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रावल ऋषि ने सरयोलसर में में किया शाही स्नान
Updated Wed, 27 Jun 2018 10:32 PM IST
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सरयोलसर में रावल ऋषि ने किया शाही स्नान
देवालय पहुंचने पर ग्रामीणों ने किया देवता का स्वागत
अधिष्ठाता ने माता बूढ़ी नागिन से भी किया मिलन
अमर उजाला ब्यूरो
कुल्लू। जिला कुल्लू के बाह्य सराज आनी की रघुपुर घाटी के अधिष्ठाता देवता रावल ऋषि 10500 फुट ऊंचे धार्मिक स्थल सरयोलसर में शाही स्नान किया है। देवता ने माता की पवित्र झील में करीब 100 मीटर दायरे तक स्नान किया है। दो दिनों की यात्रा के दौरान देवता रावल ऋषि अपने देवालय उपली फनौटी पहुंच गए है। जहां ग्रामीणों ने देव परंपरा के अनुसार ऋषि का स्वागत किया है।
देवता के शाही स्नान में सैकड़ों की संख्या में देवलु, भक्त और महिलाएं भी पहुंची हुई थीं। महिलाओं ने देवता दौरे के बहाने माता बूढ़ी नागिन को रखी मन्नत भी पूरी की। एक दिन के रात्रि ठहराव के दौरान देवलुओं ने यहां नाटी का भी आयोजन किया। धार्मिक स्थल सरयोलसर पहुंचे पर्यटकों और अन्य श्रद्धालुओं ने भी देवता रावल ऋषि के दर्शन कर सुख शांति का आशीर्वाद प्राप्त किया है।
माता की वास स्थली पर देवता का देव नृत्य के साथ माता बूढ़ी नागिन से हुआ देव मिलन आकर्षक का केंद्र रहा है। इस अवसर पर देवता के कारदार धर्म चंद, गोविंद सिंह, रमेश ठाकुर, सोहन लाल नेगी, दीवान सिंह, करतार सिंह, उगम राम ठाकुर तथा मंगत राम ने कहा कि देवता नए रथ पर विराजमान हैं ऐसे में देव परंपरा के अनुसार देवता ने धार्मिक स्थल सरयोलसर में शाही स्नान किया है। देवता ने इस दौरान शक्तियां भी अर्जित की हैं। धार्मिक यात्रा पर गए देवता का रथ अपने देवालय में विराजमान हो गया है।
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देवालय पहुंचने पर ग्रामीणों ने किया देवता का स्वागत
अधिष्ठाता ने माता बूढ़ी नागिन से भी किया मिलन
अमर उजाला ब्यूरो
कुल्लू। जिला कुल्लू के बाह्य सराज आनी की रघुपुर घाटी के अधिष्ठाता देवता रावल ऋषि 10500 फुट ऊंचे धार्मिक स्थल सरयोलसर में शाही स्नान किया है। देवता ने माता की पवित्र झील में करीब 100 मीटर दायरे तक स्नान किया है। दो दिनों की यात्रा के दौरान देवता रावल ऋषि अपने देवालय उपली फनौटी पहुंच गए है। जहां ग्रामीणों ने देव परंपरा के अनुसार ऋषि का स्वागत किया है।
देवता के शाही स्नान में सैकड़ों की संख्या में देवलु, भक्त और महिलाएं भी पहुंची हुई थीं। महिलाओं ने देवता दौरे के बहाने माता बूढ़ी नागिन को रखी मन्नत भी पूरी की। एक दिन के रात्रि ठहराव के दौरान देवलुओं ने यहां नाटी का भी आयोजन किया। धार्मिक स्थल सरयोलसर पहुंचे पर्यटकों और अन्य श्रद्धालुओं ने भी देवता रावल ऋषि के दर्शन कर सुख शांति का आशीर्वाद प्राप्त किया है।
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माता की वास स्थली पर देवता का देव नृत्य के साथ माता बूढ़ी नागिन से हुआ देव मिलन आकर्षक का केंद्र रहा है। इस अवसर पर देवता के कारदार धर्म चंद, गोविंद सिंह, रमेश ठाकुर, सोहन लाल नेगी, दीवान सिंह, करतार सिंह, उगम राम ठाकुर तथा मंगत राम ने कहा कि देवता नए रथ पर विराजमान हैं ऐसे में देव परंपरा के अनुसार देवता ने धार्मिक स्थल सरयोलसर में शाही स्नान किया है। देवता ने इस दौरान शक्तियां भी अर्जित की हैं। धार्मिक यात्रा पर गए देवता का रथ अपने देवालय में विराजमान हो गया है।
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