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भुभू जोत टनल निर्माण का मामला फाइलों में दफन
Updated Tue, 30 Oct 2018 10:17 PM IST
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फाइलों में दफन हो गया भुभू
जोत टनल निर्माण का मामला
लोकसभा चुनावों में बना था मुख्य मुद्दा, नहीं हुआ बजट का प्रावधान
साढ़े चार साल से सांसद और नौ माह से प्रदेश सरकार ने नहीं ली सुध
अमर उजाला ब्यूरो
कुल्लू/खराहल। करीब एक दशक से भुभू जोत निर्माण का मामला बजट के अभाव में लटका पड़ा है। हर राजनीतिक दल चुनाव के समय टनल निर्माण का वादा करते हैं, लेकिन बाद में मामला कागजों के फेर में ही उलझ कर रह जाता है।
2014 के लोकसभा चुनाव में भी तमाम राजनीतिक दलों ने वोट अर्जित करने के लिए इसे मुख्य मुद्दा बनाया था। मंडी लोकसभा के सांसद का ताल्लुक भी जोगिंद्रनगर से है। लोगों को भी आस थी कि इस बार टनल का काम जरूर शुरू हो जाएगा, लेकिन अभी तक मामला फाइलों में ही दफन है। कुल्लू निवासी अमित ठाकुर, रेवत ठाकुर, बाला राम, सुरेंद्र भारद्वाज, चमन ठाकुर, किसान सभा के उपाध्यक्ष देवराज नेगी, नवीन, सेस राम और ज्ञान ठाकुर आदि का कहना है कि टनल के निर्माण के लिए न ही पूर्व सरकार और न ही वर्तमान सरकार और सांसद ने गंभीरता से प्रयास किए हैं। इस कारण टनल निर्माण का कार्य कई सालों से लटका पड़ा है। सरकार के आंकड़ों अनुसार सुरंग की लंबाई 3207 मीटर है। सुरंग बनने से कुल्लू-जोगिंद्रनगर की दूरी लगभग 70 किलोमीटर कम हो जाएगी। वहीं, सामरिक दृष्टि से भी टनल का निर्माण महत्वपूर्ण होगा। बताया जा रहा है कि इस टनल के लिए करीब 368 करोड़ रुपये की राशि खर्च होने का अनुमान है। मामला कई साल से लटकने से बजट में भी अब और इजाफा होगा। प्रदेश कांग्रेस के महासचिव धर्मवीर धामी कहते हैं कि मंडी के सांसद को भुभू जोत टनल बनाने के लिए केंद्रीय सरकार से बजट का प्रावधान करना चाहिए, लेकिन साढ़े चार सालों में कागजों में मामला उलझा हुआ है। बजट के अभाव में प्रस्तावित सुरंग का निर्माण लटका पड़ा है।
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जोत टनल निर्माण का मामला
लोकसभा चुनावों में बना था मुख्य मुद्दा, नहीं हुआ बजट का प्रावधान
साढ़े चार साल से सांसद और नौ माह से प्रदेश सरकार ने नहीं ली सुध
अमर उजाला ब्यूरो
कुल्लू/खराहल। करीब एक दशक से भुभू जोत निर्माण का मामला बजट के अभाव में लटका पड़ा है। हर राजनीतिक दल चुनाव के समय टनल निर्माण का वादा करते हैं, लेकिन बाद में मामला कागजों के फेर में ही उलझ कर रह जाता है।
2014 के लोकसभा चुनाव में भी तमाम राजनीतिक दलों ने वोट अर्जित करने के लिए इसे मुख्य मुद्दा बनाया था। मंडी लोकसभा के सांसद का ताल्लुक भी जोगिंद्रनगर से है। लोगों को भी आस थी कि इस बार टनल का काम जरूर शुरू हो जाएगा, लेकिन अभी तक मामला फाइलों में ही दफन है। कुल्लू निवासी अमित ठाकुर, रेवत ठाकुर, बाला राम, सुरेंद्र भारद्वाज, चमन ठाकुर, किसान सभा के उपाध्यक्ष देवराज नेगी, नवीन, सेस राम और ज्ञान ठाकुर आदि का कहना है कि टनल के निर्माण के लिए न ही पूर्व सरकार और न ही वर्तमान सरकार और सांसद ने गंभीरता से प्रयास किए हैं। इस कारण टनल निर्माण का कार्य कई सालों से लटका पड़ा है। सरकार के आंकड़ों अनुसार सुरंग की लंबाई 3207 मीटर है। सुरंग बनने से कुल्लू-जोगिंद्रनगर की दूरी लगभग 70 किलोमीटर कम हो जाएगी। वहीं, सामरिक दृष्टि से भी टनल का निर्माण महत्वपूर्ण होगा। बताया जा रहा है कि इस टनल के लिए करीब 368 करोड़ रुपये की राशि खर्च होने का अनुमान है। मामला कई साल से लटकने से बजट में भी अब और इजाफा होगा। प्रदेश कांग्रेस के महासचिव धर्मवीर धामी कहते हैं कि मंडी के सांसद को भुभू जोत टनल बनाने के लिए केंद्रीय सरकार से बजट का प्रावधान करना चाहिए, लेकिन साढ़े चार सालों में कागजों में मामला उलझा हुआ है। बजट के अभाव में प्रस्तावित सुरंग का निर्माण लटका पड़ा है।
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