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अलर्ट के बाद भी ब्यास में मौज मस्ती
Updated Sun, 01 Jul 2018 10:10 PM IST
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पर्यटक
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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अमर उजाला ब्यूरो
कुल्लू। पर्यटक मानसून पहुंचने के बाद उफनती ब्यास नदी में बेखौफ होकर मौज मस्ती कर रहे हैं। जिला प्रशासन ने बरसात के मौसम को देखते हुए अलर्ट जारी किया है। खतरे को दरकिनार कर सैलानी अपनी जान की परवाह किए बिना नदी के किनारे सेल्फी लेने व नहाने के लिए जा रहे हैं।
पर्यटक अपने साथ छोटे-छोटे बच्चों को भी नदी में उतारे रहे हैं। जिला में ब्यास नदी सहित अन्य सहायक नदियों और नालों को जल स्तर उफान पर है। बीते दिन हुई बारिश के बाद ब्यास नदी का जल स्तर काफी ऊपर तक बह रहा है और नदी का पानी भी पूरी तरह से मटमैला है। नदी-नालों में पर्यटकों व आम लोगों की सुरक्षा को देखते हुए जिला प्रशासन ने ब्यास नदी के किनारे व इसकी सहायक नदियों के आसपास साइन बोर्ड भी लगाए गए हैं। बावजूद इसके पर्यटक इस खतर को अनदेखा कर रहे हैं। कुल्लू में मानसून पहुंच गया और जिला प्रशासन ने इससे पहले ही घाटी में सैर सपाटे को पहुंच रहे पर्यटकों और नदी किनारे बसे प्रवासी और अन्य लोगों को खतरे को देखते हुए नदी, नालों व अन्य संवेदनशील इलाकों की ओर न जाने की हिदायत दी है। हालांकि रविवार को कुल्लू घाटी में मौसम आमतौर पर साफ रहा।
पर्यटक व आमजन बरसात के दौरान नदी-नालों का रुख न करें। प्रशासन ने इसको लेकर अलर्ट जारी किया है। पर्यटकों की सुरक्षा को देखते हुए ब्यास में रिवर राफ्टिंग को भी बंद कर दिया है। पुलिस को निर्देश दिए गए हैं कि वह इस तरह की गतिविधियों पर नजर रखे और पर्यटकों को हटाएं।
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-अक्षस सूद, एडीएम कुल्लू
इन जगहों पर उतरते हैं पर्यटक्र
पिरड़ी, रामशीला, देवधाम, बाशिंग, रासयन, 15 मील, वशिष्ठ तथा रांगडी आदि जगहों पर पर्यटक अपने मासूम बच्चों के साथ ब्यास नदी में उतर रहे हैं। जिला कुल्लू बरसात के मौसम में सबसे अधिक संवेदनशील है। जिला में भूस्खलन के साथ ब्यास नदी का जल स्तर उफान पर रहता है। ब्यास की सहायक नदी पार्वती, तीर्थन सहित सैंज व सरवरी खड्ड का जल स्तर भी उफान पर है।
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कुल्लू। पर्यटक मानसून पहुंचने के बाद उफनती ब्यास नदी में बेखौफ होकर मौज मस्ती कर रहे हैं। जिला प्रशासन ने बरसात के मौसम को देखते हुए अलर्ट जारी किया है। खतरे को दरकिनार कर सैलानी अपनी जान की परवाह किए बिना नदी के किनारे सेल्फी लेने व नहाने के लिए जा रहे हैं।
पर्यटक अपने साथ छोटे-छोटे बच्चों को भी नदी में उतारे रहे हैं। जिला में ब्यास नदी सहित अन्य सहायक नदियों और नालों को जल स्तर उफान पर है। बीते दिन हुई बारिश के बाद ब्यास नदी का जल स्तर काफी ऊपर तक बह रहा है और नदी का पानी भी पूरी तरह से मटमैला है। नदी-नालों में पर्यटकों व आम लोगों की सुरक्षा को देखते हुए जिला प्रशासन ने ब्यास नदी के किनारे व इसकी सहायक नदियों के आसपास साइन बोर्ड भी लगाए गए हैं। बावजूद इसके पर्यटक इस खतर को अनदेखा कर रहे हैं। कुल्लू में मानसून पहुंच गया और जिला प्रशासन ने इससे पहले ही घाटी में सैर सपाटे को पहुंच रहे पर्यटकों और नदी किनारे बसे प्रवासी और अन्य लोगों को खतरे को देखते हुए नदी, नालों व अन्य संवेदनशील इलाकों की ओर न जाने की हिदायत दी है। हालांकि रविवार को कुल्लू घाटी में मौसम आमतौर पर साफ रहा।
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पर्यटक व आमजन बरसात के दौरान नदी-नालों का रुख न करें। प्रशासन ने इसको लेकर अलर्ट जारी किया है। पर्यटकों की सुरक्षा को देखते हुए ब्यास में रिवर राफ्टिंग को भी बंद कर दिया है। पुलिस को निर्देश दिए गए हैं कि वह इस तरह की गतिविधियों पर नजर रखे और पर्यटकों को हटाएं।
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-अक्षस सूद, एडीएम कुल्लू
इन जगहों पर उतरते हैं पर्यटक्र
पिरड़ी, रामशीला, देवधाम, बाशिंग, रासयन, 15 मील, वशिष्ठ तथा रांगडी आदि जगहों पर पर्यटक अपने मासूम बच्चों के साथ ब्यास नदी में उतर रहे हैं। जिला कुल्लू बरसात के मौसम में सबसे अधिक संवेदनशील है। जिला में भूस्खलन के साथ ब्यास नदी का जल स्तर उफान पर रहता है। ब्यास की सहायक नदी पार्वती, तीर्थन सहित सैंज व सरवरी खड्ड का जल स्तर भी उफान पर है।