{"_id":"681f804256463b43540d61f4","slug":"12928-cases-settled-in-lok-adalat-kullu-news-c-89-1-ssml1012-147325-2025-05-10","type":"story","status":"publish","title_hn":"Kullu News: लोक अदालत में 12,928 मामलों का निपटारा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Kullu News: लोक अदालत में 12,928 मामलों का निपटारा
Sat, 10 May 2025 10:32 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुल्लू
संवाद न्यूज एजेंसी, कुल्लू
Updated Sat, 10 May 2025 10:32 PM IST
विज्ञापन
कुल्लू का अदालत में राष्ट्रीय लोक अदालत में लोगों के मामलों का निपटारा करते हुए। स्त्रोत अदालत
जिला एवं सत्र न्यायालय कुल्लू में हुई राष्ट्रीय लोक अदालत
संवाद न्यूज एजेंसी
कुल्लू। राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण शिमला के तत्वावधान में शनिवार को जिला एवं सत्र न्यायालय कुल्लू में राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया। इसकी अध्यक्षता जिला एवं सत्र न्यायाधीश प्रकाश चंद राणा ने की।
इसमें दुर्घटना क्लेम, श्रम विवाद के मामले, बिजली और पानी के बिल, जमीन विवाद, बैंक से संबंधित, वैवाहिक विवाद और विशेष रूप से कम राशि के चेक से लेन-देन के मामले निपटाए गए। लोक अदालत में प्री-लिटिगेशन और पोस्ट-लिटिगेशन के तहत दो वर्गों में मामले रखे गए थे। प्री-लिटिगेशन के लोक अदालत में कुल 1529 मामले आए थे, जिनमें 137 मामलों का निपटारा दोनों पक्षों की सहमति से किया गया। इस दौरान 6,97,422 रुपये की राशि का सक्षम वादियों को उचित मुआवजा भी दिया गया। पोस्ट-लिटिगेशन के कुल 16,073 मामले राष्ट्रीय लोक अदालत में रखे गए थे, इनमें 12,791 मामलों का निपटारा किया गया। इसमें 5,49,69,687 की राशि का मुआवजा सक्षम वादियों को दिया गया। गौर रहे कि लोक अदालत में फैसला दोनों पक्षों की रजामंदी से किया जाता है व किसी पक्ष की हार या जीत नहीं होती।
--
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
कुल्लू। राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण शिमला के तत्वावधान में शनिवार को जिला एवं सत्र न्यायालय कुल्लू में राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया। इसकी अध्यक्षता जिला एवं सत्र न्यायाधीश प्रकाश चंद राणा ने की।
इसमें दुर्घटना क्लेम, श्रम विवाद के मामले, बिजली और पानी के बिल, जमीन विवाद, बैंक से संबंधित, वैवाहिक विवाद और विशेष रूप से कम राशि के चेक से लेन-देन के मामले निपटाए गए। लोक अदालत में प्री-लिटिगेशन और पोस्ट-लिटिगेशन के तहत दो वर्गों में मामले रखे गए थे। प्री-लिटिगेशन के लोक अदालत में कुल 1529 मामले आए थे, जिनमें 137 मामलों का निपटारा दोनों पक्षों की सहमति से किया गया। इस दौरान 6,97,422 रुपये की राशि का सक्षम वादियों को उचित मुआवजा भी दिया गया। पोस्ट-लिटिगेशन के कुल 16,073 मामले राष्ट्रीय लोक अदालत में रखे गए थे, इनमें 12,791 मामलों का निपटारा किया गया। इसमें 5,49,69,687 की राशि का मुआवजा सक्षम वादियों को दिया गया। गौर रहे कि लोक अदालत में फैसला दोनों पक्षों की रजामंदी से किया जाता है व किसी पक्ष की हार या जीत नहीं होती।
विज्ञापन