{"_id":"5bba0204867a55682c15dc5a","slug":"71538916868-kullu-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"सरवरी खड्ड में फेंक रहे मलबा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सरवरी खड्ड में फेंक रहे मलबा
Updated Sun, 07 Oct 2018 06:24 PM IST
विज्ञापन
डंपिंग
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
अमर उजाला ब्यूरो
कुल्लू। फोरलेन निर्माण के चलते रामशिला से जिया तक ब्यास नदी के किनारे अवैध डंपिंग के बाद अब सरवरी खड्ड में भी मलबा फेंका जा रहा है। बताया जा रहा है कि दशहरा उत्सव की तैयारियों के लिए किए जा रहे कार्यों से निकलने वाले मलबे को ठेकेदार डंपिंग साइट तक पहुंचाने की बजाय सरवरी खड्ड में डाल रहे हैं।
एनजीटी के नियमों को ताक पर रखकर रात के अंधेरे में मलबे से भरे टिप्पर ब्यास नदी में खाली किए जा रहे हैं। साथ ही सरवरी खड्ड को प्रदूषित किया जा रहा है। हैरान करने वाली बात यह है कि जिस जगह पर सरवरी खड्ड में अवैध रूप से मलबा डाला जा रहा है, वहां से महिला पुलिस स्टेशन मात्र 20 मीटर दूर है। लेकिन कुल्लू पुलिस भी नदी में मलबा डालने वाले ठेकेदारों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं कर पाई है। इस मामले को लेकर प्रशासन को भी खबर नहीं है। खड्ड में अवैध रूप से डाले जा रहे मलबे को लेकर पर्यावरण प्रेमियों ने चिंता जाहिर की है। जिला मुख्यालय के सरवरी में खड्ड के किनारे जगह-जगह पर मिट्टी के ढेर लग रहे हैं। बताया जा रहा है कि खड्ड में फेंका जा रहा मलबा फोरलेन निर्माण का नहीं है। शहर में दशहरा उत्सव के दौरान चल रहे कार्यों के दौरान निकली मिट्टी को डंपिंग साइट पर पहुंचाने से बचने के लिए खड्ड में फेंका जा रहा है। पर्यावरण प्रेमी राजेश कुमार, तेजेंद्र और किशन ठाकुर ने कहा कि मलबे से खड्ड का पानी प्रदूषित होने और जलीय जीवों पर भी असर हो रहा है। एनजीटी के आदेशों को ताक पर रखकर सरवरी खड्ड में मलबा डालने वालों पर कड़ी कार्रवाई अमल में लाई जाए। उधर, इस संबंध में एसडीएम डॉ. अमित गुलेरिया ने कहा कि खड्ड में मलबा फेंकने नहीं दिया जाएगा। मलबा फेंकने वालों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन
कुल्लू। फोरलेन निर्माण के चलते रामशिला से जिया तक ब्यास नदी के किनारे अवैध डंपिंग के बाद अब सरवरी खड्ड में भी मलबा फेंका जा रहा है। बताया जा रहा है कि दशहरा उत्सव की तैयारियों के लिए किए जा रहे कार्यों से निकलने वाले मलबे को ठेकेदार डंपिंग साइट तक पहुंचाने की बजाय सरवरी खड्ड में डाल रहे हैं।
एनजीटी के नियमों को ताक पर रखकर रात के अंधेरे में मलबे से भरे टिप्पर ब्यास नदी में खाली किए जा रहे हैं। साथ ही सरवरी खड्ड को प्रदूषित किया जा रहा है। हैरान करने वाली बात यह है कि जिस जगह पर सरवरी खड्ड में अवैध रूप से मलबा डाला जा रहा है, वहां से महिला पुलिस स्टेशन मात्र 20 मीटर दूर है। लेकिन कुल्लू पुलिस भी नदी में मलबा डालने वाले ठेकेदारों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं कर पाई है। इस मामले को लेकर प्रशासन को भी खबर नहीं है। खड्ड में अवैध रूप से डाले जा रहे मलबे को लेकर पर्यावरण प्रेमियों ने चिंता जाहिर की है। जिला मुख्यालय के सरवरी में खड्ड के किनारे जगह-जगह पर मिट्टी के ढेर लग रहे हैं। बताया जा रहा है कि खड्ड में फेंका जा रहा मलबा फोरलेन निर्माण का नहीं है। शहर में दशहरा उत्सव के दौरान चल रहे कार्यों के दौरान निकली मिट्टी को डंपिंग साइट पर पहुंचाने से बचने के लिए खड्ड में फेंका जा रहा है। पर्यावरण प्रेमी राजेश कुमार, तेजेंद्र और किशन ठाकुर ने कहा कि मलबे से खड्ड का पानी प्रदूषित होने और जलीय जीवों पर भी असर हो रहा है। एनजीटी के आदेशों को ताक पर रखकर सरवरी खड्ड में मलबा डालने वालों पर कड़ी कार्रवाई अमल में लाई जाए। उधर, इस संबंध में एसडीएम डॉ. अमित गुलेरिया ने कहा कि खड्ड में मलबा फेंकने नहीं दिया जाएगा। मलबा फेंकने वालों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन