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तेरह साल गुफा में जलाई शिक्षा की लौ
Updated Wed, 05 Sep 2018 09:00 PM IST
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पुरस्कार
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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कुल्लू। शिक्षक दिवस के मौके पर जिला कुल्लू की सैंज घाटी के शैंशर के रहने वाले एक सेवानिवृत्त शिक्षक को हरियाणा के पंचकुला में सम्मानित किया है। पंचकुला की फोरम ऑफ सीनियर सिटीजन इन एजूकेशन संस्था की ओर से शिक्षक दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में हरियाणा के शिक्षा सचिव जगवीर सिंह ने सेवानिवृत्त शिक्षक हरिदत्त शर्मा को शिक्षा के क्षेत्र में बेहतरीन कार्य करने पर यह उत्कृष्ट सम्मान दिया।
मई 2017 को सेवानिवृत्त हुए हरिदत्त शर्मा ने अपने कार्यकाल में जिले के सबसे अति दुर्गम क्षेत्र शाक्टी में 13 साल तक बच्चों को एक गुफा में शिक्षा दी है। इसकी शुरूआत उन्होंने करीब 13 बच्चों से की थी। वर्ष 1988 से 2001 तक हरिदत्त शर्मा ने बिना किसी पाठशाला के बच्चों को गुफा में ही शिक्षा प्रदान की। इससे पहले शाक्टी प्राइमरी स्कूल एक किराये के भवन में चलता था। लेकिन भारी बर्फबारी के चलते कमरा क्षतिग्रस्त हो गया। पंचकुला में शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट पुरस्कार प्राप्त करने पर हरिदत्त शर्मा ने कहा कि उन्होंने स्कूल भवन के अभाव में शाक्टी, मरौड़ और शुगाड गांव के बच्चों को शाक्टी की एक गुफा में शिक्षा दी। बता दें कि इन तीनों गांव में आजादी के 71 साल बाद भी आज तक न तो सड़क है और न ही बिजली की सुविधा। हालांकि बाद में प्राइमरी स्कूल को भवन मिल गया।
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मई 2017 को सेवानिवृत्त हुए हरिदत्त शर्मा ने अपने कार्यकाल में जिले के सबसे अति दुर्गम क्षेत्र शाक्टी में 13 साल तक बच्चों को एक गुफा में शिक्षा दी है। इसकी शुरूआत उन्होंने करीब 13 बच्चों से की थी। वर्ष 1988 से 2001 तक हरिदत्त शर्मा ने बिना किसी पाठशाला के बच्चों को गुफा में ही शिक्षा प्रदान की। इससे पहले शाक्टी प्राइमरी स्कूल एक किराये के भवन में चलता था। लेकिन भारी बर्फबारी के चलते कमरा क्षतिग्रस्त हो गया। पंचकुला में शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट पुरस्कार प्राप्त करने पर हरिदत्त शर्मा ने कहा कि उन्होंने स्कूल भवन के अभाव में शाक्टी, मरौड़ और शुगाड गांव के बच्चों को शाक्टी की एक गुफा में शिक्षा दी। बता दें कि इन तीनों गांव में आजादी के 71 साल बाद भी आज तक न तो सड़क है और न ही बिजली की सुविधा। हालांकि बाद में प्राइमरी स्कूल को भवन मिल गया।
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