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नारी गरिमा थीम पर एकसाथ नाचेंगी सैकड़ों महिलाएं
Updated Mon, 01 Oct 2018 07:04 PM IST
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कुल्लू। दशहरा उत्सव में कुल्लू जिले की संस्कृति को बचाने के लिए हर साल नए-नए प्रयोग किए जाते हैं। इस साल दशहरा उत्सव में नारी गरिमा थीम पर मेगा नाटी का आयोजन किया जाएगा। इसमें कुल्लू जिले के महिला मंडल भाग लेंगे। 23 अक्तूबर को विशेष रूप से नारी गरिमा थीम पर ढालपुर के रथ मैदान में मेगा नाटी का आयोजन होगा।
सैकड़ों महिलाएं पारंपरिक वेशभूषा में ढोल-नगाड़ों की थाप पर कुल्लवी नाटी प्रस्तुत करेंगी। इसमें पहली बार जिला कुल्लू के बाह्य सराज आनी-निरमंड के महिला मंडल भी भाग ले सकेंगे। हालांकि पिछले पांच सालों से दशहरा में कुल्लवी नाटी के संरक्षण व संवर्धन के लिए अलग-अगल तरीके अपनाए गए हैं। इससे पहले दशहरा में कुल्लवी नाटी का आयोजन हुआ और विश्व रिकॉर्ड बनाया गया। इसके बाद पिछले दो सालों से ढालपुर में लालड़ी नृत्य का आयोजन किया जाएगा। पिछले साल भी ढालपुर के रथ मैदान में करीब 500 से अधिक महिला व पुरुषों ने एक साथ लालड़ी नृत्य किया। लेकिन इस साल नारी गरिमा थीम पर कुल्लवी नाटी का आयोजन होगा। प्रशासन की ओर से नारी गरिमा एक कार्यक्रम चलाया जा रहा है। ऐसे में दशहरा में इसी थीम पर जहां नारी गरिमा का व्यापक प्रचार प्रसार होगा। कुल्लवी नाटी का संरक्षण भी होगा। इसके लिए दशहरा उत्सव समिति की ओर से जिले के महिला मंडलों को आमंत्रित किया जाएगा। इसमें आनी व निरमंड के महिला मंडलों को भी बुलाया जाएगा।
सांस्कृतिक कार्यक्रम चार बजे से होंगे शुरू
कुल्लू। दशहरा उत्सव में समय की कमी को देखते हुए इस बार दशहरा उत्सव समिति ने रात्रि सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आगाज कलाकेंद्र में शाम चार बजे से शुरू करने का निर्णय लिया है, जबकि इससे पहले शाम पांच से दस बजे तक रात्रि कार्यक्रमों को आयोजन किया जाता है। हालांकि इस दौरान दशहरा में आने वाले कलाकारों के ऑडिशन करवाने पर चर्चा की। लेकिन इस मामले को दशहरा सांस्कृतिक कार्यक्रम की सब कमेटी की बैठक के लिए छोड़ दिया है।
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सैकड़ों महिलाएं पारंपरिक वेशभूषा में ढोल-नगाड़ों की थाप पर कुल्लवी नाटी प्रस्तुत करेंगी। इसमें पहली बार जिला कुल्लू के बाह्य सराज आनी-निरमंड के महिला मंडल भी भाग ले सकेंगे। हालांकि पिछले पांच सालों से दशहरा में कुल्लवी नाटी के संरक्षण व संवर्धन के लिए अलग-अगल तरीके अपनाए गए हैं। इससे पहले दशहरा में कुल्लवी नाटी का आयोजन हुआ और विश्व रिकॉर्ड बनाया गया। इसके बाद पिछले दो सालों से ढालपुर में लालड़ी नृत्य का आयोजन किया जाएगा। पिछले साल भी ढालपुर के रथ मैदान में करीब 500 से अधिक महिला व पुरुषों ने एक साथ लालड़ी नृत्य किया। लेकिन इस साल नारी गरिमा थीम पर कुल्लवी नाटी का आयोजन होगा। प्रशासन की ओर से नारी गरिमा एक कार्यक्रम चलाया जा रहा है। ऐसे में दशहरा में इसी थीम पर जहां नारी गरिमा का व्यापक प्रचार प्रसार होगा। कुल्लवी नाटी का संरक्षण भी होगा। इसके लिए दशहरा उत्सव समिति की ओर से जिले के महिला मंडलों को आमंत्रित किया जाएगा। इसमें आनी व निरमंड के महिला मंडलों को भी बुलाया जाएगा।
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सांस्कृतिक कार्यक्रम चार बजे से होंगे शुरू
कुल्लू। दशहरा उत्सव में समय की कमी को देखते हुए इस बार दशहरा उत्सव समिति ने रात्रि सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आगाज कलाकेंद्र में शाम चार बजे से शुरू करने का निर्णय लिया है, जबकि इससे पहले शाम पांच से दस बजे तक रात्रि कार्यक्रमों को आयोजन किया जाता है। हालांकि इस दौरान दशहरा में आने वाले कलाकारों के ऑडिशन करवाने पर चर्चा की। लेकिन इस मामले को दशहरा सांस्कृतिक कार्यक्रम की सब कमेटी की बैठक के लिए छोड़ दिया है।
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