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शुष्क मौसम से पर्यटन कारोबार चौपट
Updated Mon, 22 Jan 2018 07:12 PM IST
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शुष्क मौसम से पर्यटन कारोबार चौपट
1700 होटलों और 2500 टैक्सी ऑपरेटरों पर पड़ी मार
होटलियरों को ढूंढे नहीं मिल रहे पर्यटक
अमर उजाला ब्यूरो
खराहल (कुल्लू)। कुल्लू-मनाली में पर्यटन कारोबार पर भी मौसम की बेरुखी की मार पड़ने लगी है। नए साल के पहले सप्ताह तो कुल्लू-मनाली में सैलानियों की संख्या काफी अधिक थी। वहीं जनवरी माह में बर्फबारी न होने से पर्यटकों की संख्या में काफी कमी आ गई है। शुष्क मौसम के चलते वादियों के पहाड़ भी बिना बेरंग से नजर आ रहे हैं।
जनवरी माह में चारों तरह कुल्लू-मनाली की वादियां बर्फ से लकदक होती थी। लेकिन इस बार बर्फबारी न होने से तमाम कारोबार पर असर पड़ रहा है। मनाली, मणिकर्ण और कसोल में कारोबारियों को पर्यटक ढूंढे से भी नहीं मिल रहे हैं। जिसके चलते पर्यटन कारोबार भी प्रभावित हो गया है। मनाली में होटलों की ऑक्यूपेंसी 10 फीसदी से भी नीचे पहुंच चुकी है। जिसके चलते पर्यटन कारोबारियों को आर्थिक नुकसान झेलना पड़ रहा है। शुष्क मौसम में बर्फ के दीदार नहीं हो रहे है। समय रहते बर्फबारी नहीं हुई तो नुकसान और होने की संभावना जाहिर की जा रही है। ऐसे में पर्यटन से जुड़े तमाम कारोबार पर प्रतिकूल असर हो सकता है।
मौजूदा समय में 1700 होटलों के संचालकों तथा करीब ढाई हजार टैक्सी ऑपरेटरों और पैराग्लाइडिंग, सूट-बूट तथा घुड़सवारी के कारोबार पर असर पड़ रहा है। मनाली होटल एसोसिएशन के अध्यक्ष गजेंद्र ठाकुर के अनुसार जनवरी माह में बर्फबारी नहीं होने से इन दिनों होटलों की संख्या में भारी कमी दर्ज की जा रही है। उन्होंने उम्मीद जताई है कि इस सप्ताह बर्फबारी हो जाएगी तो बर्फ का लुत्फ उठाने के लिए पर्यटकों की संख्या में इजाफा होगा। इससे पर्यटन कारोबार में तेजी आने की संभावना है।
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1700 होटलों और 2500 टैक्सी ऑपरेटरों पर पड़ी मार
होटलियरों को ढूंढे नहीं मिल रहे पर्यटक
अमर उजाला ब्यूरो
खराहल (कुल्लू)। कुल्लू-मनाली में पर्यटन कारोबार पर भी मौसम की बेरुखी की मार पड़ने लगी है। नए साल के पहले सप्ताह तो कुल्लू-मनाली में सैलानियों की संख्या काफी अधिक थी। वहीं जनवरी माह में बर्फबारी न होने से पर्यटकों की संख्या में काफी कमी आ गई है। शुष्क मौसम के चलते वादियों के पहाड़ भी बिना बेरंग से नजर आ रहे हैं।
जनवरी माह में चारों तरह कुल्लू-मनाली की वादियां बर्फ से लकदक होती थी। लेकिन इस बार बर्फबारी न होने से तमाम कारोबार पर असर पड़ रहा है। मनाली, मणिकर्ण और कसोल में कारोबारियों को पर्यटक ढूंढे से भी नहीं मिल रहे हैं। जिसके चलते पर्यटन कारोबार भी प्रभावित हो गया है। मनाली में होटलों की ऑक्यूपेंसी 10 फीसदी से भी नीचे पहुंच चुकी है। जिसके चलते पर्यटन कारोबारियों को आर्थिक नुकसान झेलना पड़ रहा है। शुष्क मौसम में बर्फ के दीदार नहीं हो रहे है। समय रहते बर्फबारी नहीं हुई तो नुकसान और होने की संभावना जाहिर की जा रही है। ऐसे में पर्यटन से जुड़े तमाम कारोबार पर प्रतिकूल असर हो सकता है।
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मौजूदा समय में 1700 होटलों के संचालकों तथा करीब ढाई हजार टैक्सी ऑपरेटरों और पैराग्लाइडिंग, सूट-बूट तथा घुड़सवारी के कारोबार पर असर पड़ रहा है। मनाली होटल एसोसिएशन के अध्यक्ष गजेंद्र ठाकुर के अनुसार जनवरी माह में बर्फबारी नहीं होने से इन दिनों होटलों की संख्या में भारी कमी दर्ज की जा रही है। उन्होंने उम्मीद जताई है कि इस सप्ताह बर्फबारी हो जाएगी तो बर्फ का लुत्फ उठाने के लिए पर्यटकों की संख्या में इजाफा होगा। इससे पर्यटन कारोबार में तेजी आने की संभावना है।
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