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पर्यटन सीजन में भी नहीं मिलेगी मनाली के होटलों को राहत
Updated Thu, 19 Apr 2018 10:08 PM IST
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12.5, 21.0
पर्यटन सीजन में भी नहीं मिलेगी
मनाली के होटलों को मिली राहत
एनजीटी के आदेश पर मनाली के 491 होटलों की जांच तेज
पर्यटन विभाग और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की दबिश से हड़कंप
अमर उजाला ब्यूरो
कुल्लू। पर्यटन सीजन को लेकर मनाली के होटलियरों ने एक ओर पर्यटकों के स्वागत के लिए तैयारियां की हैं। वहीं एनजीटी पर्यटन सीजन के दौरान भी मनाली के 491 होटलों को राहत नहीं देगी। जिला पर्यटन विभाग ने पंजीकृत 491 होटलों की सूची संबंधित विभागों को दे दी है। ऐसे में प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, टीसीपी और पर्यटन विभाग अपने-अपने स्तर पर होटलों में दबिश दे रही है।
पर्यटन विभाग ने मनाली के 30 होटलों में दबिश कर होटलों के पंजीकरण और उनके नवीनीकरण की जांच कर रही है। वहीं प्रदूषण बोर्ड के अधिकारी होटलों को एनओसी को देख रहे हैं। प्रदूषण बोर्ड ने 15 होटलों की जांच कर दी है। टीसीपी की टीम होटल निर्माण के कागजातों को चैक कर रही है कि क्या होटलों को टीसीपी के नक्शे के अनुरूप बनाया गया है? इससे पहले टीसीपी ने मनाली के सात होटलों को नोटिस थमाए हैं। जिन पर टाउन एंड कंट्री प्लान के उल्लंघन के तहत तीन की जगह पांच मंजिल बनाने और अनुमति के अधिक कमरों का निर्माण करने का आरोप है। कई होटलों में पार्किंग की भी सुविधा नहीं पाई गई है। पर्यटन सीजन के उन मौके पर मनाली के पंजीकृत 491 होटलों की जांच से होटलियरों में हड़कंप मच गया है।
इस संबंध में जिला पर्यटन अधिकारी बीसी नेगी ने कहा कि विभाग ने भी मनाली के होटलों की जांच शुरू कर दी है। अभी तक 30 होटलों के कागजों की जांच की है। देश के मैदानी इलाकों में बढ़ती गर्मी से राहत पाने के लिए अब पर्यटकों ने पहाड़ों का रुख कर दिया है। ऐसे में मनाली में भी सैलानियों की आमद बढ़ने लगी है, लेकिन एनजीटी की कार्रवाई से होटल कारोबारी चिंता में है। एनजीटी ने कुल्लू जिला के करीब 1700 होटलों की जांच के आदेश दिए हैं।
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पर्यटन सीजन में भी नहीं मिलेगी
मनाली के होटलों को मिली राहत
एनजीटी के आदेश पर मनाली के 491 होटलों की जांच तेज
पर्यटन विभाग और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की दबिश से हड़कंप
अमर उजाला ब्यूरो
कुल्लू। पर्यटन सीजन को लेकर मनाली के होटलियरों ने एक ओर पर्यटकों के स्वागत के लिए तैयारियां की हैं। वहीं एनजीटी पर्यटन सीजन के दौरान भी मनाली के 491 होटलों को राहत नहीं देगी। जिला पर्यटन विभाग ने पंजीकृत 491 होटलों की सूची संबंधित विभागों को दे दी है। ऐसे में प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, टीसीपी और पर्यटन विभाग अपने-अपने स्तर पर होटलों में दबिश दे रही है।
पर्यटन विभाग ने मनाली के 30 होटलों में दबिश कर होटलों के पंजीकरण और उनके नवीनीकरण की जांच कर रही है। वहीं प्रदूषण बोर्ड के अधिकारी होटलों को एनओसी को देख रहे हैं। प्रदूषण बोर्ड ने 15 होटलों की जांच कर दी है। टीसीपी की टीम होटल निर्माण के कागजातों को चैक कर रही है कि क्या होटलों को टीसीपी के नक्शे के अनुरूप बनाया गया है? इससे पहले टीसीपी ने मनाली के सात होटलों को नोटिस थमाए हैं। जिन पर टाउन एंड कंट्री प्लान के उल्लंघन के तहत तीन की जगह पांच मंजिल बनाने और अनुमति के अधिक कमरों का निर्माण करने का आरोप है। कई होटलों में पार्किंग की भी सुविधा नहीं पाई गई है। पर्यटन सीजन के उन मौके पर मनाली के पंजीकृत 491 होटलों की जांच से होटलियरों में हड़कंप मच गया है।
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इस संबंध में जिला पर्यटन अधिकारी बीसी नेगी ने कहा कि विभाग ने भी मनाली के होटलों की जांच शुरू कर दी है। अभी तक 30 होटलों के कागजों की जांच की है। देश के मैदानी इलाकों में बढ़ती गर्मी से राहत पाने के लिए अब पर्यटकों ने पहाड़ों का रुख कर दिया है। ऐसे में मनाली में भी सैलानियों की आमद बढ़ने लगी है, लेकिन एनजीटी की कार्रवाई से होटल कारोबारी चिंता में है। एनजीटी ने कुल्लू जिला के करीब 1700 होटलों की जांच के आदेश दिए हैं।
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