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400 गैर पंजीकृत होटलों का नहीं मिला ब्यौरा
Updated Sat, 01 Sep 2018 09:17 PM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
कुल्लू। एनजीटी के आदेश पर प्रशासन की ओर से कुल्लू और मनाली के 1700 होटलों की जांच चल रही है। लेकिन अभी तक 400 गैर पंजीकृत होटलों का कोई ब्यौरा नहीं मिल पाया है। मनाली व कुल्लू में चल रहे होटलों की जांच प्रशासन, पर्यटन, राजस्व, टीसीपी, प्रदूषण बोर्ड आदि विभाग मिलकर कर रहे हैं।
पंजीकृत होटलों तक ही जांच के लिए विभिन्न एजेंसियां पहुंची हैं, जबकि गैर पंजीकृत होटलों का ब्यौरा जांच कमेटी को नहीं मिल सका है। हालांकि करीब 600 होटलों की जांच प्रशासन ने पूरी की है। जल्द ही सरकार को इसकी रिपोर्ट सौंपी जा रही है। 115 होटलों की रिपोर्ट पहले ही भेजी जा चुकी है। जिले में करीब 400 होम स्टे, कसोल, मणिकर्ण घाटी को छोड़कर 400 होटल ऐसे बचते हैं, जिनका अभी तक कोई रिकॉर्ड नहीं मिल पाया है। गौर रहे कि एनजीटी ने प्रशासन से 1700 होटलों की रिपोर्ट मांगी है। इन होटलों में से अधिकतर ऐसे गैर पंजीकृत होटल हैं, जिनका रिकॉर्ड खगंालने के लिए प्रशासन को कड़ी मेहनत करनी होगी। गैर पंजीकृत होटलों का पर्यटन विभाग के पास कोई रिकॉर्ड नहीं है। ऐसे में इन होटलों की जांच करना मुश्किल साबित हो रहा है। इनकी लोकेशन से लेकर अन्य जानकारी उपलब्ध नहीं है। ऐसे में इन होटलों की जांच करना प्रशासन के लिए चुनौती बन गया है।
करीब 600 होटलों की जांच पूरी हो गई है। नौ अगस्त को जांच किए हुए सभी होटलों की रिपोर्ट एनजीटी को सौंपी जाएगी। 400 गैर पंजीकृत होटलों का अभी तक ब्यौरा नहीं मिल पाया है। फील्ड में इनकी लोकेशन तलाशी जा रही है।
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- अक्षय सूद, एडीएम
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कुल्लू। एनजीटी के आदेश पर प्रशासन की ओर से कुल्लू और मनाली के 1700 होटलों की जांच चल रही है। लेकिन अभी तक 400 गैर पंजीकृत होटलों का कोई ब्यौरा नहीं मिल पाया है। मनाली व कुल्लू में चल रहे होटलों की जांच प्रशासन, पर्यटन, राजस्व, टीसीपी, प्रदूषण बोर्ड आदि विभाग मिलकर कर रहे हैं।
पंजीकृत होटलों तक ही जांच के लिए विभिन्न एजेंसियां पहुंची हैं, जबकि गैर पंजीकृत होटलों का ब्यौरा जांच कमेटी को नहीं मिल सका है। हालांकि करीब 600 होटलों की जांच प्रशासन ने पूरी की है। जल्द ही सरकार को इसकी रिपोर्ट सौंपी जा रही है। 115 होटलों की रिपोर्ट पहले ही भेजी जा चुकी है। जिले में करीब 400 होम स्टे, कसोल, मणिकर्ण घाटी को छोड़कर 400 होटल ऐसे बचते हैं, जिनका अभी तक कोई रिकॉर्ड नहीं मिल पाया है। गौर रहे कि एनजीटी ने प्रशासन से 1700 होटलों की रिपोर्ट मांगी है। इन होटलों में से अधिकतर ऐसे गैर पंजीकृत होटल हैं, जिनका रिकॉर्ड खगंालने के लिए प्रशासन को कड़ी मेहनत करनी होगी। गैर पंजीकृत होटलों का पर्यटन विभाग के पास कोई रिकॉर्ड नहीं है। ऐसे में इन होटलों की जांच करना मुश्किल साबित हो रहा है। इनकी लोकेशन से लेकर अन्य जानकारी उपलब्ध नहीं है। ऐसे में इन होटलों की जांच करना प्रशासन के लिए चुनौती बन गया है।
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करीब 600 होटलों की जांच पूरी हो गई है। नौ अगस्त को जांच किए हुए सभी होटलों की रिपोर्ट एनजीटी को सौंपी जाएगी। 400 गैर पंजीकृत होटलों का अभी तक ब्यौरा नहीं मिल पाया है। फील्ड में इनकी लोकेशन तलाशी जा रही है।
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- अक्षय सूद, एडीएम