{"_id":"59aecc524f1c1b07088b46fb","slug":"171504627794-kullu-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"कुल्लू जिला में साठ फीसदी सिमटा सेब सीजन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कुल्लू जिला में साठ फीसदी सिमटा सेब सीजन
Updated Tue, 05 Sep 2017 09:39 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
खराहल (कुल्लू)। कुल्लू के विभिन्न क्षेत्रों में 60 फीसदी सेब सीजन सिमट गया है। बगीचों में शेष 40 प्रतिशत सेब बाकी रह गया है। ऊंचाई वाले इलाकों में सेब का सीजन बड़े बागवानों का अभी बाकी है। हालांकि, निचले क्षेत्रों में सेब का सीजन सिमट कर ऊपरी इलाकों में पहुंच गया है। इस साल 61 फीसदी फसल ओलावृष्टि और अंधड़ के कारण तबाह हो गई है। गत वर्ष 45 लाख पेटी देश की विभिन्न मंडियों में भेजी थीं, लेकिन इस साल दशक के निचले स्तर पर सेब उत्पादन होगा। घाटी के बागवान चमन, सुरेश, वीर सिंह, चुन्नी लाल, राम नाथ, रोशन लाल, चंदेराम, अशोक ठाकुर, नवीन महेश शर्मा तथा खेम चंद आदि के अनुसार सेब सीजन आखिर चरणों में पहुंच चुका है। उन्होंने कहा कि रॉयल सेब अब बड़े बागवानों के पास बगीचों में बचा हुआ है। बताया जाता है कि साठ फीसदी सेब सीजन सिमट गया है। नग्गर ब्लॉक में 35862 मीट्रिक सेब का उत्पादन होने का अनुमान है। फलोत्पादक मंडल कुल्लू के अध्यक्ष राजगीर महंत कहते हैं कि ऊझी घाटी मेें अभी 45 फीसदी सेब बगीचों में बाकी हैै। उन्होंने कहा कि करीब आधा से ज्यादा सीजन लोगों ने समेट लिया है। सितंबर के दूसरे सप्ताह में कश्मीर का सेब भी देश की मंडियों में पहुंचना शुरू हो जाता है। लिहाजा, बागवानों को समय रहते अपना सेब मंडियों में भेजना चाहिए। आढ़ती एसोसिएशन बंदरोल के अध्यक्ष गोवर्धन ठाकुर ने बताया कि मंडियों में सेब पहले की अपेक्षा कम आने लगा है।
विज्ञापन