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निजी स्कूल दाखिला फीस में हर साल हो रही 20 फीसदी वृद्धि
Updated Wed, 14 Mar 2018 10:12 PM IST
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निजी स्कूल दाखिला फीस में
हर साल हो रही 20 फीसदी वृद्धि
निजी स्कूलों की मनमानी के आगे शिक्षा विभाग बेबस
मनमानी बढ़ोतरी से अभिभावक भी हो रहे हैं परेशान
अमर उजाला ब्यूरो
कुल्लू। निजी स्कूलों में फीस के नाम पर मनमानी बढ़ोतरी से अभिभावक हताश हो गए हैं। कुल्लू जिला में निजी स्कूल में बच्चे के स्तरोन्नत होने पर औसतन करीब 20 फीसदी फीस में बढ़ोतरी की जा रही है। शिक्षा विभाग भी निजी स्कूलों की मनमानी के आगे बेबस है।
एडमिशन फीस, बिल्डिंग फंड, बस फेयर, किताबें कापियों की कीमत में हर साल 15 से 20 फीसदी तक इजाफा कर रहे हैं। शिक्षा विभाग की निजी स्कूलों में फीस का ढांचा तकरीबन हर साल मनमाने ढंग से बदला जाता है, लेकिन इसमें शिक्षा विभाग कुछ नहीं कर पा रहा है। अभिभावकों की आपत्ति के बावजूद स्कूल प्रबंधन फीस पर कोई अंकुश नहीं लगा रहे हैं। प्रशासन और राजनीतिक पैठ होने के कारण निजी स्कूलों से विभाग भी दूरी बनाए हुए हैं। जिसका खामियाजा निजी स्कूलों के अभिभावकों को भुगतना पड़ रहा है। निरीक्षण विंग भी मात्र सरकारी स्कूलों में निगरानी करने में जुटा हुआ है। वहीं निजी स्कूलों खामियों की भरमार लगी हुई है। निजी स्कूल में अपने को बच्चों को पढ़ा रहे अभिभावक नेसू राम, प्रेम ठाकुर, संदीप कुमार, राकेश, विमला देवी, गीता देवी, अजय, प्रेम कुमार, राजकुमार, भीमसेन और आशा के अनुसार निजी स्कूलों में मनमाने तरीके से फीस वसूले जाने का सिलसिला नहीं थम रहा है। स्कूल में उनसे हर साल एडमिशन फीस ली जाती है। इसके बाद महीने की फीस में बस का किराया व अन्य चार्ज हर साल बढ़ाया जाता है।
उधर, हिमालयन पर्यावरण संरक्षण संगठन कुल्लू के अध्यक्ष अभिषेक रॉय ने कहा कि कुल्लू के निजी स्कूल हाईकोर्ट के आदेशों का उल्लंघन कर रहे हैं। इसके खिलाफ हाईकोर्ट में एक शपथ पत्र दायर किया जाएगा। इधर, शिक्षा उप निदेशक प्रारंभिक कुलवंत पठानिया ने कहा कि स्कूलों में तय नियमों के आधार पर फीस ली जा सकती है। शिक्षा का व्यापारिकरण नहीं होने दिया जाएगा।
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हर साल हो रही 20 फीसदी वृद्धि
निजी स्कूलों की मनमानी के आगे शिक्षा विभाग बेबस
मनमानी बढ़ोतरी से अभिभावक भी हो रहे हैं परेशान
अमर उजाला ब्यूरो
कुल्लू। निजी स्कूलों में फीस के नाम पर मनमानी बढ़ोतरी से अभिभावक हताश हो गए हैं। कुल्लू जिला में निजी स्कूल में बच्चे के स्तरोन्नत होने पर औसतन करीब 20 फीसदी फीस में बढ़ोतरी की जा रही है। शिक्षा विभाग भी निजी स्कूलों की मनमानी के आगे बेबस है।
एडमिशन फीस, बिल्डिंग फंड, बस फेयर, किताबें कापियों की कीमत में हर साल 15 से 20 फीसदी तक इजाफा कर रहे हैं। शिक्षा विभाग की निजी स्कूलों में फीस का ढांचा तकरीबन हर साल मनमाने ढंग से बदला जाता है, लेकिन इसमें शिक्षा विभाग कुछ नहीं कर पा रहा है। अभिभावकों की आपत्ति के बावजूद स्कूल प्रबंधन फीस पर कोई अंकुश नहीं लगा रहे हैं। प्रशासन और राजनीतिक पैठ होने के कारण निजी स्कूलों से विभाग भी दूरी बनाए हुए हैं। जिसका खामियाजा निजी स्कूलों के अभिभावकों को भुगतना पड़ रहा है। निरीक्षण विंग भी मात्र सरकारी स्कूलों में निगरानी करने में जुटा हुआ है। वहीं निजी स्कूलों खामियों की भरमार लगी हुई है। निजी स्कूल में अपने को बच्चों को पढ़ा रहे अभिभावक नेसू राम, प्रेम ठाकुर, संदीप कुमार, राकेश, विमला देवी, गीता देवी, अजय, प्रेम कुमार, राजकुमार, भीमसेन और आशा के अनुसार निजी स्कूलों में मनमाने तरीके से फीस वसूले जाने का सिलसिला नहीं थम रहा है। स्कूल में उनसे हर साल एडमिशन फीस ली जाती है। इसके बाद महीने की फीस में बस का किराया व अन्य चार्ज हर साल बढ़ाया जाता है।
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उधर, हिमालयन पर्यावरण संरक्षण संगठन कुल्लू के अध्यक्ष अभिषेक रॉय ने कहा कि कुल्लू के निजी स्कूल हाईकोर्ट के आदेशों का उल्लंघन कर रहे हैं। इसके खिलाफ हाईकोर्ट में एक शपथ पत्र दायर किया जाएगा। इधर, शिक्षा उप निदेशक प्रारंभिक कुलवंत पठानिया ने कहा कि स्कूलों में तय नियमों के आधार पर फीस ली जा सकती है। शिक्षा का व्यापारिकरण नहीं होने दिया जाएगा।
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