपा ने कहा कि जलोड़ी दर्रा में हल्की दो सेंटीमीटर बर्फ के फाहे गिरने से बसें दर्रा के आरपार नहीं हो सकी है। फिसलन के खतरे को देखते कुल्लू से बसों को सोझा तक ही भेजा गया है। एनएच के सहायक अभियंता अनिल राणा ने कहा कि एनएच-305 पर छोटे वाहनों की आवाजाही जारी है।
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निचले क्षेत्रों में बूंदाबांदी, नहीं मिली सूखे से निजात
मौसम की बेरुखी से बागवान-किसान परेशान
अमर उजाला ब्यूरो
कुल्लू/मनाली/कोकसर। कुल्लू और जनजातीय जिला लाहौल-स्पीति में ताजा बर्फ के फाहे गिरे। बावजूद इसके घाटी के किसान-बागवानों को सूखे से कोई राहत नहीं मिली है। मंगलवार सुबह से कुल्लू के साथ लाहौल में मौसम साफ रहा और दिनभर धूप खिली रही, लेकिन सोमवार रात को रोहतांग दर्रा, कुंजुम दर्रा और बारालाचा की पहाड़ियां बर्फ के फाहों से सफेद हो गई है।
लाहौल घाटी के सिस्सू निवासी ओम प्रकाश ने बताया कि कोकसर और सिस्सू पंचायत में सोमवार की रात हल्की बर्फबारी हुई है। जिससे घाटी के तापमान में गिरावट दर्ज की गई। हालांकि ऊझी घाटी के निचले क्षेत्रों में मात्र बूंदाबांदी होने की सूचना है लेकिन इसे कृषि व बागवानी कोई भी लाभ नहीं हुआ है। रबी की फसल जौ, गेहूं और लहसुन पीली पड़ गई है। वहीं सेब के बगीचों में कई कैंकर, वूली एफिड तथा सूली कीट ने हमला बोल दिया है। इसके अलावा बगीचों में तौलिया बनाने के साथ गड्ढे बनाने तथा गौबर व खाद डालने का कार्य भी पूरी तरह से प्रभावित चल रहा है। मौसम की बेरूखी से किसान-बागवानों की चिंता दिन प्रति दिन बढ़ती जा रही है।
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इस संबंध में घाटी के बागवान कमल ठाकुर, जगदीश ठाकुर, रोहित साहसी, हेम लाल, चमन लाल, देवी सिंह, अमर सिंह तथा झाबे राम का कहना है कि सोमवार की रात को मौसम ने भले ही करवट ली लेकिन पहाड़ों में बर्फ के फाहे गिरे हैं। उधर, आरएम कुल्लू मंगल चंद मनेपा ने कहा कि जलोड़ी दर्रा में हल्की दो सेंटीमीटर बर्फ के फाहे गिरने से बसें दर्रा के आरपार नहीं हो सकी है। फिसलन के खतरे को देखते कुल्लू से बसों को सोझा तक ही भेजा गया है। एनएच के सहायक अभियंता अनिल राणा ने कहा कि एनएच-305 पर छोटे वाहनों की आवाजाही जारी है।
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