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शिक्षित हाेने पर महिलाएं उठाएंगी अत्याचार के खिलाफ आवाज
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अपराजिता कार्यक्रम
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
अमर उजाला ब्यूरो
कुल्लू। बेटियों को शिक्षित करने के लिए बेटी बचाओ-बेटी बढ़ाओ मुहिम को और मजबूत करने की आवश्यकता है। शिक्षित होने के बाद महिलाएं अपने अधिकारों के बारे में जागरूक होंगी और अत्याचार के खिलाफ आवाज उठाएंगी। यह बात एसएचओ महिला थाना कुल्लू उमा ठाकुर ने शुक्रवार को अमर उजाला के अपराजिता कार्यक्रम के दौरान कही।
जिला मुख्यालय सरवरी स्थित महिला कल्याण भवन में अमर उजाला के अपराजिता 100 मिलियन स्माइल्स कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इसमें करीब 80 से अधिक छात्राओं व सेल्फ हेल्प ग्रुप की सदस्यों ने हिस्सा लिया। नेहरू युवा केंद्र के सहयोग से आयोजित इस कार्यक्रम में नेहरू युवा केंद्र के जिला समन्वयक एवं कमांडेंट लाल सिंह कौंडल ने बतौर मुख्यातिथि शिरकत की। एसएचओ महिला थाना कुल्लू उमा ठाकुर और खेल विभाग में यूथ आर्गेनाइजर दीप्ति वैद्य विशेष अतिथि के तौर पर मौजूद रहीं। जिला समन्वयक एवं कमांडेंट लाल सिंह कौंडल नेे कहा कि घरेलू हिंसा का शिकार कहीं न कहीं पर महिलाओं को होना पड़ रहा है। संविधान और सरकार की ओर से महिलाओं के सशक्तीरण के लिए कई कानून बना दिए। लेकिन अभी भी बहुत कुछ करना बाकी है। महिलाओं को अपनी क्षमताओं का संवर्धन करना पड़ेगा, जिससे वे और भी आगे बढ़ सके। एसएचओ महिला थाना उमा ठाकुर ने कहा कि महिला व लड़कियों की सुरक्षा उनके अपने हाथ में हैं। छोटी उम्र में शादी करने की न सोचें। लड़कियां नशा, शराब आदि बुरी आदतों से दूर रहें। एसएचओ उमा ठाकुर ने घरेलू हिंसा, पोक्सो एक्ट, सुरक्षा आदि के बारे मेें जागरूक किया। दीप्ति वैद्य ने कहा कि खेलों से महिलाओं में आत्मविश्वास बढ़ता है। उन्होंने कहा कि खेल न केवल मानसिक रूप से मजबूत बनाता है, बल्कि सकारात्मक सोच प्रदान करता है। समाज में महिलाओं को पहले से ही दबाने की कोशिश रही है। लेकिन भगवान ने महिलाओं को इतना सक्षम बनाया है कि वह हार नहीं मानती। कभी हार न मानने वाली महिला का नाम ही अपराजिता है। अमर उजाला की यह मुहिम महिला सशक्तीकरण अभियान को और मजबूत बनाएगी। इस दौरान हिमाचल महिला कल्याण मंडल संयोजक शम्मी शर्मा, अंजना आदि मौजूद रही।
आवाज उठाने का मौका
पूर्ण चंद ने कहा कि अमर उजाला की अपराजिता मुहिम महिलाओं के हक में एक सराहनीय पहल है। महिलाओं को इसके माध्यम से अपनी आवाज उठाने का अवसर मिलेगा।
कार्यक्रम की जरूरत
धनेश्वरी ठाकुर ने कहा कि महिला के प्रति समाज का दृष्टिकोण अभी नहीं बदला है। इसलिए ऐसे कार्यक्रमों की आज भी आवश्यकता है।
महिलाएं होंगी जागरूक
यशवंती नेगी ने कार्यक्रम में घरेलू हिंसा, महिला सशक्तीकरण व अन्य महत्वपूर्ण जानकारियां हासिल हुई हैं। इससे महिलाओं को जागरूक होने का मौका मिला है।
जानकारी करेंगे साझा
हेमलता ने कहा कि अमर उजाला के अपराजिता कार्यक्रम में उनको जो भी जानकारी मिली है, उसे वह अपने परिवार व गांव के लोगों साथ साझा करेंगी।
घरेलू हिंसा बताई
सीता ने कहा कि एसएचओ महिला थाना के साथ संवाद बहुत रोचक था। उन्होंने पोक्सो, घरेलू हिंसा, छेड़छाड़ आदि मामलों में कानूनी प्रक्रिया से अवगत करवाया।
मुहिम से मिलेगा बल
सनमा ने कहा कि नारी गरिमा, बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान को अमर उजाला की अपराजिता मुहिम से बल मिलेगा। महिलाएं अपने अधिकारों के प्रति जागरूक होंगी।
