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ब्यास नदी के तटीकरण योजना नहीं चढ़ी सिरे
Updated Tue, 07 Nov 2017 09:44 PM IST
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BEAS RIVER
- फोटो : amarujala
खराहल (कुल्लू)। ब्यास के तटीकरण की प्रस्तावित योजना को प्रारंभिक स्वीकृति के बाद सैद्धांतिक मंजूरी नहीं मिलने से योजना ठंडे बस्ते में पड़ गई है। इस योजना पर 2255 करोड़ खर्च होने हैं। इसके लिए केंद्र सरकार की ओर से प्रारंभिक स्वीकृति तो मिल चुकी है। ऐेसे मेें अब योजना के आगे नहीं बढ़ने से लोगों में रोष है। नदी के तटीकरण के कारण बाढ़ जैसी स्थिति के समय लोगों को राहत मिल सकती है।
नदी के किनारे पर बसे कई गांवों को बरसात में भूस्खलन का खतरा बना रहता है। गोशाल-सोलंग, पतलीकूहल, रायसन, सेउबाग, जुआणी रोपा, भुंतर, नगवाईं आदि के क्षेत्रों में ब्यास नदी में बाढ़ से काफी नुकसान हो चुका है। तटीकरण होने से ब्यास किनारे बसे गांव व सड़क को सुरक्षा होगी। 2255 करोड़ की लागत से बनने वाली योजना को 2015 में प्रारंभिक मंजूरी मिल गई है लेकिन सैद्धांतिक मंजूरी के लिए दिल्ली में फाइल आगे नहीं खिसक पाई है। बताया जाता है कि नदी का तटीकरण पलचान से लारजी तक किया जाएगा। योजना के तहत नदी के दोनों ओर दीवार लगनी है। कुल्लू सदर कांग्रेस पार्टी प्रत्याशी सुंदर सिंह ठाकुर के अनुसार सरकार इस योजना के लिए कागजों की तमाम औपचारिकता पूरी कर केंद्र सरकार के पास फाइल भेज दी है। केंद्र सरकार के सौतेले व्यवहार के कारण सैद्धांतिक मंजूरी लटकी हुई है। कुल्लू सदर भाजपा के प्रत्याशी महेश्वर सिंह ने कहा कि कांग्रेस सरकार समय पर कागजी कार्रवाई पूरी नहीं कर रही है। जिसके कारण कई बड़ी योजनाएं दिल्ली से स्वीकृत ही नहीं हो पा रही हैं। सर्वे के बाद कुछ भी धरातल पर नहीं हुआ है। सरकार सता में आने के बाद इस ओर प्रयास किए जाएंगे।
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नदी के किनारे पर बसे कई गांवों को बरसात में भूस्खलन का खतरा बना रहता है। गोशाल-सोलंग, पतलीकूहल, रायसन, सेउबाग, जुआणी रोपा, भुंतर, नगवाईं आदि के क्षेत्रों में ब्यास नदी में बाढ़ से काफी नुकसान हो चुका है। तटीकरण होने से ब्यास किनारे बसे गांव व सड़क को सुरक्षा होगी। 2255 करोड़ की लागत से बनने वाली योजना को 2015 में प्रारंभिक मंजूरी मिल गई है लेकिन सैद्धांतिक मंजूरी के लिए दिल्ली में फाइल आगे नहीं खिसक पाई है। बताया जाता है कि नदी का तटीकरण पलचान से लारजी तक किया जाएगा। योजना के तहत नदी के दोनों ओर दीवार लगनी है। कुल्लू सदर कांग्रेस पार्टी प्रत्याशी सुंदर सिंह ठाकुर के अनुसार सरकार इस योजना के लिए कागजों की तमाम औपचारिकता पूरी कर केंद्र सरकार के पास फाइल भेज दी है। केंद्र सरकार के सौतेले व्यवहार के कारण सैद्धांतिक मंजूरी लटकी हुई है। कुल्लू सदर भाजपा के प्रत्याशी महेश्वर सिंह ने कहा कि कांग्रेस सरकार समय पर कागजी कार्रवाई पूरी नहीं कर रही है। जिसके कारण कई बड़ी योजनाएं दिल्ली से स्वीकृत ही नहीं हो पा रही हैं। सर्वे के बाद कुछ भी धरातल पर नहीं हुआ है। सरकार सता में आने के बाद इस ओर प्रयास किए जाएंगे।
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