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ठेकेदार, कंपनी को एक-एक लाख जुर्माना
Updated Sat, 13 Oct 2018 07:20 PM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
कुल्लू। फोरलेन निर्माण के दौरान ब्यास नदी के किनारे हो रही अवैध डंपिंग को लेकर वन विभाग सख्त हो गया है। वन विभाग ने मामले में कार्रवाई करते हुए ठेकेदार और कंपनी पर एक-एक लाख रुपये जुर्माना ठोका है। कंपनी को इसके लिए नोटिस भी दिया गया है। वन विभाग की कार्रवाई से फोरलेन निर्माण का कार्य कर रहे ठेकेदारों में हड़कंप मचा हुआ है।
गौर रहे कि इन दिनों रामशिला से जिया तक ब्यास के साथ फोरलेन का कार्य चला हुआ है। लेकिन कई जगहों पर फोरलेन कार्य में लगी कंपनी के ठेकेदार मलबे को डंपिंग साइट में डंप करने की बजाय ब्यास के किनारे फेंक रहे हैं। कई जगहों पर सड़क के किनारे मिट्टी के बड़े-बड़े ढेर लगे हुए हैं। इससे वन संपदा को नुकसान पहुंचा है। वन विभाग ने इससे पहले भी ठेकेदारों और कंपनी को जुर्माना किया है। वन विभाग के आंकड़ों के मुताबिक फोरलेन निर्माण में अब तक वन विभाग कुल 23 लाख जुर्माना वसूल कर चुका है। इसके बावजूद ठेकेदार मनमाने तरीके से अवैध डंपिंग कर रहे हैं। इस पर घाटी के पर्यावरण प्रेमियों ने चिंता जाहिर की थी।
फोरलेन निर्माण के मलबे की अवैध डंपिंग के लिए ठेकेदार और कंपनी को एक-एक लाख जुर्माना लगाया गया है। कंपनी को नोटिस भी जारी किया गया है। ब्यास नदी के किनारे रिटेनिंग वॉल बनाई जाए। जहां पर भी संभव है, वहां से मलबे को उठाया जाए। वन संपदा को नुकसान पहुंचाने पर नियमानुसार कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
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-डॉ. नीरज चड्ढा, डीएफओ, वन विभाग
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कुल्लू। फोरलेन निर्माण के दौरान ब्यास नदी के किनारे हो रही अवैध डंपिंग को लेकर वन विभाग सख्त हो गया है। वन विभाग ने मामले में कार्रवाई करते हुए ठेकेदार और कंपनी पर एक-एक लाख रुपये जुर्माना ठोका है। कंपनी को इसके लिए नोटिस भी दिया गया है। वन विभाग की कार्रवाई से फोरलेन निर्माण का कार्य कर रहे ठेकेदारों में हड़कंप मचा हुआ है।
गौर रहे कि इन दिनों रामशिला से जिया तक ब्यास के साथ फोरलेन का कार्य चला हुआ है। लेकिन कई जगहों पर फोरलेन कार्य में लगी कंपनी के ठेकेदार मलबे को डंपिंग साइट में डंप करने की बजाय ब्यास के किनारे फेंक रहे हैं। कई जगहों पर सड़क के किनारे मिट्टी के बड़े-बड़े ढेर लगे हुए हैं। इससे वन संपदा को नुकसान पहुंचा है। वन विभाग ने इससे पहले भी ठेकेदारों और कंपनी को जुर्माना किया है। वन विभाग के आंकड़ों के मुताबिक फोरलेन निर्माण में अब तक वन विभाग कुल 23 लाख जुर्माना वसूल कर चुका है। इसके बावजूद ठेकेदार मनमाने तरीके से अवैध डंपिंग कर रहे हैं। इस पर घाटी के पर्यावरण प्रेमियों ने चिंता जाहिर की थी।
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फोरलेन निर्माण के मलबे की अवैध डंपिंग के लिए ठेकेदार और कंपनी को एक-एक लाख जुर्माना लगाया गया है। कंपनी को नोटिस भी जारी किया गया है। ब्यास नदी के किनारे रिटेनिंग वॉल बनाई जाए। जहां पर भी संभव है, वहां से मलबे को उठाया जाए। वन संपदा को नुकसान पहुंचाने पर नियमानुसार कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
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-डॉ. नीरज चड्ढा, डीएफओ, वन विभाग