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17 मील में पुल बनने से घटेगी 12 किमी दूरी
Updated Sun, 02 Dec 2018 06:55 PM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
पतलीकूहल (कुल्लूू)। चंडीगढ़-मनाली नेशनल हाईवे पर स्थित 17 मील में वामतट को जोड़ने के लिए ब्यास नदी पर पुल का निर्माण किया जा रहा है। कहा जा रहा है कि जल्द ही इस पुल का लोकार्पण कर यातायात के लिए खोल दिया जाएगा। हालांकि इस पुल से लेकर हरिपुर तक निकाली गई सड़क पर तीव्र गति से काम करना होगा, जिससे 12 किमी दूरी कम होगी।
पुल बनने से धमसू, मंसारी, करजां और हरिपुर जैसे दर्जनों गांवों के बागवानों को अपना उत्पाद पतलीकूहल और चौरी बिहाल सब्जी मंडी में पहुंचाने में आसानी होगी। इससे न केवल बागवानों का भाड़े पर खर्च होने वाला धन बचेगा, बल्कि उनका समय भी जाया नहीं होगा। इतना ही नहीं इस पुल के बनने से दायंतट पर स्थित गांवों के छात्रों को हरिपुर कॉलेज पहुंचने में सुविधा होगी। स्थानीय विधायक एवं वन मंत्री गोविंद ठाकुर ने कहा कि पिछली बार विधायक प्राथमिकता योजना के तहत उनके प्रयासों से ही यह पुल धरातल पर उतर रहा है। लिहाजा जल्द ही इस पुल को तैयार कर हरिपुर तक पक्की सड़क बनाई जाएगी। इसके लिए सरकार की ओर से संबंधित विभाग के अधिकारियों को जरूरी निर्देश दिए गए हैं। बता दें कि लंबे समय से 17 मील में पुल बनाने की मांग की जा रही है। 23 साल पहले ब्यास में आई बाढ़ में यहां पर स्थित फुट ब्रिज बह गया था। इसके बाद छोटा पुल और झूला पुल से लोग आरपार जाने को मजबूर हो रहे हैं। करीब दो साल पहले एक छात्र भी झूले से गिर कर बह गया था। पुल बनने से ऊझी घाटी की जनता को लाभ मिलेगा
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पतलीकूहल (कुल्लूू)। चंडीगढ़-मनाली नेशनल हाईवे पर स्थित 17 मील में वामतट को जोड़ने के लिए ब्यास नदी पर पुल का निर्माण किया जा रहा है। कहा जा रहा है कि जल्द ही इस पुल का लोकार्पण कर यातायात के लिए खोल दिया जाएगा। हालांकि इस पुल से लेकर हरिपुर तक निकाली गई सड़क पर तीव्र गति से काम करना होगा, जिससे 12 किमी दूरी कम होगी।
पुल बनने से धमसू, मंसारी, करजां और हरिपुर जैसे दर्जनों गांवों के बागवानों को अपना उत्पाद पतलीकूहल और चौरी बिहाल सब्जी मंडी में पहुंचाने में आसानी होगी। इससे न केवल बागवानों का भाड़े पर खर्च होने वाला धन बचेगा, बल्कि उनका समय भी जाया नहीं होगा। इतना ही नहीं इस पुल के बनने से दायंतट पर स्थित गांवों के छात्रों को हरिपुर कॉलेज पहुंचने में सुविधा होगी। स्थानीय विधायक एवं वन मंत्री गोविंद ठाकुर ने कहा कि पिछली बार विधायक प्राथमिकता योजना के तहत उनके प्रयासों से ही यह पुल धरातल पर उतर रहा है। लिहाजा जल्द ही इस पुल को तैयार कर हरिपुर तक पक्की सड़क बनाई जाएगी। इसके लिए सरकार की ओर से संबंधित विभाग के अधिकारियों को जरूरी निर्देश दिए गए हैं। बता दें कि लंबे समय से 17 मील में पुल बनाने की मांग की जा रही है। 23 साल पहले ब्यास में आई बाढ़ में यहां पर स्थित फुट ब्रिज बह गया था। इसके बाद छोटा पुल और झूला पुल से लोग आरपार जाने को मजबूर हो रहे हैं। करीब दो साल पहले एक छात्र भी झूले से गिर कर बह गया था। पुल बनने से ऊझी घाटी की जनता को लाभ मिलेगा
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