{"_id":"5d0e5f6a8ebc3e781016a9e4","slug":"156122300216-kullu-news103","type":"story","status":"publish","title_hn":"बिना खेल शिक्षक के कबड्डी का सरताज बना मझाण स्कूल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बिना खेल शिक्षक के कबड्डी का सरताज बना मझाण स्कूल
विज्ञापन
बिना खेल शिक्षक के कबड्डी का सरताज बना मझाण स्कूल
शास्त्री अध्यापक ने निभाई कोच की भूमिका, जीत बनी चर्चा का विषय
गाड़ापारली पंचायत की लड़कियां जिला स्तर पर करेंगी बंजार का नेतृत्व
अमर उजाला ब्यूरो
सैंज (कुल्लू)। जिला के बंजार उपमंडल में तीन दिन से चल रही खेल प्रतियोगिता का समापन हो गया है। खेलकूद में भाग ले रहीं छात्रा खिलाड़ी अपनी-अपनी प्रतिभा दिखाकर वापस स्कूलों को रवाना हो गए। राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय थाटीबीड़ में आयोजित जोन स्तरीय अंडर-14 छात्रा वर्ग की खेलकूद प्रतियोगिता में बंजार खंड के लगभग 35 स्कूलों ने भाग लिया। इस दौरान हाई स्कूल मझाण की छात्राएं सभी स्कूलों को पछाड़ते हुए शीर्ष तक पहुंची हैं। हैरानी की बात है कि मझाण स्कूल की छात्राएं बिना शारीरिक शिक्षक के ही प्रतियोगिता में सरताज बन गया है। अब गाड़ापारली पंचायत की छात्राएं पूरे बंजार ब्लॉक का नेतृत्व जिला स्तर पर करेंगी। स्कूल के कार्यवाहक मुख्या अध्यापक हरी सिंह ने बताया कि स्कूल में शारीरिक शिक्षक का पद पिछले दो वर्षों से खाली है, लेकिन स्कूल में तैनात शास्त्री और कला अध्यापक की मेहनत से बच्चों को खेलों का अभ्यास करवाया जाता है। टूर्नामेंट में छात्राओं के साथ आए टीम कोच शास्त्री अध्यापक सतीश शर्मा ने बताया कि गांव से सड़क तक खतरनाक रास्ता होने तथा खेल गतिविधियों के लिए तीन दिन तक घर से दूर रहने के लिए अभिभावक बच्चों को घर से बाहर भेजने में कतराते हैं, लेकिन सभी अध्यापकों की ओर से
अभिभावकों को खेलों में बच्चों की भागीदारी के लिए प्रेरित किया गया और छठी से आठवीं तक लड़कियों को टूर्नामेंट में लाया गया। उन्होंने बताया कि शारीरिक शिक्षक न होने से खेलें करवाना मुश्किल होता है, बावजूद इसके छात्राओं ने बेहतरीन प्रदर्शन किया है। स्थानीय पंचायत प्रधान भाग सिंह, उपप्रधान गोपाल सिंह और मझाण के वार्ड सदस्य करतार चंद ने स्कूली बच्चों और अध्यापकों को बधाई देते हुए इस जीत को पूरी गाड़ापारली पंचायत के लिए गौरव बताया है। वहीं, स्कूल की इस उपलब्धि पर स्कूल के कला अध्यापक सतीश कुमार, स्कूल प्रबंधन समिति के अध्यक्ष लिखत राम, सदस्य तारा देवी, कुंज लाल, माघी देवी, राजिंद्र ने जीत का श्रेय अध्यापकों को दिया और सरकार से स्कूल में खाली पड़े शिक्षकों को भरने की गुहार भी लगाई है ।
विज्ञापन
शास्त्री अध्यापक ने निभाई कोच की भूमिका, जीत बनी चर्चा का विषय
गाड़ापारली पंचायत की लड़कियां जिला स्तर पर करेंगी बंजार का नेतृत्व
अमर उजाला ब्यूरो
सैंज (कुल्लू)। जिला के बंजार उपमंडल में तीन दिन से चल रही खेल प्रतियोगिता का समापन हो गया है। खेलकूद में भाग ले रहीं छात्रा खिलाड़ी अपनी-अपनी प्रतिभा दिखाकर वापस स्कूलों को रवाना हो गए। राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय थाटीबीड़ में आयोजित जोन स्तरीय अंडर-14 छात्रा वर्ग की खेलकूद प्रतियोगिता में बंजार खंड के लगभग 35 स्कूलों ने भाग लिया। इस दौरान हाई स्कूल मझाण की छात्राएं सभी स्कूलों को पछाड़ते हुए शीर्ष तक पहुंची हैं। हैरानी की बात है कि मझाण स्कूल की छात्राएं बिना शारीरिक शिक्षक के ही प्रतियोगिता में सरताज बन गया है। अब गाड़ापारली पंचायत की छात्राएं पूरे बंजार ब्लॉक का नेतृत्व जिला स्तर पर करेंगी। स्कूल के कार्यवाहक मुख्या अध्यापक हरी सिंह ने बताया कि स्कूल में शारीरिक शिक्षक का पद पिछले दो वर्षों से खाली है, लेकिन स्कूल में तैनात शास्त्री और कला अध्यापक की मेहनत से बच्चों को खेलों का अभ्यास करवाया जाता है। टूर्नामेंट में छात्राओं के साथ आए टीम कोच शास्त्री अध्यापक सतीश शर्मा ने बताया कि गांव से सड़क तक खतरनाक रास्ता होने तथा खेल गतिविधियों के लिए तीन दिन तक घर से दूर रहने के लिए अभिभावक बच्चों को घर से बाहर भेजने में कतराते हैं, लेकिन सभी अध्यापकों की ओर से
अभिभावकों को खेलों में बच्चों की भागीदारी के लिए प्रेरित किया गया और छठी से आठवीं तक लड़कियों को टूर्नामेंट में लाया गया। उन्होंने बताया कि शारीरिक शिक्षक न होने से खेलें करवाना मुश्किल होता है, बावजूद इसके छात्राओं ने बेहतरीन प्रदर्शन किया है। स्थानीय पंचायत प्रधान भाग सिंह, उपप्रधान गोपाल सिंह और मझाण के वार्ड सदस्य करतार चंद ने स्कूली बच्चों और अध्यापकों को बधाई देते हुए इस जीत को पूरी गाड़ापारली पंचायत के लिए गौरव बताया है। वहीं, स्कूल की इस उपलब्धि पर स्कूल के कला अध्यापक सतीश कुमार, स्कूल प्रबंधन समिति के अध्यक्ष लिखत राम, सदस्य तारा देवी, कुंज लाल, माघी देवी, राजिंद्र ने जीत का श्रेय अध्यापकों को दिया और सरकार से स्कूल में खाली पड़े शिक्षकों को भरने की गुहार भी लगाई है ।
विज्ञापन