{"_id":"5a27e2534f1c1bbd208b50bb","slug":"161512563283-kullu-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"शाही स्नान से देवालय लौटे बिजली महादेव और माहुंटी नाग","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
शाही स्नान से देवालय लौटे बिजली महादेव और माहुंटी नाग
Updated Wed, 06 Dec 2017 07:21 PM IST
विज्ञापन
kullu
- फोटो : amarujala
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
खराहल (कुल्लू)। खराहल और कशवरी फाटी के आराध्य देवता बिजली महादेव और माहुंटी नाग एक सप्ताह के बाद अपने देवालय लौट गए हैं। इस मौके पर माहुंटी नाग के मंदिर स्थित कोटआगे और बिजली महादेव के मंदिर में देव भोज का आयोजन किया गया। इस अवसर पर दोनों मंदिरों में बुधवार को श्रद्धालुओं और हारियानों की भीड़ उमड़ी।
मंगलवार को संध्याकाल में दोनों देवता अपने-अपने मंदिर में ढोल, नगाड़ों और नरसिंगों की मंगलमय ध्वनि के बीच देवलुओं के संग पहुंचे। इस मौके पर देवताओं का फूल मालाओं के साथ देव विधि के साथ भव्य अभिवादन किया। बिजली महादेव सुबह ओलड से अपने देवालय मथान के लिए रवाना हुए और संध्याकाल को अपने मंदिर में पहुंचे गए। वहीं, माहुंटी नाग पीणी माता भागासिद्ध के मंदिर देव भोज ग्रहण करने के बाद रवाना हुए और शाम को अपने मंदिर कोट में ढोल की थाप पर लौटे। दोनों देवताओं ने 3 दिसंबर को मार्गशीर्ष माह की पूर्णिमा के दिन देवविधि के अनुसार पवित्र स्नान सैकड़ों हारियानों और देवलुओं के संग किया था। बिजली महादेव के कारदार अमर नाथ नेगी और माहुंटी नाग के कारदार लाल चंद ठाकुर ने बताया कि दोनों एक सप्ताह के बाद अपने देवालय लौटे है। बुधवार को दोनों देवताओं के मंदिर में देव भोज का आयोजन किया। इस मौके पर देवलु और श्रद्धालुओं ने मंदिर में देवभोज का प्रसाद ग्रहण किया और नतमस्तक होकर सुख समृद्धि का आशीर्वाद लिया। सुबह से ही मंदिरों में भक्तों की भीड़ उमड़ी।
विज्ञापन
मंगलवार को संध्याकाल में दोनों देवता अपने-अपने मंदिर में ढोल, नगाड़ों और नरसिंगों की मंगलमय ध्वनि के बीच देवलुओं के संग पहुंचे। इस मौके पर देवताओं का फूल मालाओं के साथ देव विधि के साथ भव्य अभिवादन किया। बिजली महादेव सुबह ओलड से अपने देवालय मथान के लिए रवाना हुए और संध्याकाल को अपने मंदिर में पहुंचे गए। वहीं, माहुंटी नाग पीणी माता भागासिद्ध के मंदिर देव भोज ग्रहण करने के बाद रवाना हुए और शाम को अपने मंदिर कोट में ढोल की थाप पर लौटे। दोनों देवताओं ने 3 दिसंबर को मार्गशीर्ष माह की पूर्णिमा के दिन देवविधि के अनुसार पवित्र स्नान सैकड़ों हारियानों और देवलुओं के संग किया था। बिजली महादेव के कारदार अमर नाथ नेगी और माहुंटी नाग के कारदार लाल चंद ठाकुर ने बताया कि दोनों एक सप्ताह के बाद अपने देवालय लौटे है। बुधवार को दोनों देवताओं के मंदिर में देव भोज का आयोजन किया। इस मौके पर देवलु और श्रद्धालुओं ने मंदिर में देवभोज का प्रसाद ग्रहण किया और नतमस्तक होकर सुख समृद्धि का आशीर्वाद लिया। सुबह से ही मंदिरों में भक्तों की भीड़ उमड़ी।
विज्ञापन