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दस करोड़ खर्च करने से भी नहीं रुका रिसाव

Sun, 14 Apr 2019 09:32 PM IST
Shimla	 Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Sun, 14 Apr 2019 09:32 PM IST
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दस करोड़ खर्च करने से भी नहीं रुका रिसाव
अमर उजाला ब्यूरो
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लारजी (कुल्लू)। पार्वती जल विद्युत परियोजना के तृतीय चरण की हेड रेस टनल में हो रही लीकेज का विशेषज्ञ मूल कारण तलाश नहीं कर पाए हैं। काफी कोशिशों के बावजूद बिहाली की पहाड़ी से लगातार जल धारा फूट रही है। इस महत्वाकांक्षी परियोजना में उत्पादन शुरू होने से पहले ही यह गड़बड़ी समाने आई थी।
520 मेगावाट की इस परियोजना की टनल में पानी का रिसाव होने से निर्माण कार्य पर सवाल उठने लगे हैं। रिसाव से निपटने के लिए परियोजना का संचालन कर रही कंपनी एनएचपीसी अब तक करीब दस करोड़ रुपये खर्च कर चुकी है। लेकिन नतीजा शून्य है। टनल में हो रहा रिसाव एचएचपीसी के लिए सिरदर्द बना हुआ है। हाल ही में एनएचपीसी ने समस्या के समाधान के लिए तीन माह तक बिजली का उत्पादन बंद कर टनल की मरम्मत की है। कंपनी ने भू सर्वेक्षण का एक विशेषज्ञ दल बुलाकर पहाड़ी का बारीकी से अध्ययन किया और करीब पांच करोड़ खर्च कर टनल की मरम्मत करवाई।
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   तीन माह तक परियोजना में बिजली उत्पान बंद करवाकर रिसाव से संबंधित सभी पहलुओं पर पुख्ता छानबीन की गई। बीते सप्ताह जब टनल में पानी भरा गया तो बिहाली में फिर जलधारा फूटने लगी। वर्ष 2013 से अब तक तीन बार टनल की मरम्मत करवाई जा चुकी है। सात माह उत्पादन बंद रखा गया और दस करोड़ रुपये खर्चे जा चुके है। टनल की लीकेज से बिहाली और सपांगनी गांव के लोग दहशत में है। ग्रामीण सुरेश कुमार, पिंगला देवी, रोशन लाल, मोहन लाल ने कहा कि सड़क के ऊपर हो रहे रिसाव से पत्थर गिर रहे हैं। पैदल आने-जाने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कई लोगों का कहना है कि टनल कभी भी फट सकती है। अगर ऐसा हुआ तो पूरे गांव का नामोनिशान मिट जाएगा। ग्रामीणों ने कहा कि कंपनी को गांव की सुरक्षा की गारंटी लेनी चाहिए। किसान और मजदूर नेता नारायण चौहान, सीटू अध्यक्ष जसवंत नेगी, नेसर सिंह और सेवती राम ने परियोजना के निर्माण की गुणवत्ता पर सवाल उठाए। कहा कि निर्माण कार्य में भारी धांधली की आशंका है। उन्होंने कहा कि निर्माण कार्य की जांच होनी चाहिए। इस भूल से ग्रामीणों और परियोजना प्रबंधक को भारी नुकसान झेलना पड़ सकता है। उधर, एनएचपीसी के महाप्रबंधक सीबी सिंह ने कहा कि परियोजना निर्माण की गुणवत्ता उच्च स्तरीय है। हाल ही में टनल की मरम्मत हुई है। रिसाव रोकने के लिए प्रयास जारी रहेंगे और इसमें खतरे जैसी कोई बात नहीं है।
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