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खराब सड़कों से कैसे मंडियों में पहुंचेगा सेब
Updated Sun, 11 Jun 2017 09:31 PM IST
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कुल्लू। जिला कुल्लू में अगले महीने सेब सीजन शुरू हो जाएगा। लेकिन, जिले में करीब दो सौ सड़कें बदहाल स्थिति में हैं। ऐसे में बागवानों की चेहरों पर चिंता की लकीरें खिंच गई हैं। पहले से ही ओलावृष्टि व अंधड़ से भारी नुकसान का सामना कर चुके बागवानों को अब अपने उत्पाद मंडियों में पहुंचाना भी चुनौती बन गया है।
घाटी में ऊबड़-खाबड़ और गड्ढों में तब्दील सड़कों से आम लोग और पर्यटक भी परेशान हैं। कहीं गड्ढे तो कहीं दलदल में बदली सड़कों पर पैदल सफर करना भी मुश्किल हो गया है। हालांकि सेब सीजन से पहले लोनिवि ने 12 करोड़ की लागत से 120 किलोमीटर की चार दर्जन सड़कों की टारिंग करनी है। लेकिन, कुल्लू घाटी में लगातार हो रही बारिश के कारण यह काम शुरू नहीं हो पा रहा है। जून माह आधा बीत गया, ऐसे में सड़कों की हालत कब सुधरेगी, यह कहना मुश्किल। ऐसे में बागवानों की चिंता बढ़ने लगी है।
पूर्व प्रधान करशैईगाड़ फौजी लाल शर्मा, बागवान रमेश ठाकुर, तिलक राज, पूर्ण शर्मा, दलीप चंद, गंगा राम, खेम राज, दीवान सिंह, रंजीत राठौर, आलम चंद, हीरा लाल ने कहा कि सड़कों की हालत इतनी दयनीय है कि वाहन चलाना तो दूर पैदल चलना भी मुश्किल भरा हो गया है। उन्होंने 13 किलोमीटर राणाबाग-काड़ीबाग-घुहाटन सड़क का जिक्र करते हुए कहा कि सड़क दलदल में बदल गई है। लेकिन लोनिवि कुछ भी नहीं कर रहा है। बागवानों का कहना है कि सेब सीजन सिर पर है और सड़कों की हालत में कोई भी सुधार नहीं हो रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार, नेताओं औक लोनिवि को इस और ध्यान देने की जरूरत है। नहीं तो लोगों को सड़कों पर उतरने को विवश होना पड़ेगा।
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मौसम बन रहा बाधा
लोनिवि कुल्लू के अधीक्षण अभियंता ललित भूषण ने कहा कि बारिश से सड़कों की टारिंग नहीं हो पा रही है। विभाग ने कई जगहों पर सड़कों को पक्का करने का काम शुरू किया है, परंतु मौसम बार-बार रोड़ा बनता जा रहा है।
इन जगहों पर अधिक समस्या
लगवैली, खराहल, मणिकर्ण, सैंज, तीर्थन घाटी, तीन कोठी, ऊझी घाटी के साथ बाह्य सराज की रघुपुर घाटी,जाबन, नित्थर, अरसू, बागीपुल तथा निरमंड में सड़कों हालत सबसे ज्यादा खराब है।
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घाटी में ऊबड़-खाबड़ और गड्ढों में तब्दील सड़कों से आम लोग और पर्यटक भी परेशान हैं। कहीं गड्ढे तो कहीं दलदल में बदली सड़कों पर पैदल सफर करना भी मुश्किल हो गया है। हालांकि सेब सीजन से पहले लोनिवि ने 12 करोड़ की लागत से 120 किलोमीटर की चार दर्जन सड़कों की टारिंग करनी है। लेकिन, कुल्लू घाटी में लगातार हो रही बारिश के कारण यह काम शुरू नहीं हो पा रहा है। जून माह आधा बीत गया, ऐसे में सड़कों की हालत कब सुधरेगी, यह कहना मुश्किल। ऐसे में बागवानों की चिंता बढ़ने लगी है।
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पूर्व प्रधान करशैईगाड़ फौजी लाल शर्मा, बागवान रमेश ठाकुर, तिलक राज, पूर्ण शर्मा, दलीप चंद, गंगा राम, खेम राज, दीवान सिंह, रंजीत राठौर, आलम चंद, हीरा लाल ने कहा कि सड़कों की हालत इतनी दयनीय है कि वाहन चलाना तो दूर पैदल चलना भी मुश्किल भरा हो गया है। उन्होंने 13 किलोमीटर राणाबाग-काड़ीबाग-घुहाटन सड़क का जिक्र करते हुए कहा कि सड़क दलदल में बदल गई है। लेकिन लोनिवि कुछ भी नहीं कर रहा है। बागवानों का कहना है कि सेब सीजन सिर पर है और सड़कों की हालत में कोई भी सुधार नहीं हो रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार, नेताओं औक लोनिवि को इस और ध्यान देने की जरूरत है। नहीं तो लोगों को सड़कों पर उतरने को विवश होना पड़ेगा।
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मौसम बन रहा बाधा
लोनिवि कुल्लू के अधीक्षण अभियंता ललित भूषण ने कहा कि बारिश से सड़कों की टारिंग नहीं हो पा रही है। विभाग ने कई जगहों पर सड़कों को पक्का करने का काम शुरू किया है, परंतु मौसम बार-बार रोड़ा बनता जा रहा है।
इन जगहों पर अधिक समस्या
लगवैली, खराहल, मणिकर्ण, सैंज, तीर्थन घाटी, तीन कोठी, ऊझी घाटी के साथ बाह्य सराज की रघुपुर घाटी,जाबन, नित्थर, अरसू, बागीपुल तथा निरमंड में सड़कों हालत सबसे ज्यादा खराब है।