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मंत्री के गांव में चंदा जुटा कर शिक्षकों का जुगाड़ कर रहे लोग
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अमर उजाला ब्यूरो
केलांग (लाहौल-स्पीति)। घाटी में अपने बच्चों को पढ़ाने के लिए अभिभावकों को चंदा जुटाकर शिक्षकों की अस्थायी व्यवस्था करनी पड़ रही है। शिक्षक के लिए प्रति विद्यार्थी से 200 रुपये लिए जा रहे हैं। प्रदेश सरकार में मंत्री डॉ. रामलाल मारकंडा के गांव के स्कूल में टीजीटी आर्ट्स, टीजीटी नॉन मेडिकल और टीजीटी मेडिकल के पद खाली चल रहे हैं। हालांकि एक माह पूर्व ही शिक्षा विभाग ने पूरे प्रदेश में टीजीटी अध्यापकों की भर्ती कर नियुक्तियां जारी की है।
हैरानी की बात है कि इनमें से किसी भी शिक्षक को लाहौल नहीं भेजा गया। उदयपुर वरिष्ठ माध्यमिक स्कूल में टीजीटी अध्यापकों के तीन पद एक साथ खाली चल रहे हैं। मार्च महीने में वार्षिक परीक्षाएं होनी हैं। ऐेसे में अभिभावकों का अपने बच्चों के भविष्य को लेकर चिंतित होना लाजिमी है। एसएमसी अध्यक्ष रीना ने बताया कि उदयपुर स्कूल में शिक्षकों को अपने स्तर पर शिक्षकों की व्यवस्था करनी पड़ रही है। घाटी के अधिकतर स्कूलों में टीजीटी मेडिकल और नॉन मेडिकल शिक्षकों के पद खाली चल रहे हैं। आरटीआई कार्यकर्ता एवं एडवोकेट सुदर्शन ठाकुर ने कहा कि जब मंत्री के गांव के स्कूल का यह हाल है तो दूरदराज के स्कूलों का क्या हाल होगा। कहा कि शिक्षा जैसे अहम मुद्दों को लेकर राजनीतिक दल कभी भी गंभीरता नहीं दिखाते हैं। स्कूल के प्रधानाचार्य शिव लाल ने बताया कि स्कूल में टीजीटी आर्ट्स, टीजीटी मेडिकल और टीजीटी नॉन मेडिकल शिक्षकों के पद खाली चल रहे हैं। शिक्षा उपनिदेशक प्रेम नाथ परशीरा ने कहा कि स्कूलों में खाली पदों को लेकर सरकार को हर माह रिपोर्ट दी जाती है।
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केलांग (लाहौल-स्पीति)। घाटी में अपने बच्चों को पढ़ाने के लिए अभिभावकों को चंदा जुटाकर शिक्षकों की अस्थायी व्यवस्था करनी पड़ रही है। शिक्षक के लिए प्रति विद्यार्थी से 200 रुपये लिए जा रहे हैं। प्रदेश सरकार में मंत्री डॉ. रामलाल मारकंडा के गांव के स्कूल में टीजीटी आर्ट्स, टीजीटी नॉन मेडिकल और टीजीटी मेडिकल के पद खाली चल रहे हैं। हालांकि एक माह पूर्व ही शिक्षा विभाग ने पूरे प्रदेश में टीजीटी अध्यापकों की भर्ती कर नियुक्तियां जारी की है।
हैरानी की बात है कि इनमें से किसी भी शिक्षक को लाहौल नहीं भेजा गया। उदयपुर वरिष्ठ माध्यमिक स्कूल में टीजीटी अध्यापकों के तीन पद एक साथ खाली चल रहे हैं। मार्च महीने में वार्षिक परीक्षाएं होनी हैं। ऐेसे में अभिभावकों का अपने बच्चों के भविष्य को लेकर चिंतित होना लाजिमी है। एसएमसी अध्यक्ष रीना ने बताया कि उदयपुर स्कूल में शिक्षकों को अपने स्तर पर शिक्षकों की व्यवस्था करनी पड़ रही है। घाटी के अधिकतर स्कूलों में टीजीटी मेडिकल और नॉन मेडिकल शिक्षकों के पद खाली चल रहे हैं। आरटीआई कार्यकर्ता एवं एडवोकेट सुदर्शन ठाकुर ने कहा कि जब मंत्री के गांव के स्कूल का यह हाल है तो दूरदराज के स्कूलों का क्या हाल होगा। कहा कि शिक्षा जैसे अहम मुद्दों को लेकर राजनीतिक दल कभी भी गंभीरता नहीं दिखाते हैं। स्कूल के प्रधानाचार्य शिव लाल ने बताया कि स्कूल में टीजीटी आर्ट्स, टीजीटी मेडिकल और टीजीटी नॉन मेडिकल शिक्षकों के पद खाली चल रहे हैं। शिक्षा उपनिदेशक प्रेम नाथ परशीरा ने कहा कि स्कूलों में खाली पदों को लेकर सरकार को हर माह रिपोर्ट दी जाती है।
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