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हर माह कूड़े की छंटाई पर साढ़े तीन लाख खर्च, फिर कैसे फैली बदबू
Updated Fri, 21 Sep 2018 07:08 PM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
कुल्लू। पिरड़ी में डंपिंग साइट विवाद को लेकर अब पूर्व नगर परिषद ने भी नगर परिषद को आड़े हाथों लिया है। नगर परिषद के पूर्व अध्यक्ष ऋषभ कालिया ने कहा कि कूड़े की छंटाई, स्प्रे आदि पर हर महीने साढ़े तीन लाख रुपये खर्च किया जा रहा है। छंटाई का काम अगर हुआ तो प्लांट कैसे भर गया।
वर्ष 2012-13 में भी इस तरह का विरोध हुआ था। लेकिन उस वक्त लोगों से मिलकर उनकी समस्या को हल किया गया। इसके बाद प्लांट से सारा कचरा साफ किया गया था। पांच साल में ही डंपिंग साइट में कूड़े के ढेर कैसे लग गए। नगर परिषद इसका जवाब दे। हर महीने खर्च होने वाले बजट में वित्तीय अनियमितताएं नजर आ रही हैं। इसमें भारी भरकम राशि का गोलमाल किया गया है। इसकी जांच की जानी चाहिए। मामले को लेकर मुख्यमंत्री से शिकायत कर कूड़े संयंत्र में बीते वर्षों में खर्च हुए पैसों की जांच की मांग की जाएगी। उन्होंने कहा कि नगर परिषद एनजीटी के आदेश डेढ़ सालों से मानने को तैयार नहीं है। ग्राम पंचायत बल्ह के साथ लगते गांवों के लोग भी बदबू से परेशान हैं। देश में इन दिनों स्वच्छता अभियान चला हुआ है। लेकिन नगर परिषद की गलती से कुल्लू में गंदगी का आलम है। अगर नगर परिषद जनता की समस्याएं हल नहीं कर सकती तो नगर परिषद को भंग कर दिया जाए। उन्होंने कहा कि नप अध्यक्ष की सारी शक्तियों को उपाध्यक्ष को दिया गया। नप के पार्षदों ने किस आधार पर अध्यक्ष का चयन किया था। नगर परिषद पर एक परिवार ने कब्जा जमाया हुआ है। अगर नप अध्यक्ष काम करने में असमर्थ है तो नगर परिषद में और भी महिलाएं हैं, उन्हें अध्यक्ष चुना जाए। जनता की नजरों में नगर परिषद कुल्लू पूरी तरह से फेल साबित हुई है।
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कुल्लू। पिरड़ी में डंपिंग साइट विवाद को लेकर अब पूर्व नगर परिषद ने भी नगर परिषद को आड़े हाथों लिया है। नगर परिषद के पूर्व अध्यक्ष ऋषभ कालिया ने कहा कि कूड़े की छंटाई, स्प्रे आदि पर हर महीने साढ़े तीन लाख रुपये खर्च किया जा रहा है। छंटाई का काम अगर हुआ तो प्लांट कैसे भर गया।
वर्ष 2012-13 में भी इस तरह का विरोध हुआ था। लेकिन उस वक्त लोगों से मिलकर उनकी समस्या को हल किया गया। इसके बाद प्लांट से सारा कचरा साफ किया गया था। पांच साल में ही डंपिंग साइट में कूड़े के ढेर कैसे लग गए। नगर परिषद इसका जवाब दे। हर महीने खर्च होने वाले बजट में वित्तीय अनियमितताएं नजर आ रही हैं। इसमें भारी भरकम राशि का गोलमाल किया गया है। इसकी जांच की जानी चाहिए। मामले को लेकर मुख्यमंत्री से शिकायत कर कूड़े संयंत्र में बीते वर्षों में खर्च हुए पैसों की जांच की मांग की जाएगी। उन्होंने कहा कि नगर परिषद एनजीटी के आदेश डेढ़ सालों से मानने को तैयार नहीं है। ग्राम पंचायत बल्ह के साथ लगते गांवों के लोग भी बदबू से परेशान हैं। देश में इन दिनों स्वच्छता अभियान चला हुआ है। लेकिन नगर परिषद की गलती से कुल्लू में गंदगी का आलम है। अगर नगर परिषद जनता की समस्याएं हल नहीं कर सकती तो नगर परिषद को भंग कर दिया जाए। उन्होंने कहा कि नप अध्यक्ष की सारी शक्तियों को उपाध्यक्ष को दिया गया। नप के पार्षदों ने किस आधार पर अध्यक्ष का चयन किया था। नगर परिषद पर एक परिवार ने कब्जा जमाया हुआ है। अगर नप अध्यक्ष काम करने में असमर्थ है तो नगर परिषद में और भी महिलाएं हैं, उन्हें अध्यक्ष चुना जाए। जनता की नजरों में नगर परिषद कुल्लू पूरी तरह से फेल साबित हुई है।
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