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Kangra News: मौसम की मार<bha>;</bha> भीगी गेहूं, मुरझाए किसान
Mon, 04 May 2026 01:30 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कांगड़ा
संवाद न्यूज एजेंसी, कांगड़ा
Updated Mon, 04 May 2026 01:30 AM IST
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थुरल में रविवार को हुई भारी बारिश से खेतों में भीग गई गेहूं की फसल। संवाद
-पालमपुर में करीब 95 प्रतिशत गेहूं अब भी खेतों में
-आलू की फसल को लेकर भी किसान चिंतित
-मौसम विभाग ने सात मई तक दी है बारिश की चेतावनी
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संवाद न्यूज एजेंसी
पालमपुर/थुरल (कांगड़ा)। जिले में शनिवार शाम से हो रही बारिश से किसानों को चेहरे मुरझा गए हैं। बारिश से खेतों में रखी गेहूं की फसल भीग गई है। साथ ही किसान आलू की फसल को लेकर भी चितिंत हैं। तैयार आलू की फसल को बारिश से नुकसान हो सकता है। उपमंडल पालमपुर में करीब 95 प्रतिशत गेहूं की फसल अभी खेतों में पड़ी है।
कई जगहों पर गेहूं की फसल खड़ी है तो कई जगहों पर किसानों ने काट कर खेतों में रखी है। काटी गई फसल को ओलावृष्टि से भी भारी नुकसान हुआ है। मौसम विभाग की ओर से सात मई तक बारिश की चेतावनी से किसान और चिंतित होने लगे हैं। शनिवार शाम को तेज बारिश के कारण किसानों को फसल को इकट्ठा करने का समय भी नहीं मिला। रविवार सुबह भी बारिश से फसल भीगी।
कई किसान आलू की फसल पर निर्भर हैं। किसान चुनी लाल, रविंद्र सिंह, पिंकु, उत्तम गोस्वामी, प्रदीप कुमार, अनिल, राजेंद्र कुमार, संजय कपूर, केहर सिंह कपूर आदि का कहना है कि गेहूं की फसल खेतों में पड़ी है।
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अभी तक बारिश का इतना ज्यादा असर गेहूं की खेती पर नहीं पड़ा है। बारिश या ओलावृष्टि और होती है तो खड़ी व काटी गई गेहूं को नुकसान हो सकता है। किसान अपने खेतों में पानी इकट्ठा न होने दें। -डॉ. कुलदीप धीमान, जिला कृषि उपनिदेशक, कांगड़ा
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-आलू की फसल को लेकर भी किसान चिंतित
-मौसम विभाग ने सात मई तक दी है बारिश की चेतावनी
संवाद न्यूज एजेंसी
पालमपुर/थुरल (कांगड़ा)। जिले में शनिवार शाम से हो रही बारिश से किसानों को चेहरे मुरझा गए हैं। बारिश से खेतों में रखी गेहूं की फसल भीग गई है। साथ ही किसान आलू की फसल को लेकर भी चितिंत हैं। तैयार आलू की फसल को बारिश से नुकसान हो सकता है। उपमंडल पालमपुर में करीब 95 प्रतिशत गेहूं की फसल अभी खेतों में पड़ी है।
कई जगहों पर गेहूं की फसल खड़ी है तो कई जगहों पर किसानों ने काट कर खेतों में रखी है। काटी गई फसल को ओलावृष्टि से भी भारी नुकसान हुआ है। मौसम विभाग की ओर से सात मई तक बारिश की चेतावनी से किसान और चिंतित होने लगे हैं। शनिवार शाम को तेज बारिश के कारण किसानों को फसल को इकट्ठा करने का समय भी नहीं मिला। रविवार सुबह भी बारिश से फसल भीगी।
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कई किसान आलू की फसल पर निर्भर हैं। किसान चुनी लाल, रविंद्र सिंह, पिंकु, उत्तम गोस्वामी, प्रदीप कुमार, अनिल, राजेंद्र कुमार, संजय कपूर, केहर सिंह कपूर आदि का कहना है कि गेहूं की फसल खेतों में पड़ी है।
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अभी तक बारिश का इतना ज्यादा असर गेहूं की खेती पर नहीं पड़ा है। बारिश या ओलावृष्टि और होती है तो खड़ी व काटी गई गेहूं को नुकसान हो सकता है। किसान अपने खेतों में पानी इकट्ठा न होने दें। -डॉ. कुलदीप धीमान, जिला कृषि उपनिदेशक, कांगड़ा

थुरल में रविवार को हुई भारी बारिश से खेतों में भीग गई गेहूं की फसल। संवाद

थुरल में रविवार को हुई भारी बारिश से खेतों में भीग गई गेहूं की फसल। संवाद

थुरल में रविवार को हुई भारी बारिश से खेतों में भीग गई गेहूं की फसल। संवाद

थुरल में रविवार को हुई भारी बारिश से खेतों में भीग गई गेहूं की फसल। संवाद

थुरल में रविवार को हुई भारी बारिश से खेतों में भीग गई गेहूं की फसल। संवाद