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Kangra News: हादसे के लिए पत्नी को ठहराया अशुभ, 15 वर्ष बाद मिला तलाक
Thu, 27 Aug 2026 07:40 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कांगड़ा
संवाद न्यूज एजेंसी, कांगड़ा
Updated Thu, 27 Aug 2026 07:40 AM IST
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धर्मशाला। शादी के महज 15 दिन बाद पति के पहाड़ी से गिरकर अपंग होने पर ससुराल पक्ष ने पत्नी को ही हादसे का जिम्मेदार और परिवार के लिए अशुभ ठहरा दिया। करीब 15 साल तक मानसिक प्रताड़ना और अलगाव झेलने के बाद अब महिला को अदालत से इंसाफ मिला है। परिवार न्यायालय देहरा ने क्रूरता और परित्याग के आधार पर विवाह विच्छेद की डिक्री पारित कर दी है।
मामले में अतिरिक्त प्रधान न्यायाधीश सपना पांडे की अदालत ने पति को नोज रिंग और टॉप्स छोड़कर दहेज का सारा सामान लौटाने के आदेश दिए हैं। तहसील देहरा की शिकायतकर्ता ने अदालत को बताया कि उनका विवाह जनवरी 2007 में हुआ था। उस समय पति दिल्ली में बतौर चालक कार्यरत था।
शादी के करीब 15 दिन बाद वह पहाड़ी से नीचे गिर गया, जिससे उसके शरीर के निचले हिस्से में गंभीर चोट आई और वह चलने-फिरने में असमर्थ हो गया। पत्नी का कहना था कि मायके पक्ष ने पति के इलाज पर करीब 10 लाख रुपये खर्च किए, लेकिन इसके बावजूद पति और सास ने उसे ही इस हादसे के लिए दोषी ठहराते हुए अशुभ करार दे दिया।
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ससुराल में लगातार मिली प्रताड़ना के बाद महिला जुलाई 2011 में वैवाहिक घर छोड़ने को मजबूर हो गई। वहीं, पति ने अपने जवाब में पत्नी के आरोपों को नकारते हुए दावा किया था कि अपंग होने के कारण पत्नी ने खुद उसका साथ छोड़ा है। हालांकि मामले में साक्ष्य की बारी आने पर पति और उसका वकील अदालत में पेश नहीं हुए।
इसके बाद अदालत ने एकतरफा सुनवाई की। अदालत ने सभी तथ्यों और गवाहों के बयानों को परखते हुए विवाह को भंग करने का फैसला सुनाया। साथ ही अदालत ने पति को नोज रिंग और टॉप्स को छोड़कर सूची में दर्ज दहेज की वस्तुएं पत्नी को लौटाने के निर्देश दिए हैं।
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मामले में अतिरिक्त प्रधान न्यायाधीश सपना पांडे की अदालत ने पति को नोज रिंग और टॉप्स छोड़कर दहेज का सारा सामान लौटाने के आदेश दिए हैं। तहसील देहरा की शिकायतकर्ता ने अदालत को बताया कि उनका विवाह जनवरी 2007 में हुआ था। उस समय पति दिल्ली में बतौर चालक कार्यरत था।
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शादी के करीब 15 दिन बाद वह पहाड़ी से नीचे गिर गया, जिससे उसके शरीर के निचले हिस्से में गंभीर चोट आई और वह चलने-फिरने में असमर्थ हो गया। पत्नी का कहना था कि मायके पक्ष ने पति के इलाज पर करीब 10 लाख रुपये खर्च किए, लेकिन इसके बावजूद पति और सास ने उसे ही इस हादसे के लिए दोषी ठहराते हुए अशुभ करार दे दिया।
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ससुराल में लगातार मिली प्रताड़ना के बाद महिला जुलाई 2011 में वैवाहिक घर छोड़ने को मजबूर हो गई। वहीं, पति ने अपने जवाब में पत्नी के आरोपों को नकारते हुए दावा किया था कि अपंग होने के कारण पत्नी ने खुद उसका साथ छोड़ा है। हालांकि मामले में साक्ष्य की बारी आने पर पति और उसका वकील अदालत में पेश नहीं हुए।
इसके बाद अदालत ने एकतरफा सुनवाई की। अदालत ने सभी तथ्यों और गवाहों के बयानों को परखते हुए विवाह को भंग करने का फैसला सुनाया। साथ ही अदालत ने पति को नोज रिंग और टॉप्स को छोड़कर सूची में दर्ज दहेज की वस्तुएं पत्नी को लौटाने के निर्देश दिए हैं।