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ठंड से जमी पुलगा झील में मस्ती पड़ सकती है भारी
Updated Sun, 28 Jan 2018 10:20 PM IST
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जरी (कुल्लू)। मणिकर्ण घाटी में इन दिनों कड़ाके की ठंड से पानी जम गया है। एनएचपीपी प्रबंधन की ओर से पार्वती व पुलगा नाले को रोककर बनाए गए डैम का पानी शीशा बन गया है। झील के जम जाने से पर्यटक इस पर मस्ती कर रहे हैं। लेकिन यह मस्ती भारी पड़ सकती है।
पुलगा डैम में पर्यटकों को रोकने के लिए जालियां नहीं बनाई गई हैं। इसके अलावा चेतावनी बोर्ड भी नहीं लगाए गए हैं। ऐसे में पर्यटक बेखौफ होकर झील में उतर रहे हैं। झील में उतरने के बाद यहां पर फोटोग्राफी कर रहे हैं। स्थानीय निवासी चमन, बुद्धि सिंह और केहर सिंह ने कहा कि एनएचपीसी प्रबंधन ने झील को पानी से भर दिया लेकिन झील के किनारों पर कोई भी सुरक्षा जाली नहीं लगाई। जिससे यहां पर पर्यटकों के साथ आम जनता के लिए भी हादसों का अंदेशा बना हुआ है। उन्होंने कहा कि झील में परिवर्तित गवाछा पुल के लिए जो रास्ता जुगरूथाना से होकर जाता था। नकथान से वापस ग्वाछा पुल तक आने वाला रास्ता दोनों अभी भी खुले हैं। दोनों रास्तें अभी भी खुले होने के कारण पर्यटक झील तक आसानी से पहुंच सकते हैं। रविवार को कुछ पर्यटक झील में बर्फ पर पहुंचकर फोटोग्राफी करते रहे। स्थानीय लोगों ने उन्हें हटाया। इसलिए झील के चारों ओर जालियां लगाई जाएं। इस संबंध में एसडीएम सदर डॉ अमित गुलेरिया ने कहा कि इस संबंध में एनएचपीसी को जालियां व बोर्ड लगाने के निर्देश दिए जाएंगे।
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पुलगा डैम में पर्यटकों को रोकने के लिए जालियां नहीं बनाई गई हैं। इसके अलावा चेतावनी बोर्ड भी नहीं लगाए गए हैं। ऐसे में पर्यटक बेखौफ होकर झील में उतर रहे हैं। झील में उतरने के बाद यहां पर फोटोग्राफी कर रहे हैं। स्थानीय निवासी चमन, बुद्धि सिंह और केहर सिंह ने कहा कि एनएचपीसी प्रबंधन ने झील को पानी से भर दिया लेकिन झील के किनारों पर कोई भी सुरक्षा जाली नहीं लगाई। जिससे यहां पर पर्यटकों के साथ आम जनता के लिए भी हादसों का अंदेशा बना हुआ है। उन्होंने कहा कि झील में परिवर्तित गवाछा पुल के लिए जो रास्ता जुगरूथाना से होकर जाता था। नकथान से वापस ग्वाछा पुल तक आने वाला रास्ता दोनों अभी भी खुले हैं। दोनों रास्तें अभी भी खुले होने के कारण पर्यटक झील तक आसानी से पहुंच सकते हैं। रविवार को कुछ पर्यटक झील में बर्फ पर पहुंचकर फोटोग्राफी करते रहे। स्थानीय लोगों ने उन्हें हटाया। इसलिए झील के चारों ओर जालियां लगाई जाएं। इस संबंध में एसडीएम सदर डॉ अमित गुलेरिया ने कहा कि इस संबंध में एनएचपीसी को जालियां व बोर्ड लगाने के निर्देश दिए जाएंगे।
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