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लाहौल में 4.5 मेगावाट थिरोट परियोजना के बांध में रिसाव
Updated Thu, 24 May 2018 10:33 PM IST
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लाहौल में 4.5 मेगावाट थिरोट
परियोजना के बांध में रिसाव
बांध में रिसाव से थिरोट गांव और आवासीय कॉलोनी को खतरा
उपायुक्त ने परियोजना के उच्च अधिकारियों को लिखा पत्र
दिनेश जस्पा
उदयपुर (लाहौल स्पीति)। लाहौल घाटी की एकमात्र 4.5 मेगावाट की क्षमता वाली थिरोट परियोजना के बांध (फोरवे टैंक) में रिसाव शुरू हो गया है। बांध में रिसाव से कभी भी थिरोट गांव इसकी जद में आ सकता है। परियोजना के बांध से रिसाव रुकने का नाम नहीं ले रहा है।
इससे ग्रामीणों को हर पल खतरे का आभास महसूस हो रहा है। बांध से जब सिल्ट निकाली जा रही है तो रिसाव से पानी का बहाव और बढ़ रहा है। लेकिन परियोजना प्रबंधन से इसे गंभीरता से नहीं ले रहा है। बांध के सीधा नीचे थिरोट गांव, पावर हाउस, परियोजना की आवासीय कालोनी भी है। ग्रामीणों का कहना है कि उन्हें हर पल हादसे की आशंका सता रही है। बांध का रिसाव भयानक रूप से ले सकता है। इससे पहले ही परियोजना के उच्च अधिकारियों को इसे गंभीरता से लेना चाहिए। इस बारे में स्थानीय महिला मंडल ने परियोजना के उच्च अधिकारियों को मामले से अवगत करवा दिया है।
लाहौल स्पीति जिला परिषद के चेयरमैन रमेश रूवलवा एवं लाहौल पंचायत प्रधान संघ के अध्यक्ष सतप्रकाश के अनुसार ग्रामीणों की ओर से उन्हें मिली शिकायत के बाद उन्होंने परियोजना के बांध का दौरा किया है। उन्होंने इसकी जानकारी उपायुक्त लाहौल स्पीति को भी दी है। उन्होंने यहां तैनात कर्मचारी से सारी जानकारी दी। सिल्ट निकाले जाने के बाद पानी का रिसाव और बढ़ रहा है। जिला प्रशासन और परियोजना के उच्च अधिकारियों को इसे गंभीरता से लेना होगा। यह बांध कभी भी थिरोट परियोजना के आवासीय कॉलोनी व गांव को अपनी जद में ले सकता है।
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उपायुक्त अश्वनी कुमार चौधरी ने कहा कि जानकारी मिलने के बाद इसकी रिपोर्ट परियोजना के उच्च अधिकारियों को पत्राचार कर किया गया है। बांध को तत्काल ठीक करने का आग्रह किया है।
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परियोजना के बांध में रिसाव
बांध में रिसाव से थिरोट गांव और आवासीय कॉलोनी को खतरा
उपायुक्त ने परियोजना के उच्च अधिकारियों को लिखा पत्र
दिनेश जस्पा
उदयपुर (लाहौल स्पीति)। लाहौल घाटी की एकमात्र 4.5 मेगावाट की क्षमता वाली थिरोट परियोजना के बांध (फोरवे टैंक) में रिसाव शुरू हो गया है। बांध में रिसाव से कभी भी थिरोट गांव इसकी जद में आ सकता है। परियोजना के बांध से रिसाव रुकने का नाम नहीं ले रहा है।
इससे ग्रामीणों को हर पल खतरे का आभास महसूस हो रहा है। बांध से जब सिल्ट निकाली जा रही है तो रिसाव से पानी का बहाव और बढ़ रहा है। लेकिन परियोजना प्रबंधन से इसे गंभीरता से नहीं ले रहा है। बांध के सीधा नीचे थिरोट गांव, पावर हाउस, परियोजना की आवासीय कालोनी भी है। ग्रामीणों का कहना है कि उन्हें हर पल हादसे की आशंका सता रही है। बांध का रिसाव भयानक रूप से ले सकता है। इससे पहले ही परियोजना के उच्च अधिकारियों को इसे गंभीरता से लेना चाहिए। इस बारे में स्थानीय महिला मंडल ने परियोजना के उच्च अधिकारियों को मामले से अवगत करवा दिया है।
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लाहौल स्पीति जिला परिषद के चेयरमैन रमेश रूवलवा एवं लाहौल पंचायत प्रधान संघ के अध्यक्ष सतप्रकाश के अनुसार ग्रामीणों की ओर से उन्हें मिली शिकायत के बाद उन्होंने परियोजना के बांध का दौरा किया है। उन्होंने इसकी जानकारी उपायुक्त लाहौल स्पीति को भी दी है। उन्होंने यहां तैनात कर्मचारी से सारी जानकारी दी। सिल्ट निकाले जाने के बाद पानी का रिसाव और बढ़ रहा है। जिला प्रशासन और परियोजना के उच्च अधिकारियों को इसे गंभीरता से लेना होगा। यह बांध कभी भी थिरोट परियोजना के आवासीय कॉलोनी व गांव को अपनी जद में ले सकता है।
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उपायुक्त अश्वनी कुमार चौधरी ने कहा कि जानकारी मिलने के बाद इसकी रिपोर्ट परियोजना के उच्च अधिकारियों को पत्राचार कर किया गया है। बांध को तत्काल ठीक करने का आग्रह किया है।