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स्वारघाट में बागवानों से वसूल रहे चार रुपये मार्केट फीस
Updated Sat, 25 Aug 2018 09:51 PM IST
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अमी चंद भंडारी
कुल्लू/खराहल। प्रदेश सरकार बागवानों से अलग-अलग नियम के तहत मार्केट फीस की वसूल कर रही है। कुल्लू के बागवानों से बिलासपुर के स्वारघाट में चार रुपये प्रति कार्टन टैक्स काट रहे हैं, जबकि शिमला के व्यापारियों व बागवानों से तीन रुपये प्रति बॉक्स टैक्स वसूला जा रहा है। ऐसे में कुल्लू के बागवानों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ रहा है।
कुल्लू के बागवानों ने कहा कि अलग-अलग मापदंड से बागवानों से मार्केट फीस वसूल करना न्याय संगत नहीं है। बागवान राजीव किमटा, अमित ठाकुर, लोत राम, चमन ठाकुर, अमन, कैलाश ठाकुर, अशोक ठाकुर अखिल राणा, नवीन, चंदे राम ठाकुर व चुनी लाल आदि का कहना है कि प्रदेश में अलग-अलग मापदंड के अंतर्गत बागवानों से मार्केट फीस लेना अन्याय है। उन्होंने कृषि मंत्री डॉ. रामलाल मारकंडा से इस समस्या का शीघ्र हल करने की मांग की है। बागवानों का कहना है कि प्रदेश में सभी बागवानों से बराबर मार्केट फीस की अदायगी होनी चाहिए। फलोत्पादक मंडल के अध्यक्ष राजगीर महंत के अनुसार चार रुपये प्रति कार्टन फीस काटने से कुल्लू के व्यापारियों व बागवानों से अन्याय हो रहा है। उन्होंने सरकार से इस ओर गंभीरता से पहल करने की मांग की है।
हर जिला की मार्केट कमेटी अपने स्तर पर मार्केट फीस को निर्धारित करती है। लिहाजा स्वारघाट में कुल्लू के व्यापारियों को दो रुपये डिब्बा, तीन रुपये पेटी और चार रुपये प्रति कार्टन फीस का भुगतान करना पड़ रहा है। यह फीस उन लोगों से ली जाती है, जो बाहरी व्यापारी हैं या फिर उन बागवानों से जिनके पास कागजात नहीं होते हैं।
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सुशील गुलेरिया, सचिव एपीएमसी, कुल्लू-एवं लाहौल-स्पीति
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कुल्लू/खराहल। प्रदेश सरकार बागवानों से अलग-अलग नियम के तहत मार्केट फीस की वसूल कर रही है। कुल्लू के बागवानों से बिलासपुर के स्वारघाट में चार रुपये प्रति कार्टन टैक्स काट रहे हैं, जबकि शिमला के व्यापारियों व बागवानों से तीन रुपये प्रति बॉक्स टैक्स वसूला जा रहा है। ऐसे में कुल्लू के बागवानों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ रहा है।
कुल्लू के बागवानों ने कहा कि अलग-अलग मापदंड से बागवानों से मार्केट फीस वसूल करना न्याय संगत नहीं है। बागवान राजीव किमटा, अमित ठाकुर, लोत राम, चमन ठाकुर, अमन, कैलाश ठाकुर, अशोक ठाकुर अखिल राणा, नवीन, चंदे राम ठाकुर व चुनी लाल आदि का कहना है कि प्रदेश में अलग-अलग मापदंड के अंतर्गत बागवानों से मार्केट फीस लेना अन्याय है। उन्होंने कृषि मंत्री डॉ. रामलाल मारकंडा से इस समस्या का शीघ्र हल करने की मांग की है। बागवानों का कहना है कि प्रदेश में सभी बागवानों से बराबर मार्केट फीस की अदायगी होनी चाहिए। फलोत्पादक मंडल के अध्यक्ष राजगीर महंत के अनुसार चार रुपये प्रति कार्टन फीस काटने से कुल्लू के व्यापारियों व बागवानों से अन्याय हो रहा है। उन्होंने सरकार से इस ओर गंभीरता से पहल करने की मांग की है।
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हर जिला की मार्केट कमेटी अपने स्तर पर मार्केट फीस को निर्धारित करती है। लिहाजा स्वारघाट में कुल्लू के व्यापारियों को दो रुपये डिब्बा, तीन रुपये पेटी और चार रुपये प्रति कार्टन फीस का भुगतान करना पड़ रहा है। यह फीस उन लोगों से ली जाती है, जो बाहरी व्यापारी हैं या फिर उन बागवानों से जिनके पास कागजात नहीं होते हैं।
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सुशील गुलेरिया, सचिव एपीएमसी, कुल्लू-एवं लाहौल-स्पीति