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रोहतांग परमिट की हैकिंग से टैक्सी ऑपरेटरों में मची खलबली
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अमर उजाला ब्यूरो
मनाली (कुल्लू।) रोहतांग परमिट हैकिंग का मामला मनाली वासियों के साथ सैर सपाटे को पहुंच रहे सैलानियों में चर्चा का विषय बन गया है। रोहतांग परमिट की हो रही हैकिंग से मनाली के टैक्सी ऑपरेटरों के साथ सैलानियों व पर्यटन कारोबारियों में खलबली मच गई है।
मनाली से रोहतांग घूमने आए सैलानियों को ऑनलाइन परमिट न मिलने के बाद एसडीएम कार्यालय के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। इसके बावजूद परमिट नहीं मिल रहे हैं। पर्यटकों को अगर टैक्सी से रोहतांग जाना है तो सरकार की ओर से निर्धारित रेट से कई गुना अधिक रकम देनी पड़ रही है। महाराष्ट्र के किसी व्यक्ति की ओर से एक साथ 35 से 40 परमिट निकालने से जहां मनाली के टैक्सी ऑपरेटरों में हड़कंप मच गया है, वहीं रोहतांग परमिट की साइट को हैकिंग से प्रशासन की कार्यप्रणाली पर प्रश्न चिन्ह लग गए हैं। उधर, रोहतांग परमिट की साइट के हैकिंग की सूचना के बाद प्रशासन ने हैकिंग से इनकार किया है। हिमांचल टैक्सी ऑपरेटर के प्रधान गुप्त राम ठाकुर ने कहा कि वर्ष में दो महीने के लिए पर्यटन सीजन आता है। उसके लिए उन्हें रोहतांग पास जाने के लिए परमिट के लिए बहुत परेशान होना पड़ रहा है। 50 प्रतिशत ऐसे टैक्सी ऑपरेटर हैं, जो इंटरनेट की स्पीड कम होने के चलते परमिट नहीं निकाल पा रहे हैं। कहा कि जैसे ही परमिट की साइट खुलती है तो सभी परमिट फुल हो जाते हैं। कहा कि पिछले पांच वर्षों से हिमांचल टैक्सी ऑपरेटर यूनियन बहुत परेशान हैं। भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि अगर साइट हैक हुई तो प्रशासन को इसकी जांच करनी चाहिए। कहा कि इससे न केवल टैक्सी ऑपरेटरों को परेशान होना पड़ रहा, बल्कि सैलानी भी मुश्किल में है।
टैक्सी ऑपरेटर ही बता सकते हैं कौन निकाल रहा परमिट
एसडीएम अश्वनी कुमार ने कहा कि मामला उनके ध्यान में आया है कि हिमाचल से बाहर से एक ही व्यक्ति की ओर से परमिट निकाले जा रहे हैं। कहा कि इसकोे लेकर उपायुक्त कुल्लू से बात की है। उन्होंने वेबसाइट को हैक करने से मना करते हुए कहा कि कोई भी व्यक्ति एक नंबर से परमिट निकाल सकता है। इसको लेकर एनआईसी के अधिकारियों ने भी हैकिंग से मना किया है। एसडीएम ने माना कि उक्त व्यक्ति की ओर से एक ऐसा सिस्टम ईजाद किया है, जिसके द्वारा वह कुछ ही मिनटों में एक साथ कई परमिट निकाल देता है। इसमें जो परमिट निकाले जा रहे हैं, वह मनाली की टैक्सी ऑपरेटरों के हैं। ऐसे में यह टैक्सी ऑपरेटर ही बता सकते हैं कि यह शख्स कौन है और परमिट लेने के लिए कितनी राशि वसूल करता है।
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मनाली (कुल्लू।) रोहतांग परमिट हैकिंग का मामला मनाली वासियों के साथ सैर सपाटे को पहुंच रहे सैलानियों में चर्चा का विषय बन गया है। रोहतांग परमिट की हो रही हैकिंग से मनाली के टैक्सी ऑपरेटरों के साथ सैलानियों व पर्यटन कारोबारियों में खलबली मच गई है।
मनाली से रोहतांग घूमने आए सैलानियों को ऑनलाइन परमिट न मिलने के बाद एसडीएम कार्यालय के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। इसके बावजूद परमिट नहीं मिल रहे हैं। पर्यटकों को अगर टैक्सी से रोहतांग जाना है तो सरकार की ओर से निर्धारित रेट से कई गुना अधिक रकम देनी पड़ रही है। महाराष्ट्र के किसी व्यक्ति की ओर से एक साथ 35 से 40 परमिट निकालने से जहां मनाली के टैक्सी ऑपरेटरों में हड़कंप मच गया है, वहीं रोहतांग परमिट की साइट को हैकिंग से प्रशासन की कार्यप्रणाली पर प्रश्न चिन्ह लग गए हैं। उधर, रोहतांग परमिट की साइट के हैकिंग की सूचना के बाद प्रशासन ने हैकिंग से इनकार किया है। हिमांचल टैक्सी ऑपरेटर के प्रधान गुप्त राम ठाकुर ने कहा कि वर्ष में दो महीने के लिए पर्यटन सीजन आता है। उसके लिए उन्हें रोहतांग पास जाने के लिए परमिट के लिए बहुत परेशान होना पड़ रहा है। 50 प्रतिशत ऐसे टैक्सी ऑपरेटर हैं, जो इंटरनेट की स्पीड कम होने के चलते परमिट नहीं निकाल पा रहे हैं। कहा कि जैसे ही परमिट की साइट खुलती है तो सभी परमिट फुल हो जाते हैं। कहा कि पिछले पांच वर्षों से हिमांचल टैक्सी ऑपरेटर यूनियन बहुत परेशान हैं। भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि अगर साइट हैक हुई तो प्रशासन को इसकी जांच करनी चाहिए। कहा कि इससे न केवल टैक्सी ऑपरेटरों को परेशान होना पड़ रहा, बल्कि सैलानी भी मुश्किल में है।
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टैक्सी ऑपरेटर ही बता सकते हैं कौन निकाल रहा परमिट
एसडीएम अश्वनी कुमार ने कहा कि मामला उनके ध्यान में आया है कि हिमाचल से बाहर से एक ही व्यक्ति की ओर से परमिट निकाले जा रहे हैं। कहा कि इसकोे लेकर उपायुक्त कुल्लू से बात की है। उन्होंने वेबसाइट को हैक करने से मना करते हुए कहा कि कोई भी व्यक्ति एक नंबर से परमिट निकाल सकता है। इसको लेकर एनआईसी के अधिकारियों ने भी हैकिंग से मना किया है। एसडीएम ने माना कि उक्त व्यक्ति की ओर से एक ऐसा सिस्टम ईजाद किया है, जिसके द्वारा वह कुछ ही मिनटों में एक साथ कई परमिट निकाल देता है। इसमें जो परमिट निकाले जा रहे हैं, वह मनाली की टैक्सी ऑपरेटरों के हैं। ऐसे में यह टैक्सी ऑपरेटर ही बता सकते हैं कि यह शख्स कौन है और परमिट लेने के लिए कितनी राशि वसूल करता है।
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