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नीति के बिना नहीं होने देंगे भवनों का अधिग्रहण: फोरलेन संघर्ष समिति
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जसूर में फोरलेन पदाधिकारी बैठक के दौरान।
- फोटो : Kangra
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जसूर (कांगड़ा)। फोरलेन के लिए परिसर अधिग्रहण के मुआवजे का काम अंतिम चरण में है। जानकारी के अनुसार सरकार की ओर से उतने भवन का ही मुआवजा दिया जाएगा, जितना भाग अधिग्रहण के तहत आएगा। वहीं फोरलेन की जद में आ रहे कारोबारी परिसर के तोड़फोड़ का बाद बेकार भाग प्रयोग करने के योग्य नहीं रहता है, सरकार उसका मुआवजा नहीं देगी। इसे लेकर फोरलेन संघर्ष समिति ने परिसरों के मुआवजे की नीति और अपारदर्शिता के इस तरीके पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है।
समिति की जसूर में एक बैठक दरबारी सिंह की अध्यक्षता में हुई। इसमें निर्णय लिया गया कि समिति जल्द ही एक मुहिम शुरू कर सभी प्रभावितों से आह्वान करेेगी कि फोरलेन परियोजना से प्रभावित ऐसी स्थिति के चलते अपने परिसरों का अधिग्रहण न होने दें। समिति के सचिव विजय सिंह, हीरो कोर कमेटी के अध्यक्ष अशोक शर्मा के अनुसार परिसरों के अधिग्रहण का मुआवजा क्या दिया जाएगा, आज दिन तक नहीं बताया गया। इससे यह स्पष्ट होता है कि सरकार एकतरफा निर्णय लेकर हजारों लोगों को सड़क पर लाने की तैयारी करने जा रही है। संघर्ष समिति ने इस संबंध में एसडीएम नूरपुर के माध्यम से सरकार को एक अल्टीमेटम भेजकर चेतावनी दी कि पांच दिन के भीतर सरकार ने भवनों के अधिग्रहण की नीति की सूचना सार्वजनिक को नहीं की तो लोगों की सहायता से आंदोलन की शुरुआत करेगी। कहा कि संबंधित कार्यालय तक का घेराव भी किया जाएग। इस दौरान समिति के उपाध्यक्ष सुदर्शन शर्मा, बलदेव पठानिया, रामचंद्र शास्त्री, सुभाष पठानिया, जुगल वर्मा, बनारसी दास, पप्पू, भारत बक्शी, राजन आदि मौजूद रहे।
-भवन और परिसरों का मुआवजा सार्वजनिक निर्माण विभाग की ओर से सीपीडब्ल्यूडी की दरों के अनुरूप दिया जाएगा और इसकी तैयारियां अंतिम चरण में हैं। जमीन के मुआवजे पर दिए गए अक्टूबर माह के अवार्ड की राशि अगले सप्ताह तक प्रभावित लोगों के बैंक खातों में डाल दी जाएगी।- अनिल भारद्वाज, एसडीएम नूरपुर
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समिति की जसूर में एक बैठक दरबारी सिंह की अध्यक्षता में हुई। इसमें निर्णय लिया गया कि समिति जल्द ही एक मुहिम शुरू कर सभी प्रभावितों से आह्वान करेेगी कि फोरलेन परियोजना से प्रभावित ऐसी स्थिति के चलते अपने परिसरों का अधिग्रहण न होने दें। समिति के सचिव विजय सिंह, हीरो कोर कमेटी के अध्यक्ष अशोक शर्मा के अनुसार परिसरों के अधिग्रहण का मुआवजा क्या दिया जाएगा, आज दिन तक नहीं बताया गया। इससे यह स्पष्ट होता है कि सरकार एकतरफा निर्णय लेकर हजारों लोगों को सड़क पर लाने की तैयारी करने जा रही है। संघर्ष समिति ने इस संबंध में एसडीएम नूरपुर के माध्यम से सरकार को एक अल्टीमेटम भेजकर चेतावनी दी कि पांच दिन के भीतर सरकार ने भवनों के अधिग्रहण की नीति की सूचना सार्वजनिक को नहीं की तो लोगों की सहायता से आंदोलन की शुरुआत करेगी। कहा कि संबंधित कार्यालय तक का घेराव भी किया जाएग। इस दौरान समिति के उपाध्यक्ष सुदर्शन शर्मा, बलदेव पठानिया, रामचंद्र शास्त्री, सुभाष पठानिया, जुगल वर्मा, बनारसी दास, पप्पू, भारत बक्शी, राजन आदि मौजूद रहे।
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-भवन और परिसरों का मुआवजा सार्वजनिक निर्माण विभाग की ओर से सीपीडब्ल्यूडी की दरों के अनुरूप दिया जाएगा और इसकी तैयारियां अंतिम चरण में हैं। जमीन के मुआवजे पर दिए गए अक्टूबर माह के अवार्ड की राशि अगले सप्ताह तक प्रभावित लोगों के बैंक खातों में डाल दी जाएगी।- अनिल भारद्वाज, एसडीएम नूरपुर
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