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रोहतांग की ऑनलाइन परमिट व्यवस्था की निगरानी करेगी विशेष टीम
Updated Tue, 15 May 2018 10:04 PM IST
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रोहतांग की ऑनलाइन परमिट
व्यवस्था की निगरानी करेगी टीम
फीस कटने के बाद परमिट न मिलने पर पैसे किए जा रहे हैं वापस
अमर उजाला ब्यूरो
कुल्लू। डीसी यूनुस ने कहा कि पर्यटक स्थल रोहतांग और मढ़ी के लिए ऑनलाइन परमिट की व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए त्वरित कदम उठाए जा रहे हैं, जिससे पर्यटकों को किसी भी तरह की असुविधा न हो। उपायुक्त ने ऑनलाइन परमिट की व्यवस्था के सुदृढ़ीकरण को लेकर पर्यटन विभाग और एनआईसी के अधिकारियों के साथ बैठक की।
उपायुक्त यूनुस ने कहा कि इस संबंध में पर्यटकों व अन्य वाहन चालकों की ई-मेल के माध्यम से प्राप्त होने वाली सभी शिकायतों का त्वरित निपटारा किया जाएगा। अगर किन्हीं कारणों से किसी आवेदक की ऑनलाइन फीस कटने के बाद भी परमिट नहीं मिल पाता है तो उसके पैसे बैंक के माध्यम से वापस किए जाएंगे। ऑनलाइन परमिट व्यवस्था के सुदृढ़ीकरण और इसकी निगरानी के लिए एक विशेष टीम बनाई गई है। यह टीम परमिट के अलावा पेमेंट व अन्य प्रक्रियाओं पर भी लगातार नजर रखेगी। रोहतांग को लेकर एनजीटी के आदेशों की अक्षरश: अनुपालना सुनिश्चित की जा रही है। इसके मद्देनजर जिला प्रशासन ने ऑनलाइन परमिट जारी करने के लिए सुबह दस बजे और शाम चार बजे का समय निर्धारित किया है। इन दोनों समय में केवल 1200 गाड़ियों को ही ऑनलाइन परमिट दिया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि गुलाबा बैरियर या किसी पर्यटक स्थल पर कोई परेशानी होने पर पर्यटक एसडीएम मनाली, जिला पर्यटन विकास अधिकारी और जिला प्रशासन से शिकायत कर सकते हैं। बैरियरों पर संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने के लिए सीसीटीवी कैमरे स्थापित किए गए हैं और इन बैरियरों पर तैनात किए जाने वाले अधिकारियों व कर्मचारियों को 15 दिनों के भीतर बदल दिया जाता है। उपायुक्त ने कहा कि पर्यटकों की सुविधा और एनजीटी के आदेशों की अनुपालना के मद्देनजर सभी आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।
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व्यवस्था की निगरानी करेगी टीम
फीस कटने के बाद परमिट न मिलने पर पैसे किए जा रहे हैं वापस
अमर उजाला ब्यूरो
कुल्लू। डीसी यूनुस ने कहा कि पर्यटक स्थल रोहतांग और मढ़ी के लिए ऑनलाइन परमिट की व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए त्वरित कदम उठाए जा रहे हैं, जिससे पर्यटकों को किसी भी तरह की असुविधा न हो। उपायुक्त ने ऑनलाइन परमिट की व्यवस्था के सुदृढ़ीकरण को लेकर पर्यटन विभाग और एनआईसी के अधिकारियों के साथ बैठक की।
उपायुक्त यूनुस ने कहा कि इस संबंध में पर्यटकों व अन्य वाहन चालकों की ई-मेल के माध्यम से प्राप्त होने वाली सभी शिकायतों का त्वरित निपटारा किया जाएगा। अगर किन्हीं कारणों से किसी आवेदक की ऑनलाइन फीस कटने के बाद भी परमिट नहीं मिल पाता है तो उसके पैसे बैंक के माध्यम से वापस किए जाएंगे। ऑनलाइन परमिट व्यवस्था के सुदृढ़ीकरण और इसकी निगरानी के लिए एक विशेष टीम बनाई गई है। यह टीम परमिट के अलावा पेमेंट व अन्य प्रक्रियाओं पर भी लगातार नजर रखेगी। रोहतांग को लेकर एनजीटी के आदेशों की अक्षरश: अनुपालना सुनिश्चित की जा रही है। इसके मद्देनजर जिला प्रशासन ने ऑनलाइन परमिट जारी करने के लिए सुबह दस बजे और शाम चार बजे का समय निर्धारित किया है। इन दोनों समय में केवल 1200 गाड़ियों को ही ऑनलाइन परमिट दिया जा रहा है।
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उन्होंने कहा कि गुलाबा बैरियर या किसी पर्यटक स्थल पर कोई परेशानी होने पर पर्यटक एसडीएम मनाली, जिला पर्यटन विकास अधिकारी और जिला प्रशासन से शिकायत कर सकते हैं। बैरियरों पर संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने के लिए सीसीटीवी कैमरे स्थापित किए गए हैं और इन बैरियरों पर तैनात किए जाने वाले अधिकारियों व कर्मचारियों को 15 दिनों के भीतर बदल दिया जाता है। उपायुक्त ने कहा कि पर्यटकों की सुविधा और एनजीटी के आदेशों की अनुपालना के मद्देनजर सभी आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।
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