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लि में 70 फीसदी रबी फसल की बिजाई अटकी

Sun, 12 Nov 2017 09:15 PM IST
Updated Sun, 12 Nov 2017 09:15 PM IST
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लि में 70 फीसदी रबी फसल की बिजाई अटकी
सूखा - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
खराहल (कुल्लू)। जिले में दो माह से बारिश न होने से कृषि और बागवानी पर प्रभाव पड़ना शुरू हो गया है। जिले में करीब 70 फीसदी फसल की बिजाई नमी के अभाव के कारण नहीं हो पा रही है। ऐेसे में अब किसान अपने-अपने आराध्य देवताओं की शरण में बारिश के लिए पहुंचने लगे हैं। लंबे समय से बारिश न होने के कारण तमाम कृषि और बागवानी के कार्य रूक हुए हैं। किसान अपनी फसलों के प्रति काफी चिंतित है।
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जिला में करीब 21 हजार हेक्टेयर रबी की फसल बिजी जाती है। इसमें 12सौ हेक्टेयर भूमि पर लहसुन, 500 बीघा भूमि पर प्याज, बारह सौ हेक्टेयर भूमि पर मटर की खेती होती है। इस संबंध में माहुंटी नाग के कारदार लाल चंद ठाकुर और देवता बिजली महादेव के कारकून सोभा राम, भुवनेश्वर ठाकुर, भगत राम, चुनी लाल, महेश कुमार और चमन आदि के अनुसार लोग देवता की शरण में बारिश के लिए पहुंच रहे हैं। हिमाचल किसान सभा के उपाध्यक्ष देवराज नेगी ने कहा कि सूखे के चलते जिले में 70 फीसदी फसल की बिजाई नहीं हो पाई है। समय पर बारिश न होने के कारण यह समस्या किसानों को पेश आ रही है। जिले मेें 80 फीसदी किसान खेती के लिए बारिश पर निर्भर हैं।
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वहीं इस संबंध में कृषि उप निदेशक रतन भारद्वाज के अनुसार जिले में रबी की फसल की बिजाई बारिश न होने के कारण अटकी हुई है। गेहूं की बिजाई के लिए अभी समय हैै, लेकिन लहसुन की बिजाई के लिए आज कल समय उपयुक्त चल रहा हैै। अब बारिश न होने से लहसुन की बिजाई का कार्य लटक गया है।
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