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एक नंबर से चंद मिनट में 35 गाड़ियों के निकाल रहे परमिट
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अमर उजाला ब्यूरो
मनाली/कुल्लू। रोहतांग परमिट पाने में गड़बड़झाला सामने आ रहा है। बताया जा रहा है कि एक ही शख्स सीरियल वाइज तीन दर्जन से अधिक गाड़ियों के परमिट निकाल रहा है। ऐसे में टैक्सी ऑपरेटर और आम लोगों को परमिट के लिए जूझना पड़ रहा है।
वेबसाइट में पारदर्शिता न होने से लोग प्रशासन एवं एनजीटी पर सवाल खड़े कर रहे हैं। एक ही व्यक्ति की ओर से एक ही नंबर पर अलग-अलग परमिट निकाले जा रहे हैं। टैक्सी ऑपरेटर चमन, दीनानाथ, अनिल सूद, सुरेश बौद्ध आदि का कहना है कि उनके परमिट कई सप्ताह से निकल नहीं रहे। लेकिन वेबसाइट से एक ही शख्स 30 से 35 गाड़ियों के चंद मिनटों में परमिट निकाल रहा है। यह तमाम गाड़ियां भी एक ही सीरियल से निकल रही है। ऐसे में लोग वेबसाइट को हैक करने का संदेह जता रहे हैं। बताया जा रहा कि शख्स महाराष्ट्र से संबंध रखता है। वेबसाइट में पारदर्शिता न होने से पर्यटन से जुडे़ लोगों में भी काफी रोष है। लोगों को कहना है ऑनलाइन परमिट की सुविधा प्रशासन और एनजीटी ने मुहैया करवाई है। इसके बाद भी गड़बड़ी का आशंका सामने आ रही है। ऐसे में प्रशासन और एनजीटी की कार्यशैली पर भी सवाल खडे़ हो रहे हैं। टैक्सी ऑपरेटरों का कहना है कि परमिट निकालते समय गाड़ियां की जानकारी नहीं मिलती है। इस धंधे में बड़े स्तर पर मिलीभगक्त है। अगर ऐसा है तो इस पर प्रशासन को शीघ्रता से कार्रवाई चाहिए। मनाली के टैक्सी ऑपरेटर और पर्यटन व्यवसायी सुबह से लेकर शाम तक पूरी रात जाग कर रोहतांग परमिट को निकालने का प्रयास करते हैं। लेकिन फिर भी उनका रोहतांग का परमिट नहीं निकल पाता है। लेकिन हिमाचल के बाहरी राज्यों से लोग एक ही फोन नंबर से एक ही बार मेें अनेकों परमिट निकाल रहे हैं, जिससे मनाली के तीन हजार टैक्सी ऑपरेटरों और पर्यटन व्यवसायियों में हड़कंप मचा हुआ है। इससे पर्यटन व्यवसायियों में निराशा है। महाराष्ट्र के अक्षय राठौर के नाम वाले व्यक्ति के 7744098439 नंबर से परमिट निकाला जा रहा है। हिमांचल टैक्सी ऑपरेटर के प्रधान गुप्त राम ठाकुर ने कहा कि वर्ष में दो महीने के लिए पर्यटन सीजन आता है। कहा कि रातभर जागने के बाद भी उन्हें निराशा हाथ लग रही है। उन्होंने कहा कि रोहतांग का परमिट केवल हिमांचल टैक्सी यूनियन को दिया जाना चाहिए। एसडीएम अश्वनी कुमार ने कहा कि उनके ध्यान में आया है कि हिमाचल से बाहर से एक ही नंबर से परमिट निकाले जा रहे हैं। एनआईसी को इसके बारे में जांच कर बताने को कहा गया है। बिना परमिट और एनजीटी के आदेशों की अवहेलना करने वाले वाहनों की चेकिंग के दौरान 19 वाहनों को ब्लैक लिस्ट किया गया है।
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मनाली/कुल्लू। रोहतांग परमिट पाने में गड़बड़झाला सामने आ रहा है। बताया जा रहा है कि एक ही शख्स सीरियल वाइज तीन दर्जन से अधिक गाड़ियों के परमिट निकाल रहा है। ऐसे में टैक्सी ऑपरेटर और आम लोगों को परमिट के लिए जूझना पड़ रहा है।
वेबसाइट में पारदर्शिता न होने से लोग प्रशासन एवं एनजीटी पर सवाल खड़े कर रहे हैं। एक ही व्यक्ति की ओर से एक ही नंबर पर अलग-अलग परमिट निकाले जा रहे हैं। टैक्सी ऑपरेटर चमन, दीनानाथ, अनिल सूद, सुरेश बौद्ध आदि का कहना है कि उनके परमिट कई सप्ताह से निकल नहीं रहे। लेकिन वेबसाइट से एक ही शख्स 30 से 35 गाड़ियों के चंद मिनटों में परमिट निकाल रहा है। यह तमाम गाड़ियां भी एक ही सीरियल से निकल रही है। ऐसे में लोग वेबसाइट को हैक करने का संदेह जता रहे हैं। बताया जा रहा कि शख्स महाराष्ट्र से संबंध रखता है। वेबसाइट में पारदर्शिता न होने से पर्यटन से जुडे़ लोगों में भी काफी रोष है। लोगों को कहना है ऑनलाइन परमिट की सुविधा प्रशासन और एनजीटी ने मुहैया करवाई है। इसके बाद भी गड़बड़ी का आशंका सामने आ रही है। ऐसे में प्रशासन और एनजीटी की कार्यशैली पर भी सवाल खडे़ हो रहे हैं। टैक्सी ऑपरेटरों का कहना है कि परमिट निकालते समय गाड़ियां की जानकारी नहीं मिलती है। इस धंधे में बड़े स्तर पर मिलीभगक्त है। अगर ऐसा है तो इस पर प्रशासन को शीघ्रता से कार्रवाई चाहिए। मनाली के टैक्सी ऑपरेटर और पर्यटन व्यवसायी सुबह से लेकर शाम तक पूरी रात जाग कर रोहतांग परमिट को निकालने का प्रयास करते हैं। लेकिन फिर भी उनका रोहतांग का परमिट नहीं निकल पाता है। लेकिन हिमाचल के बाहरी राज्यों से लोग एक ही फोन नंबर से एक ही बार मेें अनेकों परमिट निकाल रहे हैं, जिससे मनाली के तीन हजार टैक्सी ऑपरेटरों और पर्यटन व्यवसायियों में हड़कंप मचा हुआ है। इससे पर्यटन व्यवसायियों में निराशा है। महाराष्ट्र के अक्षय राठौर के नाम वाले व्यक्ति के 7744098439 नंबर से परमिट निकाला जा रहा है। हिमांचल टैक्सी ऑपरेटर के प्रधान गुप्त राम ठाकुर ने कहा कि वर्ष में दो महीने के लिए पर्यटन सीजन आता है। कहा कि रातभर जागने के बाद भी उन्हें निराशा हाथ लग रही है। उन्होंने कहा कि रोहतांग का परमिट केवल हिमांचल टैक्सी यूनियन को दिया जाना चाहिए। एसडीएम अश्वनी कुमार ने कहा कि उनके ध्यान में आया है कि हिमाचल से बाहर से एक ही नंबर से परमिट निकाले जा रहे हैं। एनआईसी को इसके बारे में जांच कर बताने को कहा गया है। बिना परमिट और एनजीटी के आदेशों की अवहेलना करने वाले वाहनों की चेकिंग के दौरान 19 वाहनों को ब्लैक लिस्ट किया गया है।
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