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मयाड़ में 100 वर्षीय राम देई ने लगवाया टीका
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मयाड़ घाटी के शकोली गांव में 100 वर्षीय राम देई कोरोना वैक्सीन लगवाती।
- फोटो : Kullu
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उदयपुर (लाहौल-स्पीति)। स्वास्थ्य विभाग लाहौल-स्पीति ने कोरोना वैक्सीनेशन अभियान जोरों पर शुरू किया है। आम लोगों के साथ गर्भवती महिलाएं, बाहर से आए मजदूर, फेरी वालों का टीकाकरण किया जा रहा है।
विभाग की टीम घाटी के दुर्गम क्षेत्रों में घर-द्वार पहंचकर वैक्सीन लगा रही है। टीम बुधवार को दुर्गम क्षेत्र मयाड़ घाटी के चिमरेट (2800 मीटर) और तिंगरेट गांव पहुंची। यहां कोरोना वैक्सीन से छूटे लोगों के साथ एक-एक कामगार को वैक्सीन लगाई गई। इस बीच शकोली गांव में राम देई (100) ने भी लगवाया टीका। सब सेंटर चिमरेट में तैनात स्वास्थ्य कर्मी अनिता और आशा वर्कर संगीता ने लोगों को वैक्सीन लगवाने के लिए जागरूक किया। सब सेंटर चिमरेट में 30 लोगों को कोरोना की पहली और दूसरी डोज लगाई गई। इसमें 22 प्रवासी कामगार शामिल हैं। उधर, पीएचसी तिंगरेट में 53 लोगों को कोरोना का टीका लगाया गया। इसमें दो स्थानीय गर्भवती महिलाओं, दो स्थानीय लोगों के साथ 49 प्रवासी कामगारों का टीकाकरण किया। पीएचसी तिंगरेट के चिकित्सक निलेष ने कहा कि स्थानीय लोगों के साथ कोई मजदूर टीकाकरण से वंचित न रहे, इसके लिए लोगों को जागरूक किया जा रहा है। इसमें आशा वर्कर सोनम डोलमा का विशेष सहयोग रहता है। चिमरेट और तिंगरेट कोविड टीकाकरण के दौरान स्वास्थ्य कर्मचारी पूनम और गीता भी उपस्थित रही। जिला कोविड निगरानी डॉ. रणजीत सिंह वैद्य ने कहा कि घाटी में वैक्सीनेशन अभियान जारी है।
घर-द्वार पर मिल रही सुविधा
चिमरेट गांव की कुशला देवी का कहना है कि मयाड़ घाटी लाहौल का अति दुर्गम क्षेत्र है। स्वास्थ्य विभाग की टीम घर-द्वार पहुंच कर लोगों को टीका लगा रही है। विभाग लोगों की सुविधा के लिए हर संभव प्रयास कर रहा है।
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दुर्गम क्षेत्र में पहुंच रही टीम
चिमरेट गांव की मीरा आंगमो ने कहा कि लाहौल घाटी में दुर्गम क्षेत्र के बावजूद लोगों को घर पर वैक्सीन लगाई जा रही है। इससे लोगों को सुविधा मिल रही है। इसके लिए स्वास्थ्य विभाग व सरकार का आभार जताया है।
टीका लगने की नहीं थी जानकारी
तिंगरेट में काम कर रहे नेपाली मूल की सपना ने कहा कि वह तीन माह से मयाड़ घाटी में मजदूरी कर रही है। उन्हें तो पहले इस बात का भी पता नहीं था कि उन्हें टीका लगेगा भी या नहीं। लेकिन उन्हें पीएचसी तिंगरेट में वैक्सीन लगाई गई है।
गर्भवती महिलाओं को दी राहत
उड़गोस गांव के डोगे ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग की टीम ने बुधवार को दुर्गम क्षेत्र मयाड़ के सब सेंटर चिमरेट और पीएचसी तिंगरेट में टीकाकरण किया। विभाग ने आम लोगों के साथ प्रवासी कामगारों, गर्भवती महिलाओं का राहत दी है।
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विभाग की टीम घाटी के दुर्गम क्षेत्रों में घर-द्वार पहंचकर वैक्सीन लगा रही है। टीम बुधवार को दुर्गम क्षेत्र मयाड़ घाटी के चिमरेट (2800 मीटर) और तिंगरेट गांव पहुंची। यहां कोरोना वैक्सीन से छूटे लोगों के साथ एक-एक कामगार को वैक्सीन लगाई गई। इस बीच शकोली गांव में राम देई (100) ने भी लगवाया टीका। सब सेंटर चिमरेट में तैनात स्वास्थ्य कर्मी अनिता और आशा वर्कर संगीता ने लोगों को वैक्सीन लगवाने के लिए जागरूक किया। सब सेंटर चिमरेट में 30 लोगों को कोरोना की पहली और दूसरी डोज लगाई गई। इसमें 22 प्रवासी कामगार शामिल हैं। उधर, पीएचसी तिंगरेट में 53 लोगों को कोरोना का टीका लगाया गया। इसमें दो स्थानीय गर्भवती महिलाओं, दो स्थानीय लोगों के साथ 49 प्रवासी कामगारों का टीकाकरण किया। पीएचसी तिंगरेट के चिकित्सक निलेष ने कहा कि स्थानीय लोगों के साथ कोई मजदूर टीकाकरण से वंचित न रहे, इसके लिए लोगों को जागरूक किया जा रहा है। इसमें आशा वर्कर सोनम डोलमा का विशेष सहयोग रहता है। चिमरेट और तिंगरेट कोविड टीकाकरण के दौरान स्वास्थ्य कर्मचारी पूनम और गीता भी उपस्थित रही। जिला कोविड निगरानी डॉ. रणजीत सिंह वैद्य ने कहा कि घाटी में वैक्सीनेशन अभियान जारी है।
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घर-द्वार पर मिल रही सुविधा
चिमरेट गांव की कुशला देवी का कहना है कि मयाड़ घाटी लाहौल का अति दुर्गम क्षेत्र है। स्वास्थ्य विभाग की टीम घर-द्वार पहुंच कर लोगों को टीका लगा रही है। विभाग लोगों की सुविधा के लिए हर संभव प्रयास कर रहा है।
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दुर्गम क्षेत्र में पहुंच रही टीम
चिमरेट गांव की मीरा आंगमो ने कहा कि लाहौल घाटी में दुर्गम क्षेत्र के बावजूद लोगों को घर पर वैक्सीन लगाई जा रही है। इससे लोगों को सुविधा मिल रही है। इसके लिए स्वास्थ्य विभाग व सरकार का आभार जताया है।
टीका लगने की नहीं थी जानकारी
तिंगरेट में काम कर रहे नेपाली मूल की सपना ने कहा कि वह तीन माह से मयाड़ घाटी में मजदूरी कर रही है। उन्हें तो पहले इस बात का भी पता नहीं था कि उन्हें टीका लगेगा भी या नहीं। लेकिन उन्हें पीएचसी तिंगरेट में वैक्सीन लगाई गई है।
गर्भवती महिलाओं को दी राहत
उड़गोस गांव के डोगे ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग की टीम ने बुधवार को दुर्गम क्षेत्र मयाड़ के सब सेंटर चिमरेट और पीएचसी तिंगरेट में टीकाकरण किया। विभाग ने आम लोगों के साथ प्रवासी कामगारों, गर्भवती महिलाओं का राहत दी है।