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आदेश कॉपी का इंतजार, होटल कारोबारियों में हड़कंप
Updated Sun, 10 Dec 2017 09:20 PM IST
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kasol kullu
- फोटो : amarujala
कुल्लू। नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल की ओर से कुल्लू व मनाली के होटलों के निरीक्षण के लिए गठित पैनल के सोमवार से कार्यान्वित होने के आदेश से होटल कारोबारी असमंजस में है। हालांकि कमेटी में बतौर सदस्य सम्मिलित किए गए एसडीएम कुल्लू व मनाली को आधिकारिक तौर अभी तक इस संबंध में आदेश नहीं मिले हैं। आदेश की कॉपी मिलने का इंतजार है। जिसके बाद ही आगामी कार्रवाई अमल पर लाई जाएगी। एनजीटी के सख्त रवैये से होटल कारोबारियों में हड़कंप मचा हुआ है।
मानकों पर खरा न उतरने वाले कुल्लू और मनाली के होटलों पर जल्द शिकंजा कस सकता है। एनजीटी ने कुल्लू व मनाली के 1700 होटलों, लॉज, होम स्टे के निरीक्षण के लिए पैनल गठित की है। पैनल 25 कमरों से ऊपर वाले होटल, लॉज, होम स्टे में निरीक्षण करेगा। वन भूमि पर बने व प्रदूषण बोर्ड की सहमति के बिना वाले प्रथम श्रेणी के होटलों पर एनजीटी ने कड़ा रूख अपनाया है। इस तरह के होटल पाए जाने पर सभी विभागों से पंजीकृत कर जल्द बंद करने के आदेश दिए जाएंगे। जिससे लापरवाह होटल संचालकों व मालिकों में हड़कंप मचा हुआ है। शर्तें पूरी न करने वाले होटल संचालक व मालिक एनजीटी की ओर से गठित पैनल के निरीक्षण की खबर से सकते में है। पैनल पानी के स्रोत, ठोस कचरे के प्रबंधन, सीवेज उपचार संयंत्र, बिजली के स्रोत संबंधी एक व्यापक रिपोर्ट एनजीटी बेंच में जमा करवाएगा। होटलियर बैठक आयोजित कर लगातार मंथन कर रहे हैं। इधर, एसडीएम मनाली एचआर बेरवा व एसडीएम कुल्लू सन्नी शर्मा ने बताया कि एनजीटी द्वारा गठित पैनल संबंधी आदेश की कॉपी अभी तक नहीं मिली है।
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मानकों पर खरा न उतरने वाले कुल्लू और मनाली के होटलों पर जल्द शिकंजा कस सकता है। एनजीटी ने कुल्लू व मनाली के 1700 होटलों, लॉज, होम स्टे के निरीक्षण के लिए पैनल गठित की है। पैनल 25 कमरों से ऊपर वाले होटल, लॉज, होम स्टे में निरीक्षण करेगा। वन भूमि पर बने व प्रदूषण बोर्ड की सहमति के बिना वाले प्रथम श्रेणी के होटलों पर एनजीटी ने कड़ा रूख अपनाया है। इस तरह के होटल पाए जाने पर सभी विभागों से पंजीकृत कर जल्द बंद करने के आदेश दिए जाएंगे। जिससे लापरवाह होटल संचालकों व मालिकों में हड़कंप मचा हुआ है। शर्तें पूरी न करने वाले होटल संचालक व मालिक एनजीटी की ओर से गठित पैनल के निरीक्षण की खबर से सकते में है। पैनल पानी के स्रोत, ठोस कचरे के प्रबंधन, सीवेज उपचार संयंत्र, बिजली के स्रोत संबंधी एक व्यापक रिपोर्ट एनजीटी बेंच में जमा करवाएगा। होटलियर बैठक आयोजित कर लगातार मंथन कर रहे हैं। इधर, एसडीएम मनाली एचआर बेरवा व एसडीएम कुल्लू सन्नी शर्मा ने बताया कि एनजीटी द्वारा गठित पैनल संबंधी आदेश की कॉपी अभी तक नहीं मिली है।
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