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बाखली में नंगे पांव दहकते अंगारों पर नाचे लोग
Updated Sun, 21 Jan 2018 10:21 PM IST
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amarujala
- फोटो : amarujala
अमर उजाला ब्यूरो
कुल्लू।
जिला मुख्यालय के साथ लगते दोहरानाला क्षेत्र के बाखली में देवता आदि ब्रह्मा के सम्मान में सदियाला पर्व धूमधाम से मनाया गया। सदियाला में ग्रामीणों ने जलते हुए अंगारों पर देव खेल की। इस नजारे को देखने के लिए सैकड़ों की संख्या में श्रद्धालु उमड़े। युवक मंडल प्रधान संगत राम, मेला कमेटी के प्रधान प्रताप सिंह, सूरज, चांहकू, संगतू, मोहर सिंह, शेर सिंह, लैहण सिंह, रामकृष्ण, सोनू, सरज, गुलाब सिंह, दिले राम, भागू, राजू, खूब राम, अनिल कुमार, मनीष कुमार ने कहा कि जलते अंगारों पर गांव के करीब तीन दर्जन लोगों ने नंगे पांव नृत्य किया। नृत्य करते-करते जलते अंगारों को बुझाया। देवता आदि ब्रह्म के शक्ति के प्रभाव के कारण इन लोगों को पांव में कोई चोट भी नहीं आई। इस आकर्षक नजारे को देखने के लिए बाखली में सैकड़ों की संख्या में लोग उमड़े। शिल्ली राजगिरी पंचायत के बाखली में रविवार सुबह करीब तीन बजे देव वाद्य यंत्रों की धुनों पर देवता के प्रांगण में इकट्ठा हुए। इसके बाद सभी देवता थान पाताल के स्थान पर गए। गांव के मुख्य बुध राम ने जलती हुई मशाल का एक हिस्सा काली मां और देवता लुआसर नाग के स्थान पर रखा। ग्रामीणों ने एक खेत में इकट्ठा होकर अश्लील जुमलों पर नृत्य किया। अश्लील जुमलों से क्षेत्र की बुरी शक्तियों को दूर भगाया गया। गांव के मुख्य बुध राम ने कहा कि सदियाला की परंपरा का सालों से निर्वहन किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि अगर खेल खेलते समय किसी के हाथ छूट जाते हैं तो उसे बुरा माना जाता है।
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कुल्लू।
जिला मुख्यालय के साथ लगते दोहरानाला क्षेत्र के बाखली में देवता आदि ब्रह्मा के सम्मान में सदियाला पर्व धूमधाम से मनाया गया। सदियाला में ग्रामीणों ने जलते हुए अंगारों पर देव खेल की। इस नजारे को देखने के लिए सैकड़ों की संख्या में श्रद्धालु उमड़े। युवक मंडल प्रधान संगत राम, मेला कमेटी के प्रधान प्रताप सिंह, सूरज, चांहकू, संगतू, मोहर सिंह, शेर सिंह, लैहण सिंह, रामकृष्ण, सोनू, सरज, गुलाब सिंह, दिले राम, भागू, राजू, खूब राम, अनिल कुमार, मनीष कुमार ने कहा कि जलते अंगारों पर गांव के करीब तीन दर्जन लोगों ने नंगे पांव नृत्य किया। नृत्य करते-करते जलते अंगारों को बुझाया। देवता आदि ब्रह्म के शक्ति के प्रभाव के कारण इन लोगों को पांव में कोई चोट भी नहीं आई। इस आकर्षक नजारे को देखने के लिए बाखली में सैकड़ों की संख्या में लोग उमड़े। शिल्ली राजगिरी पंचायत के बाखली में रविवार सुबह करीब तीन बजे देव वाद्य यंत्रों की धुनों पर देवता के प्रांगण में इकट्ठा हुए। इसके बाद सभी देवता थान पाताल के स्थान पर गए। गांव के मुख्य बुध राम ने जलती हुई मशाल का एक हिस्सा काली मां और देवता लुआसर नाग के स्थान पर रखा। ग्रामीणों ने एक खेत में इकट्ठा होकर अश्लील जुमलों पर नृत्य किया। अश्लील जुमलों से क्षेत्र की बुरी शक्तियों को दूर भगाया गया। गांव के मुख्य बुध राम ने कहा कि सदियाला की परंपरा का सालों से निर्वहन किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि अगर खेल खेलते समय किसी के हाथ छूट जाते हैं तो उसे बुरा माना जाता है।
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