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मनु रंगशाला में बिखरी हिमाचल की संस्कृति
Updated Sat, 07 Jul 2018 10:04 PM IST
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नृत्य
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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अमर उजाला बयूरो
मनाली (कुल्लू)। मनाली की मनु रंगशाला में चल रहे चार दिवसीय हिम लोक दर्शन उत्सव में दूसरे दिन शनिवार को कांगड़ा जिला के लोक कलाकारों ने खूब धमाल मचाया। कलाकारों ने झमाकड़ा की शानदार प्रस्तुति दी। इसके बाद जिला किन्नौर के सोनी खेल एवं सांस्कृतिक मंच ने पारंपरिक किन्नौरी परिधान में सामूहिक धार्मिक गीत शिव की ज्योति से माहौल को भक्तिमय बना दिया।
जिला सोलन के नौणी सरगम कला मंच ने बगाटी लोक नृत्य प्रस्तुत कर तालियां बटोरीं। कलाकारों ने दर्शकों को भी खूब झूमाया। कांगड़ा लोक कला मंच के कलाकार विक्रांत ने मधुर स्वरों मे कांगड़ी गीत पेश किया। उन्होंने कांगड़ी गीत लच्छी-लच्छी लोक गलांदे गाने पर लोगों को झूमने पर मजबूर किया। उत्सव में जनजातीय जिला किन्नौर की प्रसिद्ध पारंपरिक नाटी भी आकर्षण का केंद्र रही। इस दौरान स्थानीय दर्शकों के साथ-साथ पर्यटकों ने भी हिमाचली संस्कृति को जाना। उत्सव में प्रदेश भर से आए कलाकार अपने-अपने जिले की संस्कृति को प्रस्तुत कर रहे हैं। लेकिन भाषा एवं संस्कृति विभाग, उत्तर क्षेत्रीय सांस्कृतिक केंद्र पटियाला और जिला प्रशासन के संयुक्त तत्वावधान में चल रहे हिम लोक दर्शन उत्सव में गिने-चुने दर्शक ही पहुंच रहे हैं। सांस्कृतिक संध्या के साथ-साथ हस्त शिल्प मेले में सजी दुकानों में भी लोग की भीड़ नहीं जुट रही है।
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मनाली (कुल्लू)। मनाली की मनु रंगशाला में चल रहे चार दिवसीय हिम लोक दर्शन उत्सव में दूसरे दिन शनिवार को कांगड़ा जिला के लोक कलाकारों ने खूब धमाल मचाया। कलाकारों ने झमाकड़ा की शानदार प्रस्तुति दी। इसके बाद जिला किन्नौर के सोनी खेल एवं सांस्कृतिक मंच ने पारंपरिक किन्नौरी परिधान में सामूहिक धार्मिक गीत शिव की ज्योति से माहौल को भक्तिमय बना दिया।
जिला सोलन के नौणी सरगम कला मंच ने बगाटी लोक नृत्य प्रस्तुत कर तालियां बटोरीं। कलाकारों ने दर्शकों को भी खूब झूमाया। कांगड़ा लोक कला मंच के कलाकार विक्रांत ने मधुर स्वरों मे कांगड़ी गीत पेश किया। उन्होंने कांगड़ी गीत लच्छी-लच्छी लोक गलांदे गाने पर लोगों को झूमने पर मजबूर किया। उत्सव में जनजातीय जिला किन्नौर की प्रसिद्ध पारंपरिक नाटी भी आकर्षण का केंद्र रही। इस दौरान स्थानीय दर्शकों के साथ-साथ पर्यटकों ने भी हिमाचली संस्कृति को जाना। उत्सव में प्रदेश भर से आए कलाकार अपने-अपने जिले की संस्कृति को प्रस्तुत कर रहे हैं। लेकिन भाषा एवं संस्कृति विभाग, उत्तर क्षेत्रीय सांस्कृतिक केंद्र पटियाला और जिला प्रशासन के संयुक्त तत्वावधान में चल रहे हिम लोक दर्शन उत्सव में गिने-चुने दर्शक ही पहुंच रहे हैं। सांस्कृतिक संध्या के साथ-साथ हस्त शिल्प मेले में सजी दुकानों में भी लोग की भीड़ नहीं जुट रही है।
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