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वीवीपैट पूरी तरह सुरक्षित और गोपनीय: युनूस
Updated Mon, 06 Nov 2017 09:58 PM IST
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महासंग्राम 2017, हिमाचल प्रदेश विधानसभा चुनाव
- फोटो : SELF
कुल्लू। भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार प्रदेश के सामान्य निर्वाचन-2017 के दौरान ईवीएम के साथ वोटर वैरीफाएबल पेपर ऑडिट ट्रॉयल (वीवीपैट) का इस्तेमाल भी किया जा रहा है। वीवीपैट के माध्यम से मतदाता को यह जानने में आसानी होगी कि उन्होंने जिस उम्मीदवार के पक्ष में मतदान किया है वह संबंधित उम्मीदवार के पक्ष में ही दर्ज हो गया है। इसकी पुष्टि के लिए वीवीपैट की स्क्रीन सात सेकेंड के लिए एक पर्ची पर उम्मीदवार का क्रमांक, प्रतीक चिन्ह और नाम दर्ज होगा।
यह पर्ची सात सैैकेंड के उपरांत स्वत: ही वीपीपैट के ड्रॉप बॉक्स में गिर जाएगी जो कि पहले से ही मोहरबंद होगा और मशीन से जुड़ा हुआ है। यह वीवीपैट बैलेट यूनिट के साथ ही वोटिंग कंपार्टमेंट में स्थापित होगी जिससे मतदाता के अतिरिक्त कोई अन्य वीवीपैट की स्क्रीन को न देख सके। इसके लिए भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार नए वोटिंग कंपार्टमेंट भी तैयार किये गये हैं। जिनकी ऊंचाई और चौड़ाई पूर्व में इस्तेमाल होने वाले वोटिंग कंपार्टमेंट की अपेक्षा अधिक है। मतदान के उपरांत दिखने वाली पर्ची में कहीं भी यह अंकित नहीं होगा कि यह मतदान किस मतदाता द्वारा किया गया है। सभी पर्चियां एक समान होंगी। जिससे मतदान की गोपनीयता किसी भी हाल में उजागर नहीं होगी।
जिला निर्वाचन अधिकारी एवं उपायुक्त कुल्लू युनूस ने बताया कि वीवीपैट के इस्तेमाल से मतदान की गोपनीयता भंग होने संबंधी कोई गलतफहमी पनप रही है तो सह सरासर वहम है। लिहाजा जिला कुल्लू के प्रबुद्ध मतदाताओं से आग्रह है कि वे बिना किसी प्रलोभन, भय और मिथ्याधारण के शत-प्रतिशत मतदान करना सुनिश्चित करें और लोकतंत्र के इस महा पर्व में भागीदारी निभाएं। मतदान की गोपनीयता को लेकर फैलाई जा रही भ्रम की स्थिति गलत है और आयोग की इलेक्ट्रॉनिक वोटंग मशीन और वीवीपैट पूरी तरह से सुरक्षित व गोपनीय है।
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यह पर्ची सात सैैकेंड के उपरांत स्वत: ही वीपीपैट के ड्रॉप बॉक्स में गिर जाएगी जो कि पहले से ही मोहरबंद होगा और मशीन से जुड़ा हुआ है। यह वीवीपैट बैलेट यूनिट के साथ ही वोटिंग कंपार्टमेंट में स्थापित होगी जिससे मतदाता के अतिरिक्त कोई अन्य वीवीपैट की स्क्रीन को न देख सके। इसके लिए भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार नए वोटिंग कंपार्टमेंट भी तैयार किये गये हैं। जिनकी ऊंचाई और चौड़ाई पूर्व में इस्तेमाल होने वाले वोटिंग कंपार्टमेंट की अपेक्षा अधिक है। मतदान के उपरांत दिखने वाली पर्ची में कहीं भी यह अंकित नहीं होगा कि यह मतदान किस मतदाता द्वारा किया गया है। सभी पर्चियां एक समान होंगी। जिससे मतदान की गोपनीयता किसी भी हाल में उजागर नहीं होगी।
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जिला निर्वाचन अधिकारी एवं उपायुक्त कुल्लू युनूस ने बताया कि वीवीपैट के इस्तेमाल से मतदान की गोपनीयता भंग होने संबंधी कोई गलतफहमी पनप रही है तो सह सरासर वहम है। लिहाजा जिला कुल्लू के प्रबुद्ध मतदाताओं से आग्रह है कि वे बिना किसी प्रलोभन, भय और मिथ्याधारण के शत-प्रतिशत मतदान करना सुनिश्चित करें और लोकतंत्र के इस महा पर्व में भागीदारी निभाएं। मतदान की गोपनीयता को लेकर फैलाई जा रही भ्रम की स्थिति गलत है और आयोग की इलेक्ट्रॉनिक वोटंग मशीन और वीवीपैट पूरी तरह से सुरक्षित व गोपनीय है।
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