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शिक्षा उपनिदेशक ने किया स्कूल का दौरा
Updated Fri, 21 Sep 2018 07:08 PM IST
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कुल्लू। किराये पर चल रहे हाई स्कूल हलाण-1 के भवन का निर्माण सरकार की मंजूरी के डेढ़ साल बाद भी शुरू नहीं हो सका है। इसका खामियाजा यहां शिक्षा ग्रहण कर रहे घाटी के 133 बच्चों व उनके अभिभावकों को उठाना पड़ रहा है। सरकार ने वर्ष 2017 में स्कूल के भवन निर्माण के लिए 2.96 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी है। लेकिन लोनिवि को मात्र 18 लाख की राशि मिलने से काम शुरू नहीं हो पा रहा है।
हाई स्कूल हलाण-1 की छपी खबर के बाद शिक्षा विभाग में हड़कंप मच गया। मुख्यमंत्री द्वारा रिपोर्ट तलब करने पर उच्च शिक्षा उपनिदेशक कुल्लू जगदीश ने हलाण-1 स्कूल का दौरा कर स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने स्कूल भवन व खेल मैदान को भी देखा जो किराये पर चल रहा है। स्कूल प्रबंधन समिति के अध्यक्ष अनूप राम ने कहा कि अगर शिक्षा विभाग समय पर जागता तो बच्चों को स्कूल भवन व खेल मैदान का किराया नहीं देना पड़ता।अमर उजाला के 19 सितंबर के अंक में सरकारी स्कूल भवन का बच्चे चुका रहे किराया नामक खबर प्रकाशित होने पर मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने कड़ा संज्ञान लेते शिक्षा विभाग से दो दिनों में जवाब तलब किया है। स्कूल के भवन का किराया बच्चों से लेने पर रोक लगा दी है। मुख्यमंत्री की ओर से लिए गए संज्ञान से उच्च शिक्षा विभाग में हड़कंप मच गया है और शिक्षा विभाग से लेकर लोनिवि हरकत आ गया है। सरकार ने स्कूल भवन निर्माण के लिए डेढ़ साल पहले 2.96 करोड़ की राशि मंजूर तो की लेकिन धन का प्रावधान मात्र दस प्रतिशत ही हो पाया है। यह पैसा भी लोनिवि को इस वर्ष मार्च महीने में मिला। नियमानुसार किसी भी निर्माण कार्य को शुरू करने के लिए कुल बजट का 30 फीसदी राशि का होना जरूरी है। स्कूल प्रबंधन समिति के अध्यक्ष अनूप राम, कृष्ण लाल, भीर चंद, मनी राम तथा लाल चंद, अभिभावक हुकम राम, छपे राम, तारा चंद, विकास कमेटी हलाण-1 के अध्यक्ष जगरनाथ, दुनी चंद मेहर चंद, मोहन लाल, काका राम, गुप्त राम, केहर सिंह, देव राज, अमर चंद, रोशन लाल, योग राज, मीरा देवी, मोहनी देवी, सरला देवी तथा ओम प्रकाश ने कहा कि 12 सालों से उनके बच्चों को किराये के भवन में ही शिक्षा ग्रहण करने को मजबूर होना पड़ा है।
भवन निर्माण के लिए राशि कम : पवन
लोनिवि के सहायक अभियंता पवन राणा ने कहा कि प्रपोजल के मुताबिक स्कूल भवन के लिए 2.96 करोड़ रुपये की राशि मंजूर हुई है। लेकिन विभाग को मात्र 18 लाख रुपये ही मिले है, जो स्कूल भवन के निर्माण शुरू करने के लिए पर्याप्त नहीं है। उन्होंने कहा कि विभाग को निर्माण के लिए करीब एक करोड़ रुपये की आवश्यकता है। जैसे ही राशि मिलेगी टेंडर करवाकर निर्माण शुरू कर दिया जाएगा।
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हाई स्कूल हलाण-1 की छपी खबर के बाद शिक्षा विभाग में हड़कंप मच गया। मुख्यमंत्री द्वारा रिपोर्ट तलब करने पर उच्च शिक्षा उपनिदेशक कुल्लू जगदीश ने हलाण-1 स्कूल का दौरा कर स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने स्कूल भवन व खेल मैदान को भी देखा जो किराये पर चल रहा है। स्कूल प्रबंधन समिति के अध्यक्ष अनूप राम ने कहा कि अगर शिक्षा विभाग समय पर जागता तो बच्चों को स्कूल भवन व खेल मैदान का किराया नहीं देना पड़ता।अमर उजाला के 19 सितंबर के अंक में सरकारी स्कूल भवन का बच्चे चुका रहे किराया नामक खबर प्रकाशित होने पर मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने कड़ा संज्ञान लेते शिक्षा विभाग से दो दिनों में जवाब तलब किया है। स्कूल के भवन का किराया बच्चों से लेने पर रोक लगा दी है। मुख्यमंत्री की ओर से लिए गए संज्ञान से उच्च शिक्षा विभाग में हड़कंप मच गया है और शिक्षा विभाग से लेकर लोनिवि हरकत आ गया है। सरकार ने स्कूल भवन निर्माण के लिए डेढ़ साल पहले 2.96 करोड़ की राशि मंजूर तो की लेकिन धन का प्रावधान मात्र दस प्रतिशत ही हो पाया है। यह पैसा भी लोनिवि को इस वर्ष मार्च महीने में मिला। नियमानुसार किसी भी निर्माण कार्य को शुरू करने के लिए कुल बजट का 30 फीसदी राशि का होना जरूरी है। स्कूल प्रबंधन समिति के अध्यक्ष अनूप राम, कृष्ण लाल, भीर चंद, मनी राम तथा लाल चंद, अभिभावक हुकम राम, छपे राम, तारा चंद, विकास कमेटी हलाण-1 के अध्यक्ष जगरनाथ, दुनी चंद मेहर चंद, मोहन लाल, काका राम, गुप्त राम, केहर सिंह, देव राज, अमर चंद, रोशन लाल, योग राज, मीरा देवी, मोहनी देवी, सरला देवी तथा ओम प्रकाश ने कहा कि 12 सालों से उनके बच्चों को किराये के भवन में ही शिक्षा ग्रहण करने को मजबूर होना पड़ा है।
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भवन निर्माण के लिए राशि कम : पवन
लोनिवि के सहायक अभियंता पवन राणा ने कहा कि प्रपोजल के मुताबिक स्कूल भवन के लिए 2.96 करोड़ रुपये की राशि मंजूर हुई है। लेकिन विभाग को मात्र 18 लाख रुपये ही मिले है, जो स्कूल भवन के निर्माण शुरू करने के लिए पर्याप्त नहीं है। उन्होंने कहा कि विभाग को निर्माण के लिए करीब एक करोड़ रुपये की आवश्यकता है। जैसे ही राशि मिलेगी टेंडर करवाकर निर्माण शुरू कर दिया जाएगा।
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