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कूड़े को लेकर नप में मचा घमासान
Updated Sat, 22 Sep 2018 07:08 PM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
कुल्लू। पिरड़ी कूड़ा संयंत्र विवाद को लेकर नगर परिषद में घमासान मचा है। एक सप्ताह में दूसरी बार नगर परिषद उपाध्यक्ष को मामले में सफाई देनी पड़ी है। नगर परिषद के पूर्व अध्यक्ष ऋषभ कालिया के कूड़ा संयंत्र की छंटाई में खर्च बजट में गोलमाल के आरोप के बाद अब लड़ाई सीधी नगर परिषद उपाध्यक्ष व नप पूर्व अध्यक्ष के बीच हो गई है।
नगर परिषद के उपाध्यक्ष गोपाल कृष्ण महंत ने कहा कि पूर्व अध्यक्ष की ओर से कूड़ा संयंत्र में पैसों के गोलमाल के आरोप निराधार हैं। कहा कि आरोप साबित कर दें तो वह राजनीति से संन्यास ले लेंगे। कहा कि पिरड़ी कूड़ा संयंत्र में कूड़े की छंटाई व निष्पादन पर तीन लाख 30 हजार रुपये प्रतिमाह खर्च हो रहा है। इसमें 30 कर्मचारी ठेके पर, जबकि तीन नगर परिषद के तैनात हैं। कहा कि नप सभी वार्डों को रुपये बांटता है। पूर्व अध्यक्ष बताएं कि उन्होंने कितना बजट खर्च किया। पूर्व नप अध्यक्ष की नाकामी के चलते एक कंपनी ने नगर परिषद पर 40-45 लाख का दावा ठोका हुआ है। कूड़े की समस्या बहुत गंभीर है। नगर परिषद मामले को लेकर कोर्ट जाएगी। शहर में गंदगी को पसरने नहीं दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि पूर्व नप अध्यक्ष का यह कहना गलत है कि पिरड़ी के कूड़ा संयंत्र में कूड़ा छांटने की मशीन लगी थी। यहां कोई मशीन नहीं लगी है। यहां सिर्फ खाद छांटने की मशीन लगी है। बायोमेडिकल बेस्ट को भी यहां नहीं जलाया जा रहा है, क्योंकि मशीन दो सालों से बंद है। उन्होंने कहा कि कुछ लोग कूड़े के नाम पर राजनीति कर रहे हैं।
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कुल्लू। पिरड़ी कूड़ा संयंत्र विवाद को लेकर नगर परिषद में घमासान मचा है। एक सप्ताह में दूसरी बार नगर परिषद उपाध्यक्ष को मामले में सफाई देनी पड़ी है। नगर परिषद के पूर्व अध्यक्ष ऋषभ कालिया के कूड़ा संयंत्र की छंटाई में खर्च बजट में गोलमाल के आरोप के बाद अब लड़ाई सीधी नगर परिषद उपाध्यक्ष व नप पूर्व अध्यक्ष के बीच हो गई है।
नगर परिषद के उपाध्यक्ष गोपाल कृष्ण महंत ने कहा कि पूर्व अध्यक्ष की ओर से कूड़ा संयंत्र में पैसों के गोलमाल के आरोप निराधार हैं। कहा कि आरोप साबित कर दें तो वह राजनीति से संन्यास ले लेंगे। कहा कि पिरड़ी कूड़ा संयंत्र में कूड़े की छंटाई व निष्पादन पर तीन लाख 30 हजार रुपये प्रतिमाह खर्च हो रहा है। इसमें 30 कर्मचारी ठेके पर, जबकि तीन नगर परिषद के तैनात हैं। कहा कि नप सभी वार्डों को रुपये बांटता है। पूर्व अध्यक्ष बताएं कि उन्होंने कितना बजट खर्च किया। पूर्व नप अध्यक्ष की नाकामी के चलते एक कंपनी ने नगर परिषद पर 40-45 लाख का दावा ठोका हुआ है। कूड़े की समस्या बहुत गंभीर है। नगर परिषद मामले को लेकर कोर्ट जाएगी। शहर में गंदगी को पसरने नहीं दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि पूर्व नप अध्यक्ष का यह कहना गलत है कि पिरड़ी के कूड़ा संयंत्र में कूड़ा छांटने की मशीन लगी थी। यहां कोई मशीन नहीं लगी है। यहां सिर्फ खाद छांटने की मशीन लगी है। बायोमेडिकल बेस्ट को भी यहां नहीं जलाया जा रहा है, क्योंकि मशीन दो सालों से बंद है। उन्होंने कहा कि कुछ लोग कूड़े के नाम पर राजनीति कर रहे हैं।
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