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सी-ग्रेड सेब की खरीद पर 30 बोरी की सीमा बागवानों से अन्याय : कपूर
Sat, 18 Jul 2026 04:11 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुल्लू
संवाद न्यूज एजेंसी, कुल्लू
Updated Sat, 18 Jul 2026 04:11 AM IST
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कुल्लू। भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता अखिलेश कपूर ने मार्केट इंटरवेंशन स्कीम (एमआईएस) के तहत सी-ग्रेड सेब की खरीद पर 30 बोरी की सीमा तय करने के फैसले को हिमाचल के लाखों बागवानों के साथ खुला अन्याय और विश्वासघात बताया है।
उन्होंने कहा कि यह निर्णय बागवानों की वर्षों की मेहनत और उनकी आजीविका पर सीधा प्रहार है। कांग्रेस सरकार चुनाव से पहले किसानों और बागवानों की आय बढ़ाने के बड़े-बड़े वादे करती रही लेकिन सत्ता में आते ही उनकी उपज पर ही प्रतिबंध लगाने लगी है।
उन्होंने सरकार से पूछा कि यदि किसी बागवान के पास 30 बोरी से अधिक सी-ग्रेड सेब होगा तो वह उसे कहां बेचेगा। यदि वह खराब हो गया तो उसके नुकसान की जिम्मेदारी कौन लेगा। प्रदेश का बागवान पहले ही मौसम की मार, बढ़ती लागत, महंगे कीटनाशकों, खाद और दवाइयों की कमी तथा समय पर भुगतान न मिलने जैसी समस्याओं से जूझ रहा है।
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ऐसे कठिन समय में राहत देने के बजाय नई शर्तें थोपना सरकार की बागवान विरोधी मानसिकता को उजागर करता है। उन्होंने मांग की है कि सरकार इस जनविरोधी निर्णय को तुरंत वापस ले और एमआईएस के तहत सभी पात्र बागवानों की पूरी उपज की खरीद सुनिश्चित करें, नहीं तो भाजपा बागवानों के हितों की रक्षा के लिए सड़क से लेकर सदन तक आंदोलन करेंगी।
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उन्होंने कहा कि यह निर्णय बागवानों की वर्षों की मेहनत और उनकी आजीविका पर सीधा प्रहार है। कांग्रेस सरकार चुनाव से पहले किसानों और बागवानों की आय बढ़ाने के बड़े-बड़े वादे करती रही लेकिन सत्ता में आते ही उनकी उपज पर ही प्रतिबंध लगाने लगी है।
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उन्होंने सरकार से पूछा कि यदि किसी बागवान के पास 30 बोरी से अधिक सी-ग्रेड सेब होगा तो वह उसे कहां बेचेगा। यदि वह खराब हो गया तो उसके नुकसान की जिम्मेदारी कौन लेगा। प्रदेश का बागवान पहले ही मौसम की मार, बढ़ती लागत, महंगे कीटनाशकों, खाद और दवाइयों की कमी तथा समय पर भुगतान न मिलने जैसी समस्याओं से जूझ रहा है।
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ऐसे कठिन समय में राहत देने के बजाय नई शर्तें थोपना सरकार की बागवान विरोधी मानसिकता को उजागर करता है। उन्होंने मांग की है कि सरकार इस जनविरोधी निर्णय को तुरंत वापस ले और एमआईएस के तहत सभी पात्र बागवानों की पूरी उपज की खरीद सुनिश्चित करें, नहीं तो भाजपा बागवानों के हितों की रक्षा के लिए सड़क से लेकर सदन तक आंदोलन करेंगी।