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नई तकनीक से कृषि को बढ़ावा देने पर जोर
Updated Sat, 30 Dec 2017 05:21 PM IST
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नई तकनीक से कृषि को बढ़ावा देने पर जोर
राष्ट्रीय सम्मेलन में पर्यावरण को लेकर हुई चर्चा
कुल्लू कॉलेज में भूगोल विभाग का राष्ट्रीय सम्मेलन शुरू
अमर उजाला ब्यूरो
कुल्लू। राजकीय महाविद्यालय कुल्लू के सभागार में दो दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन का समापन हो गया। भूगोल विभाग की ओर से आयोजित इस सम्मेलन का शुभारंभ आईआईटी मंडी के निदेशक प्रो टीमोथी गोन साल्वस ने किया। वहीं एनपीएच दिल्ली के डॉ आरके कोटनाला मुख्य वक्ता रहे। वहीं सम्मेलन के समापन अवसर पर जीबी पंत राष्ट्रीय संस्थान के वैज्ञानिक प्रभारी एसएस सामंत ने बतौर मुख्यातिथि शिरकत की। इससे पहले सम्मेलन में जीबी पंत के वैज्ञानिक जेसी कुनियाल ने पर्यावरण विषय को लेकर अपने विचार रखे।
सम्मेलन के संयोजक प्रो नरेश कमल ने देशभर से आए मेहमानों का स्वागत किया और कॉलेज के प्राचार्य डॉ नंदलाल शर्मा ने कुल्लवी परंपरा के अनुसार सम्मानित किया। सम्मेलन के मुख्य वक्ता डा आरके कोटनाला ने उनके द्वारा निर्मित सोलर सेल की जानकारी दी। इस मौके पर प्रो देवदत्त शर्मा, डॉ संजय पठानिया, डॉ मिलाप चंद शर्मा ने अपने वक्तव्य को प्रस्तुत किया। कार्यक्रम में प्राचार्य प्रो नारायण सिंह ठाकुर, प्राचार्य डा मनदीप शर्मा, प्रो यशपाल महंत और डॉ जेसी कुनियाल आदि उपस्थित रहे। सम्मेलन के प्रथम सत्र का संचालन डॉ अनूप कुमार ने किया। सम्मेलन के समन्वयक प्रो चेत राम ने कहा कि पहले दिन 30 वक्ताओं ने अपने शोधपत्र प्रस्तुत किए गए।
वहीं सम्मेलन के समापन अवसर पर प्रोफेसर शमशेर सिंह, प्रो मोती लाल, डा पीडी लाल, प्रोफेसर नारायण सिंह ठाकुर, प्रोफेसर यशपाल महंत मिलाप चंद शर्मा सहित विशेष सत्र में कुल 30 वक्ताओं ने अपने वक्तव्य प्रस्तुत किया। दो दिनों तक चले राष्ट्रीय सम्मेलन में देशभर के लगभग 70 शोधकर्ता एवं वैज्ञानिकों ने हिस्सा लिया। डॉ अनूप कुमार, सम्मेलन के समन्वयक प्रो चेत राम और सविता नेगी ने कहा कि राष्ट्रीय सम्मेलन का आयोजन बेहद सफल रहा है। पर्यावरण को बचाने के लिए कारगर कदम उठाने को लेकर वैज्ञानिकों ने मंथन किया है।
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राष्ट्रीय सम्मेलन में पर्यावरण को लेकर हुई चर्चा
कुल्लू कॉलेज में भूगोल विभाग का राष्ट्रीय सम्मेलन शुरू
अमर उजाला ब्यूरो
कुल्लू। राजकीय महाविद्यालय कुल्लू के सभागार में दो दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन का समापन हो गया। भूगोल विभाग की ओर से आयोजित इस सम्मेलन का शुभारंभ आईआईटी मंडी के निदेशक प्रो टीमोथी गोन साल्वस ने किया। वहीं एनपीएच दिल्ली के डॉ आरके कोटनाला मुख्य वक्ता रहे। वहीं सम्मेलन के समापन अवसर पर जीबी पंत राष्ट्रीय संस्थान के वैज्ञानिक प्रभारी एसएस सामंत ने बतौर मुख्यातिथि शिरकत की। इससे पहले सम्मेलन में जीबी पंत के वैज्ञानिक जेसी कुनियाल ने पर्यावरण विषय को लेकर अपने विचार रखे।
सम्मेलन के संयोजक प्रो नरेश कमल ने देशभर से आए मेहमानों का स्वागत किया और कॉलेज के प्राचार्य डॉ नंदलाल शर्मा ने कुल्लवी परंपरा के अनुसार सम्मानित किया। सम्मेलन के मुख्य वक्ता डा आरके कोटनाला ने उनके द्वारा निर्मित सोलर सेल की जानकारी दी। इस मौके पर प्रो देवदत्त शर्मा, डॉ संजय पठानिया, डॉ मिलाप चंद शर्मा ने अपने वक्तव्य को प्रस्तुत किया। कार्यक्रम में प्राचार्य प्रो नारायण सिंह ठाकुर, प्राचार्य डा मनदीप शर्मा, प्रो यशपाल महंत और डॉ जेसी कुनियाल आदि उपस्थित रहे। सम्मेलन के प्रथम सत्र का संचालन डॉ अनूप कुमार ने किया। सम्मेलन के समन्वयक प्रो चेत राम ने कहा कि पहले दिन 30 वक्ताओं ने अपने शोधपत्र प्रस्तुत किए गए।
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वहीं सम्मेलन के समापन अवसर पर प्रोफेसर शमशेर सिंह, प्रो मोती लाल, डा पीडी लाल, प्रोफेसर नारायण सिंह ठाकुर, प्रोफेसर यशपाल महंत मिलाप चंद शर्मा सहित विशेष सत्र में कुल 30 वक्ताओं ने अपने वक्तव्य प्रस्तुत किया। दो दिनों तक चले राष्ट्रीय सम्मेलन में देशभर के लगभग 70 शोधकर्ता एवं वैज्ञानिकों ने हिस्सा लिया। डॉ अनूप कुमार, सम्मेलन के समन्वयक प्रो चेत राम और सविता नेगी ने कहा कि राष्ट्रीय सम्मेलन का आयोजन बेहद सफल रहा है। पर्यावरण को बचाने के लिए कारगर कदम उठाने को लेकर वैज्ञानिकों ने मंथन किया है।
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