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कुल्लू जिले में बारिश से 40 सड़कें बंद
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सैंज-न्यूली रोड पर गिरा देवदार का पेड़। इससे किसानों को सेब सब्जी मंडी ले जाने में काफी दिक्कतों ?
- फोटो : Kullu
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कुल्लू। जिले में तीन दिनों से लगातार मूसलाधार बारिश से मुख्य सड़कों के साथ सड़कों की हालत खस्ता हो गई है। पहले से परेशान बागवानों के साथ प्रशासन और लोक निर्माण विभाग की चिंता भी रोज बढ़ती जा रही है।
एक दिन पहले बहाल सड़क अगले दिन फिर बारिश के बाद हो रहे भूस्खलन, पेड़ गिरने, पत्थर-चट्टानों तथा डंगों के गिरने से बाधित है। इन सड़कों को प्राथमिकता के आधार पर खोलना सबसे बड़ी चुनौती है। लोक निर्माण विभाग के मजदूरों के साथ मशीनरी की भी भारी कमी है। विभाग ने सड़कों को खोलने के लिए दोगुना से भी अधिक जेसीबी को निजी क्षेत्र के हायर किया है।
हालांकि दिन में मौसम साफ हो रहा, मगर देर रात के बाद सुबह आठ से नौ बजे तक तेज बारिश होने से जिला का जनजीवन पूरी तरह से ठहर रहा है।
शनिवार सुबह भी नौ बजे तक बारिश का दौर जारी रहने से करीब चार घंटे तक सेब का तुड़ान नहीं हो पाया। बागवानों को मौसम खुलने का इंतजार करना पड़ा। जिले में बारिश के हुई भूस्खलन से बंद 40 सड़कों में आनी-निरमंड में सबसे अधिक 16, कुल्लू में दस, मनाली में दो तथा बंजार में 12 सड़कों पर यातायात अवरुद्ध हो गया है। इसमें लोनिवि निर्माण की सड़कों के साथ पंचायत स्तर पर बनी सड़कें शामिल हैं।
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इसके अलावा आनी से लेकर मनाली के बिजली के 55 ट्रांसफार्मर भी जाम रहे। इसमें 80 फीसदी ट्रांसफार्मरों को बिजली बोर्ड ने देर शाम तक बहाल करने का दावा किया है। ट्रांसफार्मरों से बंद होने का असर करीब 75 गांवों पर पड़ा है। उपायुक्त आशुतोष गर्ग ने कहा कि बारिश से जिला में किसी तरह के जानमाल का नुकसान नहीं हुआ है। बंद सड़कों और बिजली के ट्रांसफार्मरों को करने के निर्देश दिए हैं।
भुंतर के कहूधार में तालाब बना फोरलेन
कुल्लू। शुक्रवार रात जिले में भारी बारिश से सड़कें भी तालाब हो गई हैं। भुंतर के साथ लगते कहूधार में बारिश का पानी फोरलेन में एकत्र हो गया और सड़क तालाब में तब्दील हो गई। करीब 100 दायरे में तालाब बनी सड़क पर वाहनों का चलाना भी जोखिम भरा हो गया था। घंटों तक दो पहिया के साथ ऑटो कार को चलाना कठिन हो गया। बताया जा रहा है कि इस जगह पर फोरलेन उतार-चढ़ाव होने से पानी भर गया।
गलियों में भरा बारिश का पानी
कुल्लू। शनिवार सुबह जिला मुख्यालय कुल्लू की सड़कें भी बारिश के पानी और मलबे से भर गईं। एक ओर जहां पानी सड़कों पर बहता रहा, वहीं लोअर ढालपुर की गलियों की निकासी नालियों में बाढ़ की तरह पानी बहने लगा। इससे शहरवासी भी सहम से गए।
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एक दिन पहले बहाल सड़क अगले दिन फिर बारिश के बाद हो रहे भूस्खलन, पेड़ गिरने, पत्थर-चट्टानों तथा डंगों के गिरने से बाधित है। इन सड़कों को प्राथमिकता के आधार पर खोलना सबसे बड़ी चुनौती है। लोक निर्माण विभाग के मजदूरों के साथ मशीनरी की भी भारी कमी है। विभाग ने सड़कों को खोलने के लिए दोगुना से भी अधिक जेसीबी को निजी क्षेत्र के हायर किया है।
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हालांकि दिन में मौसम साफ हो रहा, मगर देर रात के बाद सुबह आठ से नौ बजे तक तेज बारिश होने से जिला का जनजीवन पूरी तरह से ठहर रहा है।
शनिवार सुबह भी नौ बजे तक बारिश का दौर जारी रहने से करीब चार घंटे तक सेब का तुड़ान नहीं हो पाया। बागवानों को मौसम खुलने का इंतजार करना पड़ा। जिले में बारिश के हुई भूस्खलन से बंद 40 सड़कों में आनी-निरमंड में सबसे अधिक 16, कुल्लू में दस, मनाली में दो तथा बंजार में 12 सड़कों पर यातायात अवरुद्ध हो गया है। इसमें लोनिवि निर्माण की सड़कों के साथ पंचायत स्तर पर बनी सड़कें शामिल हैं।
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इसके अलावा आनी से लेकर मनाली के बिजली के 55 ट्रांसफार्मर भी जाम रहे। इसमें 80 फीसदी ट्रांसफार्मरों को बिजली बोर्ड ने देर शाम तक बहाल करने का दावा किया है। ट्रांसफार्मरों से बंद होने का असर करीब 75 गांवों पर पड़ा है। उपायुक्त आशुतोष गर्ग ने कहा कि बारिश से जिला में किसी तरह के जानमाल का नुकसान नहीं हुआ है। बंद सड़कों और बिजली के ट्रांसफार्मरों को करने के निर्देश दिए हैं।
भुंतर के कहूधार में तालाब बना फोरलेन
कुल्लू। शुक्रवार रात जिले में भारी बारिश से सड़कें भी तालाब हो गई हैं। भुंतर के साथ लगते कहूधार में बारिश का पानी फोरलेन में एकत्र हो गया और सड़क तालाब में तब्दील हो गई। करीब 100 दायरे में तालाब बनी सड़क पर वाहनों का चलाना भी जोखिम भरा हो गया था। घंटों तक दो पहिया के साथ ऑटो कार को चलाना कठिन हो गया। बताया जा रहा है कि इस जगह पर फोरलेन उतार-चढ़ाव होने से पानी भर गया।
गलियों में भरा बारिश का पानी
कुल्लू। शनिवार सुबह जिला मुख्यालय कुल्लू की सड़कें भी बारिश के पानी और मलबे से भर गईं। एक ओर जहां पानी सड़कों पर बहता रहा, वहीं लोअर ढालपुर की गलियों की निकासी नालियों में बाढ़ की तरह पानी बहने लगा। इससे शहरवासी भी सहम से गए।