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पेड़ों पर पकने से पहले ही फटने लगा सेब फल
Updated Tue, 03 Jul 2018 09:48 PM IST
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पेड़ों पर पकने से पहले ही फटने लगा सेब फल
खराहर कई बगीचों में पेश आ रही समस्या
सेब की क्षति होने से बागवान बैकफुट पर
उमर उजाला ब्यूरो
खराहल (कुल्लू)। मौसम की बेरुखी इस बार बागवानों पर भारी पड़ रही है। पहले ओलावृष्टि और अंधड़ के कारण बागवानी और कृषि को काफी नुकसान हुआ है इसके बाद सूखे से काफी नुकसान झेलना पड़ा है। अब बरसात के चलते सेब फल पकने से पहले ही पेड़ो पर फटने लगे हैं। इस बीमारी से बागवानों में हड़कंप मच गया है।
बताया जा रहा है यह समस्या अधिक सूखे के कारण उन इलाकों में पेश आ रही है, जहां पहले सूखे से सेब फसल अधिक प्रभावित थी। जिन क्षेत्रों में सिंचाई की व्यवस्था भी न के बराबर थी। विशेषज्ञों के अनुसार एकाएक बारिश होने से सूखे से प्रभावित सेब में रस चढ़ने के कारण दबाव पड़ जाता है और फल फट जाता है। बताया जा रहा है कि सेउबाग क्षेत्र के अलावा अधिक सूखे से प्रभावित बगीचों में भी समस्या पेश आ रही है। घाटी के बागवान देवराज नेगी, नारायण महंत, सुरेंद्र, जयचंद, कमल, राम चंद और अमन आदि का कहना है कि पहले सेब बेहतर था, लेकिन बारिश के बाद अचानक फल पेड़ों पर ही फटने लगे हैं। इससे करीब 15 फीसदी नुकसान की आशंका जाहिर की जा रही है। ऐसे में आर्थिक तौर पर बागवानों को नुकसान झेलना पड़ सकता है। उन्होंने बागवानी विभाग से गुहार लगाई है कि फील्ड स्टाफ इस बारे में बागवानों को जागरूक करे।
कोट
-यह समस्या दो तरह से उत्पन्न हो जाती है। एक अधिक बारिश और दूसरी अत्यधिक सूखे के कारण सेब फल फट जाते हैं। सूखे के कारण फल में रस बनना थम जाता है, जैसे ही एकाएक बारिश होती है तो प्रेशर से फल फटने शुरू हो जाते हैं। लिहाजा इससे निजात पाने के लिए आरंभ में ही बगीचों में सिंचाई समय-समय पर करनी चाहिए। यह कोई बीमारी नहीं है। यह सूखे में अममून होता है।
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-डॉ किशोर खोसला, प्रभारी अनुसंधान केंद्र सेउबाग कुल्लू
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खराहर कई बगीचों में पेश आ रही समस्या
सेब की क्षति होने से बागवान बैकफुट पर
उमर उजाला ब्यूरो
खराहल (कुल्लू)। मौसम की बेरुखी इस बार बागवानों पर भारी पड़ रही है। पहले ओलावृष्टि और अंधड़ के कारण बागवानी और कृषि को काफी नुकसान हुआ है इसके बाद सूखे से काफी नुकसान झेलना पड़ा है। अब बरसात के चलते सेब फल पकने से पहले ही पेड़ो पर फटने लगे हैं। इस बीमारी से बागवानों में हड़कंप मच गया है।
बताया जा रहा है यह समस्या अधिक सूखे के कारण उन इलाकों में पेश आ रही है, जहां पहले सूखे से सेब फसल अधिक प्रभावित थी। जिन क्षेत्रों में सिंचाई की व्यवस्था भी न के बराबर थी। विशेषज्ञों के अनुसार एकाएक बारिश होने से सूखे से प्रभावित सेब में रस चढ़ने के कारण दबाव पड़ जाता है और फल फट जाता है। बताया जा रहा है कि सेउबाग क्षेत्र के अलावा अधिक सूखे से प्रभावित बगीचों में भी समस्या पेश आ रही है। घाटी के बागवान देवराज नेगी, नारायण महंत, सुरेंद्र, जयचंद, कमल, राम चंद और अमन आदि का कहना है कि पहले सेब बेहतर था, लेकिन बारिश के बाद अचानक फल पेड़ों पर ही फटने लगे हैं। इससे करीब 15 फीसदी नुकसान की आशंका जाहिर की जा रही है। ऐसे में आर्थिक तौर पर बागवानों को नुकसान झेलना पड़ सकता है। उन्होंने बागवानी विभाग से गुहार लगाई है कि फील्ड स्टाफ इस बारे में बागवानों को जागरूक करे।
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कोट
-यह समस्या दो तरह से उत्पन्न हो जाती है। एक अधिक बारिश और दूसरी अत्यधिक सूखे के कारण सेब फल फट जाते हैं। सूखे के कारण फल में रस बनना थम जाता है, जैसे ही एकाएक बारिश होती है तो प्रेशर से फल फटने शुरू हो जाते हैं। लिहाजा इससे निजात पाने के लिए आरंभ में ही बगीचों में सिंचाई समय-समय पर करनी चाहिए। यह कोई बीमारी नहीं है। यह सूखे में अममून होता है।
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-डॉ किशोर खोसला, प्रभारी अनुसंधान केंद्र सेउबाग कुल्लू