फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Kullu News ›   वन विभाग ने फाटी खोखण में 17 अवैध कब्जे किए चिन्हित

वन विभाग ने फाटी खोखण में 17 अवैध कब्जे किए चिन्हित

Thu, 13 Dec 2018 09:39 PM IST
Updated Thu, 13 Dec 2018 09:39 PM IST
विज्ञापन
वन विभाग ने फाटी खोखण में 17 अवैध कब्जे किए चिन्हित

विज्ञापन
वन विभाग ने फाटी खोखण में 17 अवैध कब्जे किए चिन्हित
भुंतर नंगर पंचायत की कार्रवाई के बावजूद हो रहे अवैध कब्जे
अमर उजाला ब्यूरो
भुंतर (कुल्लू)। जिला के प्रवेशद्वार भुंतर में वन भूमि पर अवैध कब्जों को हटाने के लिए नगर पंचायत ने अभियान तो छेड़ दिया है, लेकिन वन भूमि पर अवैध कब्जों का दौर जारी है। शहर में हो रहे अवैध कब्जों को लेकर लोग परेशान हैं। कुछ दिन पहले वार्ड नंबर 6 में अवैध रूप से हुए कब्जों को पुलिस की सहायता से नगर पंचायत ने हटाया था। वीरवार को एक और अवैध कब्जा हो रहा था। लोगों की शिकायत पर इसे रुकवाया गया। नायब तहसीलदार रामदयाल ने कहा कि जब तक कब्जाधारी दस्तावेज पेश नहीं करता है। तब तक कब्जे को रोक दिया गया है। बता दें कि भुंतर में गरीबी की रेखा से नीचे बहुत से लोग रहते हैं। इसी तरह गरीब लोग खोखे डालते रहे तो भुंतर शहर में चलने के लिए जगह नहीं रहेगी। नगर पंचायत भुंतर के प्रधान करन ठाकुर ने कहा कि कब्जाधारी को नगर पंचायत भुंतर ने 2008 में परमिशन दी थी। उन्होंने कहा कि 2008 में इसे खोखा सुनिश्चित हुआ था, जो कि बाढ़ के कारण नदी में बह गया था। इसके चलते कब्जाधारी दोबारा से खोखा तैयार कर रहा है। इस संबंध में वन विभाग के डीएफओ कृपाशंकर ने कहा कि यह वन भूमि पर जो कब्जा हो रहा है। इसे रोक दिया गया है, जो भी बिना परमिशन के खोखा तैयार करता है। उस पर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि राजस्व विभाग ने वन महकमे के कर्मचारियों और अधिकारियों के सहयोग से प्रथम चरण में फाटी खोखण में 17 अवैध कब्जे चिह्नित किए हैं। इन मामलों की पड़ताल करके जल्द ही इन अवैध कब्जों को भी हटाया जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed