कुल्लू। अंतरराष्ट्रीय कुल्लू दशहरा उत्सव में इस बार 313 देवी-देवता शामिल होकर उत्सव की शान बढ़ा रहे हैं। जिलेभर से देवी-देवता ऐतिहासिक मैदान ढालपुर पहुंचे हैं और यहां देव परंपरा का निर्वाहन कर रहे हैं। जिला मुख्यालय के आसपास से लेकर ऊझी घाटी सहित सौ से दो सौ किलोमीटर दूर से भी देवी-देवता भाग लेने पहुंचे हैं। इस बार माफीदार देवी-देवताओं में 145 और गैर माफीदार 133 देवी-देवता पहुंचे हैं। इनका प्रशासन ने पंजीकरण किया है जबकि 35 देवी-देवता ऐसे भी पहुंचे हैं जिन्हें निमंत्रण नहीं दिया गया था। इन देवी-देवताओं का प्रशासन पंजीकरण नहीं करता है। माफीदार, गैरमाफीदार के साथ बिना निमंत्रण के पहुंचे देवी-देवताओं को मिलाकर उत्सव में 313 देवी-देवता पहुंचे हैं। कुल्लू के तहसीलदार अनिल कुमार ने बताया कि माफीदार और गैरमाफीदार देवी-देवताओं का पंजीकरण किया जा रहा है। अब तक 278 देवी-देवताओं का पंजीकरण किया जा चुका है। बिना निमंत्रण के देवी-देवताओं का पंजीकरण नहीं किया जाता है।
इससे पहले देवी-देवताओं के उत्सव में शरीक होने के आंकड़े पर नजर दौड़ाई जाए तो वर्ष 2022 में 304, वर्ष 2023 में 315, वर्ष 2024 में 317 और वर्ष 2025 में 305 देवी-देवताओं ने दशहरा उत्सव में उपस्थिति दर्ज करवाई थी। लिहाजा, वर्ष दर वर्ष देवी-देवता उत्सव में शामिल होने की परंपरा निभा रहे हैं।