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कुल्लू। बेटियों को शिक्षित करने के लिए बेटी बचाओ-बेटी बढ़ाओ मुहिम को और मजबूत करने की आवश्यकता है। शिक्षित होने के बाद महिलाएं अपने अधिकारों के बारे में जागरूक होंगी और अत्याचार के खिलाफ आवाज उठाएंगी। यह बात एसएचओ महिला थाना कुल्लू उमा ठाकुर ने शुक्रवार को अमर उजाला के अपराजिता कार्यक्रम के दौरान कही।
जिला मुख्यालय सरवरी स्थित महिला कल्याण भवन में अमर उजाला के अपराजिता 100 मिलियन स्माइल्स कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इसमें करीब 80 से अधिक छात्राओं व सेल्फ हेल्प ग्रुप की सदस्यों ने हिस्सा लिया। नेहरू युवा केंद्र के सहयोग से आयोजित इस कार्यक्रम में नेहरू युवा केंद्र के जिला समन्वयक एवं कमांडेंट लाल सिंह कौंडल ने बतौर मुख्यातिथि शिरकत की। एसएचओ महिला थाना कुल्लू उमा ठाकुर और खेल विभाग में यूथ आर्गेनाइजर दीप्ति वैद्य विशेष अतिथि के तौर पर मौजूद रहीं। जिला समन्वयक एवं कमांडेंट लाल सिंह कौंडल नेे कहा कि घरेलू हिंसा का शिकार कहीं न कहीं पर महिलाओं को होना पड़ रहा है। संविधान और सरकार की ओर से महिलाओं के सशक्तीरण के लिए कई कानून बना दिए। लेकिन अभी भी बहुत कुछ करना बाकी है। महिलाओं को अपनी क्षमताओं का संवर्धन करना पड़ेगा, जिससे वे और भी आगे बढ़ सके। एसएचओ महिला थाना उमा ठाकुर ने कहा कि महिला व लड़कियों की सुरक्षा उनके अपने हाथ में हैं। छोटी उम्र में शादी करने की न सोचें। लड़कियां नशा, शराब आदि बुरी आदतों से दूर रहें। एसएचओ उमा ठाकुर ने घरेलू हिंसा, पोक्सो एक्ट, सुरक्षा आदि के बारे मेें जागरूक किया। दीप्ति वैद्य ने कहा कि खेलों से महिलाओं में आत्मविश्वास बढ़ता है। उन्होंने कहा कि खेल न केवल मानसिक रूप से मजबूत बनाता है, बल्कि सकारात्मक सोच प्रदान करता है। समाज में महिलाओं को पहले से ही दबाने की कोशिश रही है। लेकिन भगवान ने महिलाओं को इतना सक्षम बनाया है कि वह हार नहीं मानती। कभी हार न मानने वाली महिला का नाम ही अपराजिता है। अमर उजाला की यह मुहिम महिला सशक्तीकरण अभियान को और मजबूत बनाएगी। इस दौरान हिमाचल महिला कल्याण मंडल संयोजक शम्मी शर्मा, अंजना आदि मौजूद रही।
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आवाज उठाने का मौका
पूर्ण चंद ने कहा कि अमर उजाला की अपराजिता मुहिम महिलाओं के हक में एक सराहनीय पहल है। महिलाओं को इसके माध्यम से अपनी आवाज उठाने का अवसर मिलेगा।
कार्यक्रम की जरूरत
धनेश्वरी ठाकुर ने कहा कि महिला के प्रति समाज का दृष्टिकोण अभी नहीं बदला है। इसलिए ऐसे कार्यक्रमों की आज भी आवश्यकता है।
महिलाएं होंगी जागरूक
यशवंती नेगी ने कार्यक्रम में घरेलू हिंसा, महिला सशक्तीकरण व अन्य महत्वपूर्ण जानकारियां हासिल हुई हैं। इससे महिलाओं को जागरूक होने का मौका मिला है।
जानकारी करेंगे साझा
हेमलता ने कहा कि अमर उजाला के अपराजिता कार्यक्रम में उनको जो भी जानकारी मिली है, उसे वह अपने परिवार व गांव के लोगों साथ साझा करेंगी।
घरेलू हिंसा बताई
सीता ने कहा कि एसएचओ महिला थाना के साथ संवाद बहुत रोचक था। उन्होंने पोक्सो, घरेलू हिंसा, छेड़छाड़ आदि मामलों में कानूनी प्रक्रिया से अवगत करवाया।
मुहिम से मिलेगा बल
सनमा ने कहा कि नारी गरिमा, बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान को अमर उजाला की अपराजिता मुहिम से बल मिलेगा। महिलाएं अपने अधिकारों के प्रति जागरूक होंगी।